लखनऊ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद सामने आने के 17 दिन बाद सीएम योगी ने इस पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. विवाद सामने आने के बाद शुक्रवार को पहली वह बार अयोध्या पहुंचे. हर किसी को इस मामले पर सीएम योगी के बयान का इंतजार था. उन्होंने रामभक्तों को भरोसा देते हुए कहा है कि बस 15 दिन और इंतजार कर लें, थोड़ा धैर्य बनाए रखें और बल्कुल भी चिंता न करें.सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT जांच के आदेश दिए हैं. जांच पूरी होने पर पूरा सच सामने आएगा और जो भी अपराधी होगा वह बचेगा नहीं.
अपराधी जो भी हो, वह बचेगा नहीं
सीएम योगी ने लोगों से SIT की रिपोर्ट आने तक कोई बयानबाजी न करने की अपील करते हुए कहा कि इससे जांच प्रभावित होती है. उन्होंने कहा कि गैरजरूरी रूप से किसी का चरित्र हनन न करें और अयोध्या को बदनाम न करें. अपराधी जो भी होगा, वह बचेगा नहीं. अखिलेश पर तंज कसते हुए सीएम योगी ने कहा कि वो लोग हमें क्या बताएंगे जो राम भक्तों को अपमानित करते थे और माफिया की कब्र पर जाकर फातिया पढ़ते थे, वो हमें अब राम भक्ति का उपदेश देने चले हैं.
अखिलेश पर सीएम योगी का तंज
वहीं राम मंदिर चोरी के अखिलेश यादव के आरोपों को लेकर सपा पर तंज कसते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिन्होंने कभी राम भक्तों और कार सेवकों पर गोली चलाने का आदेश दिया था और ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वालों पर लाठियां बरसाई थीं, वे अब उपदेश देने निकले हैं.सीएम योगी ने सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी गैर-जिम्मेदाराना या लापरवाही भरी टिप्पणी न करें, जिससे राम भक्तों की भावनाएं आहत हों.
सबूत हों तो SIT को सौंपें, बस 15 दिन इंतजार करें
अगर किसी के पास दस्तावेजी सबूत हैं, तो उन्हें SIT को सौंप दें. वह जांच करेगी. उन्होंने राम भक्तों से अपील करते हुए कहा कि भगवान राम ने हमें ‘मर्यादा’ (उचित और गरिमापूर्ण आचरण) का पाठ पढ़ाया और गरिमा के साथ जीने के लिए प्रेरित किया. इसी गरिमा को बनाए रखते हुए, हमारे पूर्वजों ने भगवान राम के पवित्र स्थल को वापस पाने के लिए 500 सालों तक संघर्ष किया. हमने पांच सदियों तक यह संघर्ष किया है. बस 15 दिन और इंतजार कर लें.
