अयोध्या: राम जन्मभूमि अयोध्या में चंदा चोरी खुलासे और जांच के बीच तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के लिए CEO पद की वेकेंसी निकाल दी है. ट्रस्ट ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसके लिए कुछ योग्यताएं मांगी गई हैं और आवेदन की अंतिम तिथि भी निर्धारित की गई है. हिंदू उम्मीदवार इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.
जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट के ये नए CEO मंदिर में दैनिक कामकाज और वित्तीय मामलों की देखरेख करेंगे. ट्रस्ट ने योग्य और इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे हैं. ट्रस्ट की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, आवेदन करने की आखिरी तारीख शनिवार 18 जुलाई 2026, शाम 4 बजे तय की गई है. जो भी उम्मीदवार इस पद के लिए योग्य हैं, वो निर्धारित समय से पहले अपना आवेदन जमा कर सकते हैं.
यहां CEO के लिए कर सकते हैं आवेदन
मंदिर ट्रस्ट ने इसके लिए एक ईमेल भी जनरेट किया है, जिस पर CEO आवेदन कर सकते हैं. CEO बनने के इच्छुक उम्मीदवार ईमेल (searchcommittee.srjbt@gmail.com) के जरिए अपना आवेदन भेज सकते हैं. इस पद के लिए योग्यता और शर्तें रखी गई हैं, जो आवेदन के दौरान ही भरना होगा. इसके लिए शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम ग्रेजुएट रखी गई है और आवेदन की आयु 50 से 70 साल होनी चाहिए. साथ ही आवेदक को 20 साल का मैनेजमेंट का भी अनुभव होना चाहिए. ट्रस्ट ने कहा है कि आवेदक को हिंदी और अंग्रेजी दोनों का अनुभव होना चाहिए.
CEO बनने के लिए जरूरी योग्यताएं
1. संस्था के नियमों और उद्देश्यों के अनुसार सभी कार्यों का संचालन करना.
2. संस्था के सभी सदस्यों और कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी करना.
3. संस्था के उद्देश्यों और नियमों के अनुसार काम करने की व्यवस्था बनाना.
4. संस्था के अधिकारियों, सेवकों और कर्मचारियों के कार्यों को सही तरीके से संचालित करना.
5. संस्था की वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं का सही प्रबंधन करना.
6. संस्था की आर्थिक, प्रशासनिक और अन्य जरूरतों को पूरा करने की व्यवस्था करना.
7. संस्था के वित्तीय मामलों, लेखा-जोखा और धन के लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखना.
8. संस्था के नियमों के अनुसार सभी सदस्यों और कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाए रखना.
9. संस्था के सभी कार्यों, योजनाओं और कार्यक्रमों को समय पर पूरा करवाना.
10. संस्था के लिए आवश्यक भवन, उपकरण, जमीन आदि की व्यवस्था और सुरक्षा करना.
11. कर्मचारियों की समस्याओं, सुविधाओं और जरूरतों का ध्यान रखना.
12. संस्था में समय-समय पर होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों की व्यवस्था करना.
13. संस्था और मंदिर की प्रतिष्ठा बनाए रखना तथा धार्मिक परंपराओं का पालन करना.
14. संस्था की संपत्ति की सुरक्षा करना और उसका सही उपयोग सुनिश्चित करना.
15. ट्रस्ट बोर्ड की बैठकें आयोजित करना और लिए गए निर्णयों को लागू करना.
16. संस्था के सभी कार्यों और जिम्मेदारियों को सही तरीके से पूरा करना.
