इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘फ्लाईदुबई’ विमान के हीरो भारतीय पायलट स्मित मच्छार को इजरायल का सबसे बड़ा सम्मान देने का ऐलान किया है। नेतन्याहू ने शनिवार को पायलट मच्छार से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्मित मच्छार को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया। नेतन्याहू ने इसे देश का सबसे बड़ा सम्मान बताया और साथ ही कहा कि यह केवल इजरायली नागरिकों को दिया जाता है।कैप्टन मच्छार से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कहा, “यह हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान है, जो हम अपने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदान करते हैं। आमतौर पर यह केवल इजराइल के नागरिकों के लिए है, लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में इजराइल का हर नागरिक आपका सम्मान करेगा। हम उम्मीद करते हैं कि आप जल्द ही इजराइल आएंगे।”
कैप्टन मच्छार को बताया दुनिया का हीरो
नेतन्याहू ने कैप्टन की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि आप भारत और इजरायल के बहादुर लोगों के सच्चे हीरो हैं और आप पूरी दुनिया के हीरो हैं। बातचीत के दौरान मच्छार ने बताया कि कैसे को-पायलट ने उन पर हमला किया और चोट लगने के बावजूद वह कैसे दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे बाहर मौजूद लोग दखल दे सके।
क्या है इजरायल की स्वतंत्रता दिवस की मशाल?
यह इजरायल का सालाना समारोह है जो इजरायल में मेमोरियल डे के समापन पर स्वतंत्रता दिवस के जश्न की शुरुआत के रूप में किया जाता है। इसकी अध्यक्षता इजरायल की संसद (नेसेट) के स्पीकर करते हैं। हर साल यरुशलम में माउंट हर्जल पर थियोडोर हर्जल की समाधि स्थल इसे आयोजित किया जाता है। इसमें 12 लोग 12 मशाल जलाते हैं। ये 12 लोग इजरायल के 12 यहूदी कबीलों के प्रतीक के रूप में उपस्थित होते हैं।
नेतन्याहू के पास अकेले चुनने का अधिकार नहीं
1950 से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान कार्यक्रम में मशाल जलाने के लिए 12 लोगों को चुना जाता है, जो इजरायली नागरिक होते हैं। लेकिन नेतन्याहू ने इसके लिए भारतीय पायलट स्मित मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया है। हालांकि, नेतन्याहू के पास अकेले यह तय करने का अधिकार नहीं है कि अगले साल के पारंपरिक समारोह में मशाल कौन जलाएगा।इजरायली मीडिया आउटलेट टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा बनाई गई चयन प्रक्रिया के तहत मशाल जलाने वालों को एक सार्वजनिक सलाहकार समिति के जरिए चुना जाता है। फिर तय मंत्री-स्तरीय प्रक्रिया से इसे मंजूरी दी जाती है। नेतन्याहू की हालिया सरकारों में इस प्रक्रिया का नेतृत्व लिकुड पार्टी की वफादार मिरी रेगेव ने किया है।
