नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार (6 सितंबर) को एक 5 मंजिला इमारत गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। 27 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिसमें से 7 लोगों की मौत हो गई। फिलहाल पांच लोग घायल हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। वहीं मुख्य आरोपी हरिराम को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। गौरतलब है कि रविवार को दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी। अचानक घटी इस घटना से इमारत के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला और वह मलबे के नीचे दब गए।
हरिराम की पत्नी और बेटा भी गिरफ्तार
सत्य निकेतन मामले में हरिराम के बाद उसका बेटा महेश और हरिराम की पत्नी उर्मिला को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तीनों की गिरफ्तारी हो गई है। जानकारी के मुताबिक हरिराम और उसके बेटे महेश के नाम बिजली का कनेक्शन था, जबकि प्रॉपर्टी ऑन पेपर हरिराम की पत्नी उर्मिला के नाम थी।
हादसे में कुल 7 लोगों की मौत
अभिषेक पुत्र संतोष कुमार निवासी सोनभद्र, उत्तर प्रदेश, उम्र 20 वर्ष (छात्र)
युवराज सोनी पुत्र कन्हैया लाल सोनी निवासी दुर्ग, छत्तीसगढ़, उम्र 20 वर्ष (छात्र)
पवन पुत्र विशम्भर नाथ निवासी औरैया, उ.प्र., उम्र 17 वर्ष (छात्र)
अर्पित जहाज पुत्र भूपेन्द्र जहाज निवासी देवास, म.प्र., उम्र 19 वर्ष (छात्र)
अक्षत सिंह यादव पुत्र मंटा सिंह यादव निवासी कटनी, म.प्र., उम्र 18 वर्ष (छात्र)
सुरिंदर सिंह पुत्र केवल सिंह, उम्र 75 वर्ष (मजदूर)
अज्ञात पुरुष
सत्य निकेतन हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा
सत्य निकेतन में हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है। मलबे को पूरी तरह से हटा लिया गया है। करीब 27 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला है। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में, अलग-अलग एजेंसियों की लगातार कोशिशों से मलबे में दबे कई लोगों को बचाया गया। बचाए गए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। कुल 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 7 लोगों की (जिनमें एक अज्ञात पुरुष भी शामिल है) चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि 5 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। इलाज करा रहे 5 लोगों में से 3 गंभीर रूप से घायल हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD और दिल्ली सरकार को भेजा नोटिस
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने MCD और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने अधिकारियों से बचाव कार्यों में अपनी कोशिशें दोगुनी करने को कहा है ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि 50 छात्रों की जान दांव पर लगी है। कुछ छात्र अभी भी मलबे के नीचे दबे हैं। इससे ज़्यादा दुखद कुछ नहीं हो सकता। आप ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि “आप ज़िम्मेदारी से भाग नहीं सकते”।
सीएम रेखा गुप्ता ने अबतक हुई कार्रवाई की दी जानकारी
सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पर कहा, “सत्य निकेतन की दुखद घटना के बाद MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इमारत के मालिक को गिरफ़्तार कर लिया गया है। पूरी दिल्ली में उन इमारतों को तुरंत सील करने का आदेश दिया गया है जिनमें बिना मंज़ूरी के पांचवीं मंज़िल बनी हुई है। आस-पास के PG और इमारतों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने पर सीलिंग समेत सख़्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। जो भी दोषी या ज़िम्मेदार पाया जाएगा, उसे बख़्शा नहीं जाएगा।”
आरोपी हरिराम को लेकर दिल्ली आ रही पुलिस
दिल्ली पुलिस आरोपी हरिराम को भिवाड़ी से दिल्ली ला रही है। दिल्ली में हरिराम का मेडिकल करवाया जाएगा। उसके बाद हरिराम को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी। दिल्ली पुलिस हरिराम की कस्टडी की मांग करेगी। दरअसल पुलिस जानना चाहती है कि हादसे के बाद हरिराम क्यों भागा? क्या हरिराम गुप्ता ने कोई सबूत मिटाने की कोशिश थी? FIR दर्ज होने के बाद जब दिल्ली पुलिस हरिराम के घर पहुंची तो वो वहां से भाग गया था।
बिल्डिंग को नहीं दी गई थी नोटिस: MDC कमिश्नर
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर संजीव खिरवार ने कहा, “दुर्भाग्य से, इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई है। हमें लगता है कि गिरी हुई इमारत के बगल वाली इमारत भी कमजोर हो गई है; रात भर उसे मज़बूत करने का काम किया गया। अगले 1-2 दिनों में हम उसे योजनाबद्ध तरीके से गिराने की कार्रवाई करेंगे।”उन्होंने कहा, “अगस्त में, हमने इसी इलाके की 3-4 इमारतों को गिराने के आदेश जारी किए थे। हमारे पास सटीक आंकड़े नहीं हैं। इमारतों की पहचान करने का काम नियमित रूप से किया जाता है। पिछले तीन महीनों में 960 इमारतों को गिराया गया, 407 इमारतों को सील किया गया और 1500 इमारतों को सील करने और गिराने के लिए नोटिस जारी किए गए। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करना एक नियमित प्रक्रिया है।”कमिश्नर संजीव खिरवार ने आगे कहा, “1970 के दशक की इस इमारत को कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही इसे सील किया गया। इस इमारत के बारे में कोई शिकायत भी नहीं मिली थी।”
MCD के पांच अधिकारियों को किया गया सस्पेंड
सत्य निकेतन हादसे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में कुल पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर,अस्सिटेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है।
CM ने कहा- समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और सेफ्टी सर्टिफिकेशन होना जरूरी किया जाएगा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “सरकार, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर एक ऐसी पॉलिसी बना रही है जिसके तहत पब्लिक इस्तेमाल वाली किसी भी इमारत—चाहे वह PG हो, नर्सिंग होम हो, स्कूल हो या कोई और सुविधा—का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और सेफ्टी सर्टिफिकेशन होना ज़रूरी होगा; वरना, वहां कोई भी पब्लिक गतिविधि करने की इजाजत नहीं होगी। हम किसी को भी असुरक्षित PG में रहने नहीं देंगे। इमारत से निकाले गए लोगों के लिए कॉलेज हॉस्टल में रहने का इंतजाम किया गया है और सरकार उनकी जरूरतों का ध्यान रख रही है। हम इस घटना से प्रभावित छात्रों के माता-पिता के संपर्क में हैं और उनकी परेशानी कम करने के लिए उन्हें पूरी मदद दे रहे हैं। जिन सरकारी अधिकारियों की देखरेख में कमी, लापरवाही या दूसरी गलतियों की वजह से यह स्थिति बनी, उनके खिलाफ़ आज ही सख़्त कार्रवाई की जाएगी; किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”
