नई दिल्ली: 7 अक्टूबर 2001। ये वही तारीख है, जब नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने। सीएम बनने से पहले तक उनके पास सत्ता चलाने का कोई अनुभव नहीं था। हां, संगठन चलाने का लंबा एक्सपीरियंस जरूर था। 1985 में नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से बीजेपी में आए। तब उन्हें संगठन मंत्री बनाया गया। 15 सालों में मोदी गुजरात ईकाई से बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक पहुंचे। 7 अक्टूबर 2001 को सीधे गुजरात के मुख्यमंत्री बने।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे कर चुके हैं। ऐसे में दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सभा का आयोजन किया गया। ‘विकसित भारत संकल्प सभा-सेवा ज्योति यात्रा’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लोगों का जज्बा बढ़ाने वाला भाषण दिया। पीएम मोदी ने कहा कि We Will Do It (हम करके रहेंगे) यह अहसास ही अमृत है।
सीखने की ललक जीवन का हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे याद है कि जब मैं वडनगर के स्कूल में पढ़ने जाता था, तब हमारे मास्टर जी तरह-तरह के पाठ पढ़ाते थे और क्लास में सबसे पहले पहुंचने वाले छात्र में हमेशा मेरा नाम होता था। सीखने की वो ललक मेरे जीवन का हिस्सा बन गई और मैं आज भी स्वयं को एक विद्यार्थी ही मानता हूं। हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करता हूं।
आज अपने लिए भी प्रार्थना की: मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज प्रातः मैं श्री विनायक मंदिर में दर्शन के लिए गया था। मैंने परमात्मा के सामने देश के लिए प्रार्थना की, 140 करोड़ भारतवासियों के लिए प्रार्थना की और अपने लिए भी प्रार्थना की। प्रार्थना ये कि परमात्मा मुझे इतनी शक्ति और सामर्थ्य दीजिए कि मैं अपने देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकूं। देशवासियों की और अधिक सेवा कर सकूं, दिन-रात सेवा कर सकूं।
जिसने जिताया, उसने विनम्र होना सिखाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरी सीखने की क्षमता कभी कम न हो। मैं जितना सीखूंगा, देश के लिए करने का सामर्थ्य उतना ही बढ़ेगा। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो कृतज्ञता का भाव ही आता है। मैं कृतज्ञ हूं हर उस व्यक्ति हर उस घटना के प्रति, जिसने मुझे कुछ न कुछ सिखाया। जिसने मुझे जिताया उसने मुझे विनम्र होना सिखाया। जिसने मुझे गिराया, उसने मुझे फिर उठना सिखाया।
जनता का सबसे बड़ा योगदान
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज मैं जो कुछ हूं, जहां भी हूं, जिस दायित्व पर हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता-जनार्दन का ही है। मेरे लिए जनता-जनार्दन ईश्वर का ही रूप है। लाखों-करोड़ों देशवासियों के विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही, मेरी सबसे बड़ी शक्ति रही है। ये 25 वर्ष का अनुभव बहुत बड़ी पूंजी है और ये पूंजी सिर्फ मोदी की नहीं है ये पूंजी देश की है।
25 सालों में नहीं हारे कोई चुनाव
साल 2001 से साल 2014 तक नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम रहे। 26 मई 2014 को मोदी सीधे देश के प्रधानमंत्री बने। ये वो 25 साल हैं, जब नरेंद्र मोदी एक भी चुनाव नहीं हारे। नरेंद्र मोदी की लीडरशिप के ये 25 साल पूरे होने को बीजेपी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ नाम दिया। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में भव्य आयोजन हुआ। पीएम मोदी ने इसमें ऐतिहासिक भाषण दिया।
आइए आपको प्रधानमंत्री के इस भाषण के मायने 5 पॉइंट में समझाते हैं।
- भविष्य का विजन रखा सामने
दिल्ली में भाषण के दौरान पीएम मोदी ने अपने 25 साल के इतिहास को तो याद किया ही। उन्होंने अपने भविष्य के विजन को भी सामने रखा। प्रधानमंत्री ने जनता के सामने कुछ लक्ष्य गिनाए।
टॉप थ्री इकोनॉमी
आत्मनिर्भर भारत
ग्लोबल निर्माण हब
ओलंपिक का आयोजन
अंतरिक्ष में कदम
पीएम मोदी ने आगे कहा कि साथियों, ये ऊर्जा, ये उत्साह, ये आत्मविश्वास यह अद्भुत है। देवियों और सज्जनों इस राष्ट्र के लोगों की धमनियों में ऐसा आत्मविश्वास लहू बनकर दौड़ता है जिसे कोई रोक नहीं सकता है।
- भगवद गीता के श्लोक का अर्थ
श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 2 में एक श्लोक (47) है। ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ पीएम मोदी ने इस पर कहा कि गीता ने मुझे सिखाया है। मेरा अधिकार मेरे कर्म पर है। इसलिए मैं कर्म को अपना कर्तव्य मानता हूं। हर कर्म पूरी क्षमता से करता हूं। इसमें फल की चिंता नहीं है। - चंद्रयान से कोविड तक
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कोविड महामारी से लेकर चंद्रयान की असफलता तक का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रयान ने असफलता से उठना सिखाया। कोविड ने राष्ट्र की सामूहिक चेतना का अनुभव दिया। बता दें कि साल 2019 में 22 जुलाई को चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग हुई। 6 सितंबर 2019 को विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला था, लेकिन अंतिम 15 मिनट में वह क्रैश हो गया था। - कैप्टन स्मित मच्छार का जिक्र
पीएम मोदी ने एक बार फिर प्लेन हाइजैक को रोकने और इजरायली यात्रियों की जान बचाने वाले हीरो पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में भारत के पायलट की चर्चा है। एक दिन वो भी आएगा, जब दुनिया मेड इन प्लेन की चर्चा करेगी। - सबसे पहले पहुंचने वाले छात्र मोदी
वडनगर में स्कूल के दिनों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुझे याद है, जब मैं वडनगर के स्कूल में पढ़ने जाता था। हमारे मास्टर जी तरह-तरह से पाठ पढ़ाते थे। क्लास में सबसे पहले पहुंचने वाले छात्र में हमेशा मेरा नाम होता था। सीखने की वो ललक मेरे जीवन का हिस्सा बन गई और मैं आज भी स्वयं को एक छात्र ही मानता हूं।
