राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों को अदालत में पेश किया और बताया कि शुरुआती जांच में सभी आरोपियों के खिलाफ चोरी के पुख्ता सबूत मिले हैं. IANS की खबर के मुताबिक, पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में आरोपी चढ़ावे के पैसे और जेवर चोरी करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं. जांच रिपोर्ट और ज्यूडिशियल रिमांड नोट में चंदे की चोरी, सीसीटीवी में कैद घटनाएं, अनियमितताएं, टिन्नू की जिम्मेदारियां और खामियों के साथ-साथ अन्य साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है. यह भी बताया गया है कि आरोपी मंदिर से कैश और ज्वेलरी अपने साथ ले जाते थे जिसमें टिन्नू समेत अनुकल्प, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश और रमा शंकर मिश्र जैसे लोगों का नाम शामिल है.सरकारी वकील एके वर्मा ने बताया कि यह रकम कथित तौर पर मंदिर के चढ़ावे से चुराए गए पैसों का हिस्सा है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. एके वर्मा ने मीडिया को बताया कि उनको तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. इन सबको 29 जून को आगे की कार्यवाही के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PAC) के तहत फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा. उन्होंने बताया,
7 आरोपियों के पास से करीब 79.84 लाख रुपए की बरामदगी
सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारी ने अदालत को जानकारी दी कि अब तक 7 आरोपियों के पास से करीब 79.84 लाख रुपए की बरामदगी की जा चुकी है. यह बरामदगी उनकी निशानदेही पर हुई है, हालांकि 8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई रिकवरी नहीं हुई है और उसे साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है. टिन्नू कैश काउंटर, दान पेटी और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां अपने पास रखता था.आरोपी अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर बनाने की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने और अपने बहनोई लव कुश मिश्रा के साथ मिलकर हेराफेरी करने का आरोप है. पुलिस ने लव कुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद किए हैं.जांच में यह भी सामने आया है कि कई आरोपी सिफारिश के आधार पर नोट गिनने के काम में लगाए गए थे और ड्यूटी खत्म होने के बाद उनकी तलाशी भी नहीं ली जाती थी. राम मंदिर में दान चोरी मामले को लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और अब आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही, मंदिर से जुड़े दो पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा दे दिया है.पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव समेत अनुकल्प, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश और रमा शंकर मिश्र गिनती के बाद अपने साथ कैश और ज्वैलरी जेब मे रखकर बाहर ले जाते थे. जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि 7 आरोपियों के पास से अब तक करीब 79.84 लाख रुपये बरामद किए जा चुके है. ये रिकवरी 7 आरोपियों की निशानदेही पर हुई है. 8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से रिकवरी नहीं हुई है, वो साजिश का हिस्सा है.टिन्नू कैश काउंटर्स, दान पात्र और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां अपने पास रखता था. आरोपी अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर बनाने की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने और अपने बहनोई लव कुश मिश्रा के साथ मिलकर हेराफेरी करने का आरोप है. पुलिस ने लव कुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये बरामद किए हैं.
सरकारी वकील ने बताया कि चढ़ावे के पैसे में आरोपियों की मदद करने के शक में बैंक के 5 से 6 कर्मचारी जांच के दायरे में हैं. इन सबकी भूमिकाओं की जांच की जा रही है. गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट में काम कर रहे थे. ये सभी उस टीम का हिस्सा थे, जो 40 दानपात्रों के चढ़ावे को तीर्थयात्री सुविधा केंद्र पहुंचाने के बाद गिनती का काम करते थे. टिन्नू यादव मॉनिटरिंग की भूमिका में था. बाकी सभी नकदी गिनने के काम में लगे थे. शिकायत के मुताबिक, इन अभियुक्तों ने आपसी साजिश के तहत श्रद्धालुओं के चढ़ाए गए पैसे का गबन किया और ट्रस्ट के फंड का दुरुपयोग किया.
SOP फॉलो नहीं किया गया
SIT की शुरुआती जांच में पता चला कि चढ़ावे की गिनती और मैनेजमेंट के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया गया था. लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा था. सूत्रों के अनुसार, सितंबर 2024 और फरवरी 2025 में ट्रस्ट और SBI के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी. इसमें चढ़ावे की गिनती, हुंडियों (दान पात्र) की सुरक्षा, नकदी के मैनेजमेंट और रिकॉर्ड रखने को लेकर डिटेल्ड SOP तैयार की गई थी. इस पर SBI की ओर से गोविंद मिश्र और ट्रस्ट की ओर से अनिल मिश्रा ने सिग्नेचर किए थे. लेकिन SIT की जांच में पता चला कि चढ़ावे की गिनती के दौरान SOP को फॉलो नहीं किया जा रहा था.SIT रिपोर्ट में इसका भी जिक्र है कि आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना ऑफिशियल आदेश के हुंडियों के चाबियां थीं. जांच में ये भी पता चला है कि ट्रस्ट को काफी पहले से ही चढ़ावे में हेराफेरी की आशंका थी, जिसके बाद SOP बनाई गई थी, लेकिन फिर भी इसे फॉलो नहीं किया गया.
गणना में नौकरी दिलाने वालों पर कसेगा शिकंजा
अब जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है। पुलिस उन लोगों की भूमिका भी खंगालेगी, जिन्होंने आरोपितों को चढ़ावे की गणना से जुड़े कार्य में नियुक्त कराने में मदद की। विवेचना में यह भी देखा जाएगा कि गणनाकर्मियों की भर्ती किसकी सिफारिश पर हुई और बैंक अधिकारियों तथा कर्मचारियों की इसमें क्या भूमिका रही। बताया जा रहा है कि चढ़ावे की गणना में करीब 40 लोग शामिल थे, जिनमें से कई की नियुक्ति अनुकल्प मिश्र की सिफारिश पर हुई थी। पुलिस इन सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
चांदी की ईंटें और कागभुशुंडि सुरक्षित श्रीराम मंदिर में दान में मिले आभूषणों और बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने के आरोपों के बीच चांदी के कागभुशुंडि और चांदी की ईंटों को पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा किया गया है। कारसेवकपुरम प्रभारी व संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शिवदास सिंह ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर जिस चांदी के कागभुशुंडि के गायब होने की चर्चा हो रही है, वह पूरी तरह सुरक्षित है।इसे कारसेवकपुरम में ट्रस्ट महासचिव चंपतराय के कक्ष स्थित पूजा स्थल पर रखा गया है और प्रतिदिन विधि-विधान से उसकी पूजा की जाती है। उन्होंने बताया कि सराफा कारोबारियों और सिंधी समाज द्वारा दान में दी गई 2.60 किलोग्राम चांदी की ईंटों को सुरक्षित रखने के लिए मिंट संस्था की मदद से आधा-आधा किलो के सिल्वर बार में परिवर्तित कराया गया। सभी सिल्वर बार भारतीय स्टेट बैंक के लाकर में सुरक्षित रखे गए हैं।
