प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोक सभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान संबोधित करते हुए इसे भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण पल आते हैं, जब समाज की मनोस्थिति और नेतृत्व की क्षमता मिलकर उस अवसर को एक स्थायी राष्ट्रीय धरोहर में बदल देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि इस विधेयक को 25-30 वर्ष पहले लागू किया गया होता, तो आज तक यह और अधिक परिपक्व हो चुका होता तथा समय के अनुसार इसमें आवश्यक सुधार भी किए जा सकते थे। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि भारत की हजारों वर्षों की लोकतांत्रिक परंपरा में यह एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने का अवसर है।पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर अपने वक्तव्य रखते हुए कहा कि हमारे देश में जबसे महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई. उसके बाद जब-जब चुनाव आया है. हर चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिस ने विरोध किया है, देश की महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया है. उनका हाल बुरे से बुरे किया है. 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ है. ऐसा इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि सबने सहमति से पारित किया. किसी के पक्ष में राजनीतिक फायदा नहीं हुआ.पीएम मोदी ने कहा कि हम सब भाग्यवान हैं. हमारे लिए सौभाग्य है कि हम नीति निर्धारण का हिस्सा बन सके. हम भारतीय सब मिलकर देश को नई दिशा देने जा रहे हैं.
उन्होंने सभी सांसदों से अपील करते हुए कहा कि वे इस ऐतिहासिक अवसर को हाथ से न जाने दें और मिलकर देश की आधी आबादी महिलाओं को राष्ट्र निर्माण और नीति निर्धारण की प्रक्रिया में समान भागीदारी दें। उन्होंने कहा कि यह कदम शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता और समावेशिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इस विचार-विमर्श से निकले निष्कर्ष देश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों को तय करेंगे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर उसकी स्वीकृति बढ़ रही है, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत’ की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल भौतिक ढांचे, जैसे सड़क, रेल या आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को साकार करने के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि देश में जब-जब महिला आरक्षण का विरोध हुआ है, तब-तब महिलाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से उसका जवाब दिया है। उन्होंने इस विधेयक को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी दलों से इसे समर्थन देने की अपील की।
हम नारी शक्ति को उसका हक दे रहे
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बेटियां कमाल कर रही हैं. उसको हिस्सेदारी रोकने के लिए क्यों अपनी ताकत गवां रहे हैं. इसे राजनीतिक के तराजू से मत तौलिए. यह राष्ट्रहित का निर्णय है.उन्होंने कहा कि आज का अवसर, एक साथ बैठकर, एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में नारी शक्ति की भागीदारी को स्वीकार करने का अवसर है.पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति हमारा निर्णय तो देखेगी और निर्णय से ज्यादा हमारी नियत को देखेगी. हमारी नीयत की खोट हमारी नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी.उन्होंने कहा कि हम इस भ्रम में नहीं रहे कि हम नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं. यह उनका हक है. कई दशकों को रोका रखा है. आज उसका प्रायश्चित करने का यह अवसर है.
तीन दशक तक रोक कर रखा
उन्होंने कहा कि 25-30 साल पहले, महिला आरक्षण का विरोध करने वालों ने अपने विरोध को राजनीतिक सतह से नीचे नहीं जाने दिया. आज ऐसा सोचने की गलती न करें. पिछले 25-30 सालों में, पंचायत चुनाव सिस्टम में जमीनी स्तर पर जीती हुई बहनों में एक राजनीतिक चेतना आई है. पहले वे चुप रहती थीं, समझती थीं लेकिन बोलती नहीं थीं.आज वे मुखर हैं. इसलिए, आज चाहे कोई भी पक्ष या विपक्ष हो, वे लाखों बहनें जिन्होंने पंचायतों में प्रतिनिधित्व किया है, जिन्होंने लोगों के सुख-दुख को गहराई से देखा है, वे आंदोलित हैं.
मैं क्रेडिट का बलैंक चेक देने के लिए तैयार हूं
पीएम मोदी ने कहा कि यदि विरोध करेंगे तो राजनीतिक लाभ मुझे होगा, यदि विरोध नहीं करेंगे तो किसी को फायदा नहीं होगा. हमे क्रेडिट नहीं चाहिए. क्रेडिट ले लो. कल हम फोटो छपवा देंगे. ले लो क्रेडिट, जिसकी फोटो छपवानी हो. सरकारी पैसे से छपवा देंगे. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं.पीएम मोदी ने कहा कि इस बिल में राज्यों के साथ कोई भेदभाव नहीं है. विकास की गति देने के लिए महिलाओं के साथ की जरूरत है.पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में 900 से अधिक शहरों में शहरी नगरपालिका के प्रमुख के रूप में देखने वाली बहनें हैं. आज देश को जो प्रगति कर रहा है. इनका भी महत्वपूर्ण योगदान है. उन्होंने कहा कि आज जब अनुभव सदन के साथ जुड़ेगा तो कई गुणा ताकत बढ़ा देगा.
नजर नहीं लग जाए, काला टीका लगाने के लिए धन्यवाद
पीएम मोदी ने कहा कि यह अवसर है कि पुरानी जो भी मर्यादा या मुश्किलें रही होगी और हिम्मत के साथ आगे बढ़े और नारी शक्ति के राष्ट्र के विकास में सहभागिता को सुनिश्चित करें. हमें सर्वसम्मति से इसे आगे बढ़ाना चाहिए. यदि सर्वसम्मति से आगे बढ़ता है तो ट्रेजरी बेंच पर भी दबाव रहता है. सामूहिक शक्ति से परिणाम अच्छे मिलते हैं.पीएम मोदी ने कहा कि इसे राजनीति के तराजू से नहीं तोले. देश के आधा जिम्मा जो उठा रहे हैं, उनका भी हक बनता है, उन्हें रोकना नहीं चाहिए. संख्या के संबंध में भी एकमत पहले से बनता आया था.उन्होंने कहा कि अपने यहां कोई काम करते हैं और उस पर नजर न लग जाए. आपका धन्यवाद करता हूं काला टीका लगाने के लिए.
