रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को सुबह 9 बजे से शाम चार बजे तक मतदान के बाद पांच बजे मतगणना शुरू हुई। राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग के बीच इंडिया गठबंधन को झारखंड में तगड़ा झटका लगा है। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के 56 विधायक रहने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पार्टी के प्रत्याशी बैजनाथ राम को दिल्ली भेजने में सफल रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रत्याशी बैजनाश राम को 31 वोट मिले।
परिमल नाथवानी को प्रथम वरीयता के 28 वोट मिले
भाजपा विधायक प्रदीप कुमार ने बताया कि परिमल नाथवानी को प्रथम वरीयता के 28 वोट मिले, जो उनकी जीत के लिए पर्याप्त है। बताया गया है कि परिमल नाथवानी को 30 वोट मिले, लेकिन इनमें से उनके 2 वोट कैंसिल हो गए। इसके अलावा एक और वोट इनवैलिड हुए हैं। यह वोट किसके पक्ष में गिरा था, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।
चुनाव परिणाम के बाद क्रॉस वोटिंग की आशंका
राज्यसभा चुनाव में सबसे पहले एनडीए और बीजेपी विधायकों ने मतदान किया। अंतिम वोट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने डाला। वहीं, उनसे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मतदान किया। सभी 81 विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव परिणाम के बाद क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई जा रही है। यह भी जानकारी मिली है कि 81 विधायकों में से 3 वोट अमान्य हो गए। बाकी 78 में से 31 वोट झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार बैजनाथ राम को मिला, 28 वोट एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी को मिला, जबकि प्रणव झा को केवल 19 वोट मिले।
एनडीए का 2 और कांग्रेस का 1 वोट अमान्य
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एनडीए के 2 वोट अमान्य हो गए, जबकि कांग्रेस का 1 वोट अमान्य हो गया। चुनाव परिणाम से साफ है कि राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग की जो आशंका जताई जा रही थी, वो सच साबित हुई है। सत्ताधारी दल के कुछ विधायकों ने परिमल नाथवानी के समर्थन में क्रॉस वोटिंग की है।
