लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने विपक्षी सांसदों के संसद से चुनाव आयोग तक मार्च को बीच में ही रोके जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त हमसे क्यों नहीं मिल रहे हैं? पुलिस हमें चुनाव आयोग जाने से क्यों रोक रही है और धमका रही है। राहुल गांधी ने कहा कि संसद से हमारे साथ 300 सांसद चुनाव आयोग जाना चाहते थे। हालांकि, उन्हें बीच में ही रोक दिया गया। हम करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं। आखिर 300 सांसदों को क्यों रोका गया है।

राहुल गांधी बोले- देश में क्या हो रहा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने हमें यहीं रोक दिया। हम चुने हुए प्रतिनिधि हैं, लेकिन हमें नहीं पता कि हमें यहां क्यों रोका गया है। हमें समझ नहीं आ रहा कि समस्या क्या है, जबकि चुनाव आयोग का दफ्तर यहां से सिर्फ 50 मीटर दूर है। विपक्ष के 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं, लेकिन वे डरे हुए हैं। देश में क्या हो रहा है? लोकतंत्र का क्या मतलब है अगर चुनाव आयोग चुने हुए प्रतिनिधियों से ही न मिले?
‘मैं यहां लोकतंत्र को बचाने के लिए खड़ा हूं’
राहुल गांधी ने कहा कि हम सिर्फ BJP का मुकाबला नहीं कर रहे हैं, हम उन्हें खत्म कर देंगे। BJP क्या कहती है, इसमें मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं यहां भारत में लोकतंत्र को बचाने के लिए खड़ा हूं। मेरे साथ 300 सांसद भी यहां आए थे जो लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं। अमित शाह, नरेंद्र मोदी, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश में लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। पूरा देश इस बात से सहमत है।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी, शाह, भागवत का लिया नाम
कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश के युवा इसे समझते हैं और इससे सहमत हैं। यहां तक कि पुलिसकर्मी भी इससे सहमत हैं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मोहन भागवत ने ‘वोट चोरी’ के जरिए देश पर कब्जा कर लिया है, और ज्ञानेश कुमार ने इसमें उनकी मदद की है। उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हमारे देश के साथ जो किया गया है, उसे देशद्रोह कहा जाता है; कोई भी बच नहीं पाएगा।

राहुल गांधी बोले- कोई भी बच नहीं पाएगा
राहुल गांधी ने आगे कहा कि हम न सिर्फ बीजेपी मुकाबला करेंगे, बल्कि उन्हें खत्म कर देंगे। हमारे देश के साथ जो किया गया है, वह देशद्रोह है। कोई भी बच नहीं पाएगा। मंगलवार को संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों के मार्च को पुलिस रोक लिया। इसके बाद विपक्षी सांसद नीति आयोग के दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गए। जिसके बाद उनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
आकाशवाणी भवन में राहुल गांधी और प्रियंका
इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा कुछ अन्य समर्थकों के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हो गये और वहां एक पेड़ के नीचे बैठ गए। विपक्षी गठबंधन का यह मार्च मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने की मांग को लेकर था।
जब बैरिकेड्स पर चढ़ गए राहुल गांधी
इससे पहले निर्वाचन सदन की तरफ बढ़ने से रोके जाने के बाद, विपक्षी सांसदों ने विरोध में सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। जल्द ही राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए, जबकि हिरासत में लिए जाने के लिए प्रियंका गांधी को वहां खड़ी एक बस में ले जाया गया। हालांकि प्रियंका को जल्द ही बस से उतरते हुए देखा गया और वह आकाशवाणी भवन के गेट पर अपने भाई राहुल के पास पहुंच गयीं।
विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया
पुलिस की ओर से रोके जाने के बावजूद, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और दीपेंद्र हुड्डा स्वागत द्वार से आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए। बाद में उन्हें एक पेड़ के नीचे बैठे देखा गया। विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने के बाद धरना खत्म हो गया। हालांकि राहुल, प्रियंका समेत कई कांग्रेस नेता अब भी आकाशवाणी भवन में ही हैं।
