दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना में 7 लोगों की जान चली गई. अब इस पर पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने अपनी बात रखते हुए इसके कारणों का जिक्र किया है. साथ ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव भी दिए हैं. उन्होंने प्रशासन को ह्यूमन बॉडी की तरह बताया है और कहा कि जब तक ह्यूमन बॉडी की तरह प्रशासन नहीं करेंगे, हम ये झेलते रहेंगे. उन्होंने कहा कि हम प्रशासन को ह्यूमन बॉडी की तरह नहीं ले रहे हैं इसलिए बार-बार इस तरह की चीजें झेल रहे हैं. इस ह्यूमन बॉडी में हर अंग का फिट रहना बहुत जरूरी है. उन्होंने ये भी कहा कि बीमार अंगों की सर्जरी और इलाज भी जल्दी करने की जरूरत है.
किरण बेदी ने सवाल किया, ”ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं? यह बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है. गवर्नेंस ह्यूमन बॉडी की तरह है. यह ऑर्गेनिक होल है. जिसका सिर है, बाजू है, मशीन हैं, ब्लड है, सबकुछ है और दिमाग ऊपर है. सबको सांस जोड़ती है. अगर ऑक्सीजन स्वच्छ हो और सारी बॉडी को जा रही हो तो सारी बॉडी हेल्दी रहती है. इसका मतलब है स्वच्छ हवा हमें जोड़ती है. अगर ह्यूमन बॉडी में बाजू सोचे कि मैं तो जो मर्जी होगी वो कर सकता हूं तो बॉडी दुखी रहती है.”
प्रशासन के अंगों को मिलकर काम करने की जरूरत- किरण बेदी
पूर्व आईपीएस ने कि हमारा प्रशासन भी ह्यूमन बॉडी की तरह है. इस ह्यूमन बॉडी में हर अंग का फिट रहना बहुत जरूरी है, हर अंग का मुखिया है. प्रशासन में भी वैसे ही है. जैसे विभागों के सचिव हैं, मंत्री हैं, लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं, चीफ मिनिस्टर हैं. ये सभी ह्यूमन बॉडी की तरह प्रशासन के अंग हैं. सभी को मिलकर एक जैसी सोच के साथ काम करना जरूरी है.
लीडरशिप ऐसी चाहिए जो आपको जोड़े रखे- किरण बेदी
किरण बेदी ने ये भी कहा कि दिमाग कुछ सोचे और हाथ कुछ सोचे तो ऐसे नहीं होता है. दिमाग लीड करता है. हमको लीडरशिप ऐसी चाहिए जो आपको जोड़े रखे. एक लीडर उदाहरण बने. चुने हुए और नियुक्ति किए गए लोग एक सोच के साथ काम नहीं कर रहे हैं. विभागों में भी आपस में एक सोच नहीं है.
सर्जरी भी बहुत जरूरी है- किरण बेदी
उन्होंने कहा, ”अगर म्युनिसिपैलिटी का इंजीनियर सोचे कि मैं रूल्स को तोड़कर बेईमानी कर लूं और मेरा विभाग स्वस्थ रहे तो ये नहीं हो सकता है. सरकार के हर डिपार्टमेंट को मानव शरीर की तरह काम करना है, तभी इस तरह के संकट से बचा जा सकता है. मेरा अनुभव ये है कि हर डिपार्टमेंट जरूरी है. हर विभाग को अपनी जिम्मेदारी को ठीक से निभाना है. डिपार्टमेंट के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी है, ईमानदारी दिखानी है. दिमाग और आंखों को निगरानी भी रखनी है. अगर एक अंग में बीमारी है और वो दूसरे अंग को बीमार कर रही है तो सर्जरी बहुत जरूरी है.
उन्होंने ये भी कहा कि हर अंग को जोड़ना लीडरशिप का काम है. उसे तंदुरुस्त रखना, हर अंग के ऊपर क्लोज वॉच रखने की जरूरत है. हर रोज ऐसी खबरें हैं जो सामने नजर आ रही हैं, ये गवर्नेंस में एकता की कमी की वजह से फेलियर है.
