सिवनी :डॉ. ढाल सिंह बिसेन के राज्यपाल नियुक्त होने के बाद मंगलवार सुबह से ही भाजपा पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं की भीड़ उनके निवास पर उमड़ पड़ी. कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं के साथ डॉ. बिसेन का स्वागत किया. इस दौरान डॉ. बिसेन ने कहा “देवभूमि उत्तराखंड देवों की भूमि कही जाती है. मुझे वहां का दायित्व दिया गया है तो निश्चित रूप से मेरा सौभाग्य है. ऐसी जगह में जाकर मुझे देश की सेवा और काम करने का अवसर मिलेगा.”
पार्टी के साथ ही पीएम व राष्ट्रपति का आभार माना
डॉ. बिसेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही राष्ट्रपति, पार्टी अध्यक्ष एवं संगठन के पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया. उन्होंने कहा “प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बहुत लोगों का स्नेह और सहयोग रहा है, जिस कारण ये सब फलीभूत हुआ है.” नवरात्रि में इतनी बड़ी खुशबरी मिलने से खुश डॉ. बिसेन ने कहा “पार्टी के इस फैसले से वह गौरान्वित महसूस कर रहे हैं. वह पूरे मन व लगन से इस पद की जिम्मेदारी निभाएंगे.”

4 बार विधायक बने, साल 2003 में मंत्री
सिवनी के पिपरिया निवासी डॉ. ढाल सिंह बिसेन का राजनीतिक सफर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा है. 14 मई 1952 को जन्मे डॉ. बिसेन पेशे से चिकित्सक एवं कृषक रहे हैं. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ अपनी राजनीतिक पहचान बनाई. वर्ष 1990 में पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए. इसके बाद 1993, 1998 और 2003 में भी विधायक चुने गए. वर्ष 2003 में भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बने और वन, परिवहन, खनिज, स्कूल शिक्षा एवं जेल जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली.
पंचायत से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
14 मई 1952 को जन्मे डॉ. ढाल सिंह बिसेन पेशे से आयुर्वेदिक डाक्टर और कृषक हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत स्तर से की थी और वे पिपरिया के पंच चुने गए थे, जिसके बाद वे मंडी की राजनीति में भी सक्रिय रहे। इस दौरान उन्होंने वन, परिवहन और खनिज विभागों की जिम्मेदारी बखूबी संभाली। इसके बाद वे स्कूल शिक्षा और जेल विभाग से भी जुड़े रहे। बरघाट सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा ने उन्हें केवलारी से मैदान में उतारा, जहां उन्हें 2008 और 2013 के चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2011 से 2013 तक उन्होंने मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

2019 में बालाघाट से बने सांसद
भाजपा ने वर्ष 2019 के चुनाव में डॉ. बिसेन को बालाघाट लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद वे 17वीं लोकसभा के सदस्य बने और 2024 तक सांसद के रूप में देश की सेवा की। वर्तमान में वे भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी हैं। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, लोकसभा में उनकी उपस्थिति 99 प्रतिशत दर्ज की गई थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संसद की 73 बहसों में हिस्सा लिया और कुल 189 प्रश्न पूछे। संसद में उन्होंने विभिन्न समितियों में भी जिम्मेदारी निभाई. वर्ष 2024 में उनका लोकसभा कार्यकाल समाप्त हुआ.
