दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए सभी 250 लोगों को किंग्सवे कैंप पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है। SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दोनों 8 घंटे से ज्यादा समय से आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे थे।राहुल ने कहा था, “वे ज्ञानेश कुमार से मिले बिना कहीं नहीं जाएंगे।” पुलिस जब उन्हें हटाने पहुंची, तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया।मंगलवार सुबह 10 बजे संसद के मकर द्वार से शुरू हुआ विपक्षी दलों का ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ पुलिस ने दोपहर 12:30 बजे आकाशवाणी के पास रोक दिया था।इसके बाद राहुल-प्रियंका को बस में बैठाया गया, लेकिन दोनों उतरकर परिसर में धरने पर बैठ गए।राहुल का दावा था कि 20 विपक्षी पार्टियों के 300 से ज्यादा सांसद मौजूद थे। इनमें अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, अभिषेक बनर्जी शामिल रहे।

दिनभर चला प्रदर्शन
इससे पहले प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए थे और तिरंगा लहराया था। इसके बाद वह आकाशवाणी भवन के परिसर में पहुंच गए, जहां प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं ने धरना दिया। INDIA ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर है। प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन समेत कई विपक्षी नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।

राहुल गांधी ने हटाए जाने का किया विरोध
राहुल गांधी ने पुलिस की हिरासत में लिए जाने और मौके से हटाने की कोशिश का विरोध किया। वह प्रियंका गांधी के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंचे और बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गए थे। दोनों चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने राहुल गांधी से कई बार वहां से हटने की अपील की, लेकिन उन्होंने इसे मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर देश में वे कहां बैठ सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए वहां मौजूद हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात किए बिना वहां से नहीं हटेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसदों को दिल्ली में रुकने को कहा
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के सभी सांसदों को दिल्ली में ही रहने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि विपक्ष का आंदोलन बुधवार को भी जारी रह सकता है।

9 घंटों तक धरने पर बैठे राहुल गांधी हिरासत में लिए गए, कांग्रेस बोली- सब याद रखा जाएगकांग्रेस ने राहुल गांधी को ‘जबरन’ ले जाती पुलिस का वीडियो डालते हुए एक्स पर लिखा है, ‘सब याद रखा जाएगा.’इससे पहले कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट किया, “मोदी-शाह ने आकाशवाणी भवन में पुलिस भेज दी है, जो जबरन नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी और सांसदों को उठा रही है. मोदी पुलिसिया दमन के बल पर आवाज दबाना चाहते हैं, लेकिन याद रखें- अब ये हुंकार दबने वाली नहीं है, गद्दार ज्ञानेश को जाना होगा.”चुनाव आयोग तक मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा क़रीब 9 घंटों तक आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे रहे.पुलिस ने उन्हें वहां से हटने को कहा, लेकिन दोनों वहीं डटे रहे. विपक्षी नेताओं का धरना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर था. पुलिस अधिकारी से राहुल गांधी कहते हैं, “मैं तो बस बैठा हूं.”, जिस पर पुलिस अधिकारी उनसे कहते हैं, “सर, घर चले जाइए.”
राहुल जवाब देते हैं, “क्या मैं सिर्फ़ घर जा सकता हूं. देश में कहीं और नहीं जा सकता. मैं राजनैतिक आदमी हूं. घर में नहीं बैठ सकता. आप एक जगह बता दो मैं जहां जाके बैठ जाऊं.उनके साथ मौजूद प्रियंका गांधी ने कहा, “इस देश का कोई व्यक्ति अगर प्रोटेस्ट पर बैठना चाहता है तो उसे ऐसा करने का हक़ है. ये सामान्य प्रक्रिया है. आप उस संविधान के लिए लड़ रहे हैं. उन दो व्यक्तियों के लिए नहीं जो गद्दी पर बैठे हैं.”इससे पहले दोनों निर्वाचन आयोग मुख्यालय पहुंचने के लिए आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए.पुलिस के रोके जाने के बावजूद दोनों नेता वहां पहुंचे.राहुल गांधी ने कहा, “देश के साथ जो किया गया है, वह देशद्रोह है. चाहे प्रधानमंत्री मोदी हों, अमित शाह हों, आरएसएस प्रमुख हों या ज्ञानेश कुमार, किसी को भी बख़्शा नहीं जाएगा.”राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्तों से विपक्षी सांसदों की मुलाक़ात नहीं होने पर भी सवाल उठाया.उन्होंने कहा, “300 से ज़्यादा विपक्षी सांसद आज संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर चुनाव आयुक्तों से मिलने पहुंचे. हम करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं. चुनाव आयुक्त हमसे मुलाक़ात क्यों नहीं कर रहे हैं? पुलिस हमें रोक क्यों रही है और धमका क्यों रही है?”इससे पहले विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें नीति आयोग कार्यालय के सामने रोक दिया.यह जगह नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच उस रास्ते पर है, जो निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर जाता है. आगे जाने से रोके जाने के बाद विपक्षी सांसद सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन किया.राहुल गांधी ने इससे पहले एक्स पर लिखा था, “ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो. अब इस्तीफ़ा देने का समय है.”प्रदर्शन में विपक्षी सांसदों के हाथों में आरएसएस की वर्दी में ज्ञानेश कुमार को दिखाने वाले कटआउट भी थे. उन्होंने “बीजेपी ही मुख्य चुनाव आयुक्त है”, “वोट चोर, गद्दी छोड़” और “लोकतंत्र बिकाऊ नहीं है” जैसे नारे लगाए.
इंडिया ब्लॉक के सांसद मंगलवार को संसद के मकर द्वार से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे.मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कई अन्य विपक्षी सांसद शामिल हुए.मार्च को देखते हुए संसद, संसद मार्ग, आकाशवाणी भवन और निर्वाचन आयोग मुख्यालय के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. कई जगह बैरिकेड लगाए गए थे और रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवान भी तैनात किए गए थे.पुलिस के रोके जाने के बाद विपक्षी सांसदों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया. बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया.विपक्ष ने यह प्रदर्शन 30 सितंबर को 19 विपक्षी दलों की बैठक के बाद तय किया था.
