नेपाल में तिब्बत बॉर्डर के पास भोटे कोशी त्रिशुली नदी बेसिन में आई अचानक प्रलयकारी बाढ़ ने बस्तियों, गाड़ियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया है. रसुवा और आसपास के जिलों को चपेट में ले लिया है. नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद मरने वालों की संख्या 332 हो गई है. अब तक 900 से अधिक लोग लापता हैं. यह संख्या लगातार बढ़ रही है.नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत के क़रीब 300 लोग लापता हैं. इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री शामिल हैं.
नेपाली मीडिया के मुताबिक, नेपाल की पुलिस ने बताया कि रासुवा में आई भयानक बाढ़ के बाद 157 शव बरामद किए गए हैं. ये शव चितवन (64), धाडिंग (27), पूर्वी नवलपरासी (22), गोरखा (19), नुवाकोट (13), तनहुं (9) और रासुवा (3) से बरामद किए हैं. पुलिस बाढ़ के खतरे वाले इलाकों से परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रही है. अलग-अलग एजेंसियां और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. टीमें बाढ़ की वजह से बंद हुई सड़कों को साफ करने का काम भी कर रही हैं.
इनके अलावा लापता लोगों में 341 विदेशी नागरिक शामिल हैं. इनमें अकेले 133 भारतीय नागरिक हैं. जबकि 62 नेपाली नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा इस बाढ़ में 47 अमेरिकी नागरिक भी लापता हैं. इसके अलावा जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक, बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी लापता हैं. 656 पुलिस वाले तैनात हैं. 41 घायलों का विलिना हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.
नेपाल के विदेश मंत्री बोले- भूकंप की वजह से एवलांच हुआ
नेपाल के विदेश मंत्री शिसिर खनाल ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि भूकंप की वजह से एवलांच हुआ है. इससे यह भयानक बाढ़ आई होगी. फिलहाल सभी घटनाओं पर नजर रखी जा रही है.
पीएम मोदी ने की नेपाल के पीएम बालेन शाह से बात
इधर भारत की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से बात करते हुए कहा है किरत पड़ोसी देश को हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. भारत के लोग इस कठिन समय में नेपाल के भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. हमारी रेस्क्यू टीमें मिलकर काम कर रही हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ से निपटने के लिए भारत ने 10 टन की मानवीय सहायता और आपदा राहत सामाग्री भेजी है. उन्होंने कहा है कि हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवार और प्रभावित लोगों के साथ है. इस चुनौती के समय में भारत नेपाल और वहां के लोगों के साथ खड़ा है.
बाढ़ के बाद नेपाल के निचले इलाकों में जारी किया अलर्ट
बाढ़ की इस घटना के बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. वहीं, बिहार बाढ़ के संभावित खतरे की समीक्षा कर रहा है. यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर प्रशासन को गंडक नारायणी नदी का लेवल बढ़ने के बाद हाई अलर्ट पर रखा गया है. नेपाल में, रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितावन और गोरखा अलर्ट पर हैं क्योंकि बचाव अभियान जारी है. फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.
नेपाल के पीएम ने की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स के साथ इमरजेंसी मीटिंग
इधर, नेपाल के PM बालेन शाह ने काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की एक इमरजेंसी मीटिंग भी की है. अधिकारियों ने भोटे कोशी और त्रिशूली नदी सिस्टम के किनारे रहने वाले लोगों से सावधान रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है. बाढ़ त्रिशूली नदी बेसिन में नीचे की ओर बढ़ गई है. इससे अधिकारियों ने नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन में चेतावनी बढ़ा दी है.
नेपाल-भारत सीमा पर 10 NDRF की टीमें तैनात
इसके अलावा नेपाल से नीचे की तरफ बहने वाला पानी दो से तीन घंटे के भीतर गंडक नदी तक पहुंच सकता है. यही वजह कि भारत नेपाल सीमा पर 10 एनडीआरएफ टीमों को तैनात किया गया है.
भारतीय वायुसेना के जरिए भेजी जा रही राहत सामग्री
भारत पड़ोसी देश नेपाल को वायुसेना के जरिए राहत सामग्री भेज रहा है. भारत से नेपाल को दवाइयों और राशन जैसे सामनों की खेप मदद के लिए भेजी जा रही है.
एयरफोर्स ने बयान जारी करते हुए कहा है कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद IAF ने तेजी से एक C-130J एयरक्राफ्ट भेजा है. इसमें 10 टन जरूरी राहत सामान और मेडिकल से जुड़े सामान हैं. सी-17 और सी-130 एयरक्राफ्ट से और हवाई मदद से राहत का सामान पहुंचाया जाएगा. साथ ही बचाव और लोगों को निकालने के लिए भी हेलिकॉप्टर रखे गए हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की बाढ़ की समीक्षा
इधर हालात को देखते हुए बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने बाढ़ के खतरे की समीक्षा की है. उनके साथ सीनियर अधिकारी मीटिंग में शामिल हुए. अधिकारी नेपाल में हो रहे डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं. बिहार पर उनके संभावित असर का आकलन कर रहे हैं.
भारतीय दूतावास ने जारी किया इमरजेंसी नंबर
