बरेली। नाथनगरी बरेली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्म-संस्कृति के साथ विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। जीआईसी ऑडिटोरियम (अब पंडित राधेश्याम कथावाचक भवन) में पंडित राधेश्याम कथावाचक की स्मृति में प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम की शुरुआत में पंडित राधेश्याम की पौत्री शारदा भार्गव व अन्य स्वजनों ने मुख्यमंत्री को उनकी प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया।
इस दौरान पंडित राधेश्याम कथावाचक की पौत्री शारदा भार्गव भावुक नजर आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा, भारत के हर राज्य को आज योगी आदित्यनाथ जैसे एक योगी की जरूरत है। मुख्यमंत्री योगी के आगमन से न सिर्फ बरेली, बल्कि पूरा राधेश्याम परिवार हर्षित है। हम ईश्वर से कामना करते हैं कि आपका राजनीतिक काल अधिक से अधिक लंबा हो।मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, जो भी अपनी विरासत की अवमानना करता है, वह स्वयं अपनी दुर्गति का रास्ता तैयार करता है। सनातन के बिना भारत की कल्पना कतई नहीं की जा सकती। कहा कि जिस प्रकार मध्यकाल में महर्षि वाल्मीकि और युग तुलसी ने रामभक्ति की अलख जगाई, ठीक वही काम आधुनिक काल में पंडित राधेश्याम ने किया।
उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, अकबर और राजाओं का दरबारी बनने के बजाय गोस्वामी तुलसीदास जी ने प्रभु श्रीराम की भक्ति चुनी। यही अद्वितीय कार्य आधुनिक काल में पंडित राधेश्याम जी ने भी किया। उन्होंने बहुत ही सरल, सहज और आम बोलचाल की भाषा में ‘राधेश्याम रामायण’ की रचना की, जिसे आज देश के घर-घर में गाया और पूजा जाता है।कहा कि बरेली में बना ‘स्मार्ट सिटी भवन’ हमारी तरफ से पंडित जी की स्मृतियों के प्रति एक कृतज्ञता ज्ञापन है। इसके साथ ही उन्होंने मंच से ही क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि वे तत्काल पंडित जी के आवास पर एक भव्य म्यूजियम बनाने का कार्य शुरू करें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस कार्य के लिए राज्य सरकार हर संभव वित्तीय और प्रशासनिक समर्थन करेगी। अंत में, उन्होंने ‘पंडित जी और हनुमान जी महाराज की कृपा सभी पर बनी रहे’ की कामना के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
