चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर शनिवार को दोबारा वोटिंग कराने का फैसला किया है। दरअसल 29 अप्रैल को हुई वोटिंग के दौरान डायमंड हार्बर के 4 और मगराहट पश्चिम के 11 बूथों पर हिंसा, EVM से छेड़छाड़ और झड़प हुई थी। जिससे मतदान प्रभावित हुआ था।
वहीं कोलकाता में EVM स्ट्रॉन्गरूम के बाहर टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के धरना और प्रदर्शन के बाद सिक्योरिटी सख्त कर दी गई है। पुलिस ने कोलकाता के 7 स्ट्रॉन्ग रूम के 200 मीटर के दायरे में 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकठ्ठा होने पर रोक लगा दी है और CAPF की करीब 700 कंपनियां तैनात की गई हैं।
प्रशासन ने यह फैसला खुदीराम अनुशीलन केंद्र के स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर गुरुवार रात टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के 5 घंटे विरोध-प्रदर्शन के बाद लिया गया है। दरअसल TMC ने गुरुवार रात चुनाव अधिकारियों पर बिना सूचना दिए EVM स्ट्रॉन्ग रूम खोलने, EVM से छेड़छाड़ और वहां संदिग्ध लोग मौजूद होने के आरोप लगाए थे।
चुनाव आयोग ने आरोपों से इनकार कर कहा था कि पोस्टल बैलेट की छंटाई हो रही थी। सभी EVM सुरक्षित हैं। 3 लेवल की सिक्योरिटी में यह नामुमकिन है।भाजपा नेता और भवानीपुर से उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित EVM स्ट्रॉन्ग रूम में जाएंगे। गुरुवार रात 8 बजे CM ममता बनर्जी भी इसी EVM स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं थीं और करीब 4 घंटे अंदर रहीं।
स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर आकर ममता ने कहा था, ‘अगर EVM लूटने और मतगणना में हेरफेर की कोशिश हुई तो हम जान की बाजी लगा देंगे। चुनाव के ऐलान के बाद से राज्य की पुलिस चुनाव आयोग के दबाव में काम कर रही है। रोजाना पुलिस को सस्पेंड करने और केस लगाने को लेकर डराया जा रहा है।
