नई दिल्ली; संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन भी भारी हंगामा देखने को मिला. ‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी’ के मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया है. प्रियंका गांधी और डिंपल यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया और ‘चंदा चोर’ के नारे लगाए.विपक्ष की इस भारी नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही महज 3 मिनट चलकर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई. वहीं, राज्यसभा भी 12 बजे तक स्थगित रही. दूसरी तरफ बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने पलटवार करते हुए सपा को ही इसका जिम्मेदार ठहराया है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने NDA सांसदों के साथ ‘मंगल मिलन’ बैठक भी की.

सपा सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर बड़ा हमला किया. उन्होंने कहा कि ये पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है. विपक्ष चाहता है कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए लेकिन, सरकार इससे भाग रही है. सरकार जवाब नहीं देना चाहती है. डिंपल यादव ने कहा कि “राम मंदिर दान चोरी का मामला पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है. राम मंदिर में जो दान पात्र की चोरी हुई, धातुओं की चोरी हुई है तो इसे लेकर लोगों में आक्रोश है. हम चाहते हैं कि इस पर चर्चा हो लेकिन, ये सरकार चर्चा नहीं कराना चाहती है.”
सपा सांसद ने कहा कि ये देश का पैसा है और हम चाहते थे कि सही ढंग से इसका इस्तेमाल हो, करोड़ों रुपये लूट लिए गए हैं. अभी तो ये भी नहीं पता कि कितने पैसे लुटे हैं. जब से मंदिर की स्थापना हुई, ये मंदिर बना, इसके निर्माण पर उंगलिया उठाई जा रही है. जमीनों को लेकर, दानपात्र को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ये देश की धरोहर है मुझे लगता है कि सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. बता दें कि संसद का मानसून सत्र इस बार भी हंगामे की भेंट चढ़ता दिख रहा है. सत्र के पहले दो हफ्ते विपक्षी दलों ने नीट परीक्षा को लेकर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया और अब सपा समेत पूरा इंडिया गठबंधन राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सत्ता पक्ष पर हमलावर है.

खड़गे बोले- ED कहां है, रिजिजू ने कहा- विपक्ष घड़ियाली आंसू बहा रहा
संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 19 मिनट चल पाई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने इस दौरान टैक्स संशोधन से जुड़े बिल पेश किए। इसके बाद सदन बुधवार तक के लिए स्थगित हो गई।
राज्यसभा की कार्यवाही दिन में दो बार स्थगित हुई। 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के आधे घंटे के भीतर स्थगित भी हो गई। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन 20 मिनट ही चल पाई। दोपहर 2 बजे कार्यवाही फिर शुरू हुई।इससे पहले राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच बहस हुई। खड़गे ने कहा- राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था। ट्रस्ट को 70 एकड़ से ज्यादा जमीन सौंपी। पीएम खुद राम मंदिर से जुड़े हर आयोजन में शामिल हुए। अब ED, CBI और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां कहां हैं। सरकार को सदन में इसका जवाब देना चाहिए।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर बनने पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया था। आज वही लोग घड़ियाली आंसू बहाकर देश को गुमराह नहीं कर सकते। पहले भगवान राम का अपमान करने के लिए देश से माफी मांगिए, उसके बाद सरकार से जवाब मांगिए।रिजिजू ने कहा कि इन्हें भगवान राम को लेकर दिए गए अपने उन बयानों पर माफी मांगनी चाहिए. ये लोग राम मंदिर निर्माण का विरोध करने के लिए हाथ पर काली पट्टी बांध आते थे. भारी हंगामे के बीच रिजिजू ने कहा, ”ये जो विपक्ष के नेता कर रहे हैं, इस मुद्दे को लेकर संसद के बाहर भी हंगामा करते हैं और सदन चलने नहीं देते. दूसरे सदस्यों की बात भी नहीं सुनते, सिर्फ खुद ही बोलना चाहते हैं. सभापति महोदय, नेता प्रतिपक्ष होने के नाते इन्हें जितना समय दिया जाता है, उसका हर बार दुरुपयोग किया जाता है. हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते.” उन्होंने कहा कि बाकी सदस्यों ने भी नोटिस दिए हुए हैं, उन्हें भी बोलने का अवसर मिलना चाहिए. हर बार नियमों का नाम लेकर ये खड़े हो जाते हैं और रोज एक ही मुद्दा उठाते रहते हैं. यह नहीं होगा, यह नहीं चलेगा. संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह सदन सभी सदस्यों का है, केवल नेता प्रतिपक्ष का नहीं. इसलिए इन्हें इस तरह बार-बार बोलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. रिजिजू का कहना था कि ये वहीं लोग हैं जो राम और राम मंदिर के खिलाफ थे. पक्ष व विपक्ष दोनों ही और के सांसदों द्वारा सदन में शोर और नारेबाजी को देखते हुए सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 तक के लिए स्थगित कर दिया.
अरविंद सावंत : सदन चलाना सत्ता पक्ष का काम, राम मंदिर मुद्दे पर मांगी बहस
संसद के मानसून सत्र के दौरान कार्यवाही बाधित होने को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री व शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने सरकार पर निशाना साधा है। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सदन नहीं चल रहा है तो इसकी जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं है। अरविंद सावंत ने साफ तौर पर कहा, ‘अगर सदन नहीं चल रहा है तो हम जिम्मेदार नहीं हैं।सदन को चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की है।’ उनके मुताबिक विपक्ष लगातार चर्चा चाहता है लेकिन सरकार मुद्दों से बच रही है। सांसद सावंत ने इस दौरान अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हम लगातार मांग कर रहे हैं कि संसद में इस विषय पर चर्चा हो कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला क्या है।
सत्ता पक्ष चर्चा के बजाय सदन में गतिरोध पैदा कर रहा
उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा, अगर सरकार अयोध्या में राम मंदिर बनाने का श्रेय ले सकती है तो फिर मंदिर में हुई कथित चोरी पर चर्चा करने से क्यों मना कर रही है? सावंत का इशारा था कि जब सरकार उपलब्धियों को गिनाने में आगे रहती है तो विवादों और सवालों पर भी जवाबदेही तय करनी चाहिए।शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष चर्चा के बजाय सदन में गतिरोध पैदा कर रहा है जिसके कारण जरूरी मुद्दे पीछे छूट जा रहे है। उनका कहना था कि महंगाई, बेरोजगारी और धार्मिक संस्थानों से जुड़े संवेदनशील मामलों पर संसद में खुली बहस होनी चाहिए जिससे जनता के सामने सच्चाई आ सके।अरविंद सावंत ने दोहराया कि विपक्ष अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है लेकिन पहले सरकार को सदन चलाने और चर्चा कराने की पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस और संवाद ही सबसे बड़ा हथियार है और उसे दबाया नहीं जाना चाहिए।
