नई दिल्ली: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम का ऐलान कर दिया गया है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी छोड कर आए नेताओं को बनाया गया है। राष्ट्रीय सचिव इस बार पार्टी ने आम आदमी पार्टी (आप) को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए संदीप पाठक को संगठन में मौका दिया है. उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है. वहीं, यूपीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी को भी राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है. बीजेपी ने नितिन नवीन की नई टीम में गुजरात के रोहन गुप्ता को राष्ट्रीय मंत्री की अहम जिम्मेदारी दी है। कांग्रेस में करीब 15 साल रहने के बाद 2024 में बीजेपी में शामिल हुए रोहन गुप्ता पर पार्टी ने भरोसा जताया है।

आम आदमी पार्टी से आए संदीप पाठक को बीजेपी ने राष्ट्रीय सचिव बनाया
संदीप पाठक संदीप पाठक का जन्म 4 अक्टूबर 1979 को छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी स्थित बटहा गांव में हुआ था. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लोरमी में पूरी की और बाद में बिलासपुर चले गए. उन्होंने यूके की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में भी पढ़ाई की है. भारत लौटने के बाद, उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया. 2016 में आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल होने के बाद, उन्होंने 2020 में आईआईटी दिल्ली से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हो गए. उन्हें पंजाब और दिल्ली में AAP की चुनावी रणनीतियों का मास्टरमाइंड माना जाता है, जहां उन्होंने पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अप्रैल 2022 में, उन्हें पंजाब से राज्यसभा सांसद चुना गया और बाद में उन्हें AAP का राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) नियुक्त किया गया. हाल ही में संदीप बीजेपी में शामिल हो गए थे.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए.के. एंटनी के पुत्र अनिल एंटनी को राष्ट्रीय सचिव बनाया
अनिल एंटनी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए.के. एंटनी के पुत्र हैं. उन्होंने तिरुवनंतपुरम के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बाद में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका से ‘मैनेजमेंट साइंस एंड इंजीनियरिंग’ में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने सिस्को सिस्टम्स, ग्रांट थॉर्नटन और बेसीम कम्युनिकेशंस जैसी कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम किया है.अनिल एंटनी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ की थी. कांग्रेस में वे केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के डिजिटल मीडिया सेल के संयोजक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशंस सेल के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में कार्यरत थे. उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के राज्य युद्ध कक्ष की स्थापना और प्रबंधन में भी भूमिका निभाई, जिसमें राहुल गांधी के वायनाड निर्वाचन क्षेत्र के सोशल मीडिया हैंडल और डिजिटल अभियानों का प्रबंधन भी शामिल था.जनवरी 2023 में, उन्होंने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवाद के बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीबीसी के विचारों को भारतीय संस्थानों से ऊपर रखना देश की संप्रभुता को कमजोर करेगा. इसके बाद, अप्रैल 2023 में, वह बीजेपी में शामिल हो गए. 2024 के लोकसभा चुनावों में, उन्होंने केरल के पथानामथिट्टा निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा. वह पाइथिया डेटा के प्रबंध निदेशक और कई प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के सलाहकार भी हैं.

करीब 15 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे, बीजेपी ने राष्ट्रीय सचिव बनाया
बीजेपी की नई राष्ट्रीय कोर कमेटी की टीम में सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाला और मास्टस्ट्रोक नाम है रोहन गुप्ता का। जानते हैं रोहन गुप्ता कौन हैं और नितिन नवीन ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों सौंपी? गुजरात की राजनीति में रोहन गुप्ता एक सक्रिय नेता हैं। रोहन गुप्ता लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे थे। करीब 15 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद उन्होंने मार्च 2024 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले कांग्रेस ने उन्हें अहमदाबाद की पूर्व लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने पिता की बीमारी की हवाला देते हुए चुनावी मैदान से नाम वापस ले लिया था। इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।अप्रैल 2024 में रोहन गुप्ता बीजेपी में शामिल हो गए। दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली और उसकी राजनीतिक दिशा पर सवाल उठाए थे। गुप्ता ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस अपने पुराने विचारों और मूल मुद्दों से दूर हो गई है।बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी ने पार्टी ने उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के इलेक्शन वॉर रूम की जिम्मेदारी सौंपी थी। रोहन गुप्ता विवादों में भी घिर चुके हैं। साल 2020 में उन्होंने गुजरात के स्थानीय व्यापारिक नेताओं के साथ लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार कर दिया था।राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से देखें तो कांग्रेस से बीजेपी में आए रोहन गुप्ता अब पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के संचार और राजनीतिक अभियान में एक मुखर चेहरा बनकर उभर रहे हैं। गुजरात से आने के कारण राज्य की राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बीजेपी के लिए उनकी खासियत यह है कि वे कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और उसके कामकाज से परिचित होने के कारण विपक्ष पर सीधे और मुद्देवार हमला कर
