अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में घमासान मचा है. इस बीच पूर्व सीएम और लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने चमकौर साहिब में अपने खेमे के नेताओं के साथ बड़ी बैठक की. सूत्रों के मुताबिक, चरणजीत सिंह चन्नी अपने खेमे के नेताओं के साथ दिल्ली जाएंगे और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे. चन्नी ने एक कमेटी भी बनाई है जो आलाकमान से बातचीत करेगी. इस कमेटी में खुद चरणजीत सिंह चन्नी, राणा गुरजीत, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, ओपी सोनी और भरत भूषण आशू शामिल हैं.सूत्रों के मुताबिक, चन्नी आलाकमान के सामने कहेंगे कि मौजूदा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग मंजूर नहीं हैं. वडिंग की जगह किसी और को कमान दी जाए. सूत्रों ने बताया कि बैठक में चन्नी ने कहा, “अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं और मेरे खेमे के नेता घर बैठ जाएंगे.”
चन्नी की बैठक में शामिल हुए ये नेता
शक्ति प्रदर्शन वाली इस बैठक में सुखपाल भुल्लर, मदनलाल जलालपुर,अंगद सैनी, लाड़ी शेरोवालिया, कीकी ढिल्लों, राणा गुरजीत , रमिंदर आवला, बरिंदर ढिल्लों, भारत भूषण आशु, सुख सरकारिया, बलवीर सिद्धू, टी बाजवा, बोलारिया, काका लोहगढ़, अजयपाल संधू, अजीतइंद्र सिंह मोफर, नाजर मांशाहिया, बलकौर सिंह सिद्धू और भूपिंदर सिंह साहोके और पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी समेत कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शामिल हुए.
चन्नी के समर्थकों ने मांगा प्रदेश अध्यक्ष का पद
दरअसल, हाल ही में कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बनाए रखने का फैसला किया. वहीं चन्नी को अलगे साल होने वाल विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव अभियान समिति का प्रमुख नियुक्त किया था. चन्नी के समर्थकों की मांग है कि पूर्व सीएम को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए.
‘…कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकती’
इस बीच पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने कहा, ‘‘अगर चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो कांग्रेस पंजाब में सरकार नहीं बना सकती. राजा वड़िंग के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकती.’’ वहीं पूर्व मंत्री गुरप्रीत कांगड़ ने कहा, ‘‘हमें जनता के बीच जाकर वोट मांगने हैं और लोग चन्नी को ही प्रदेश अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते हैं.’’
क्या बोले पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पार्टी की पंजाब इकाई में नए कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न चुनाव समितियों के प्रमुखों की नियुक्तियों में खुद को ‘नजरअंदाज किए जाने’ का आरोप लगाया. इस बीच उनके समर्थन में अब कांग्रेस नेता आ गए हैं. कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने मनीष तिवारी को ‘नजरअंदाज किए जाने’ पर कहा, “मनीष तिवारी हमारी पार्टी के बहुत सीनियर, बहुत सुलझे हुए, बड़े लीडर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा, “मैं समझता हूं कि सांगठनिक दृष्टिकोण से चाहे NSUI की बात हो, युवा कांग्रेस की बात हो उन्होंने पद संभाला है. केंद्रीय मंत्री के रूप में भी पद संभाला है. एक बात मैं स्पष्ट कर दूं, ऐसी बात नहीं है, पार्टी परिस्थिति देखती है और उन परिस्थितियों का निर्णय लेती है कि किनकी कहां पर भूमिका है, किनकी कहां पर उपयोगिता है. ये हम कह सकते हैं कि पार्टी इन सारी चीजों को देखते हुए, जब भी जहां पर उनकी आवश्यकता होगी, पार्टी उनका उपयोग करेगी.” सुखदेव भगत ने कहा, “इसमें किसी को कम दिया, ज्यादा दिया वाली बात नहीं है. मैं समझता हूं कि बहुत ही संतुलित तरीके से जितने भी नेता है उनको पार्टी ने जगह दी है और उनकी भूमिका के साथ हम लोग अगला चुनाव लड़ने जा रहे हैं.”
मामले पर क्या बोले पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पार्टी की पंजाब इकाई में नए कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न चुनाव समितियों के प्रमुखों की नियुक्तियों में खुद को ‘नजरअंदाज किए जाने’ पर गुरुवार (2 जुलाई) को कहा कि काश उनके पास ‘व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षा’ का कोई ‘एंटीडोट’ होता. तिवारी को पंजाब कांग्रेस के हालिया संगठनात्मक पुनर्गठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है.
मनीष तिवारी को किया गया नजरअंदाज
उन्होंने एक खबर साझा की, जिसमें कहा गया है कि पंजाब में कांग्रेस ने नए कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न चुनाव समितियों के प्रमुखों की नियुक्ति की, लेकिन मनीष तिवारी को नजरअंदाज कर दिया गया. पूर्व केंद्रीय मंत्री और चंडीगढ़ से लोकसभा सदस्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे. काश मेरे पास व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का कोई एंटीडोट होता.”उन्होंने कहा, “इसके बावजूद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और मैंने भी अपने पूरे वयस्क जीवन को दशकों तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है.” तिवारी ने यह भी कहा कि जो होना है, वह होकर रहेगा.
‘गृहमंत्री से मेरी मुलाकात को राजनीतिक रंग दिया जा रहा’
पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार (3 जुलाई) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मैंने दो महीने पहले आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स के खिलाफ एक पत्र लिखा था. आज मैं इस मामले को लेकर अमित शाह से मिला.
कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर थी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मेरी मुलाकात को जो शरारतपूर्ण राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, मैं उसका खंडन करता हूं. यह मुलाकात पंजाब राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के संबंध में मेरी बात रखने के लिए आज पहले से ही तय थी.”
