उत्तर प्रदेश में कई हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं. यूपी सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है. लंबे एक्सप्रेसवे के साथ-साथ यूपी के कई पुराने हाइवे को अपग्रेड करके सुपरफास्ट बनाया जा रहा है. इसी में शामिल है ‘बरेली-मथुरा हाइवे’. इस हाइवे का काम तेजी से चल रहा है और इसका एक सेक्शन यात्रियों के लिए खुल भी चुका है. नाथ नगरी बरेली से कृष्ण नगरी मथुरा के बीच बन रहा ये फोरलेन हाईवे (NH-530B) इस पूरे इलाके की तस्वीर बदलने जा रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस हाईवे के बनने के बाद बरेली से मथुरा का जो सफर तय करने में अभी 7 से 8 घंटे लगते हैं, वह सिमट कर मात्र 3 घंटे का रह जाएगा. इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर से भी सफर आसान होगा.
क्या है हाइवे की खास बातें
बरेली-मथुरा हाइवे की कुल लंबाई करीब 265 किलोमीटर है.
फोर लेन बन रहे हाइवे को शहरों और कस्बों से बाईपास किया जाएगा.
इसके लिए सरकार करीब 7700 करोड़ रुपये खर्च करेगी.
इस हाइवे की एक खास बात यह भी है कि इसे बिजी इलाकों में 6-लेन बनाया जा रहा है.
इसके अलावा इसके पुलों को 6 लेन बनाय गया है, ताकि भविष्य में पूरे रूट को अपग्रेड किया जा सके.
इस हाइवे को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
कितना हुआ काम
NHAI इस हाइवे प्रोजेक्ट को अलग-अलग पैकेज में बना रहा है.
मथुरा-हाथरस पैकेज: मथुरा बाईपास से हाथरस तक का काम पूरा हो चुका है और यहां आम लोग इस हाइवे का इस्तेमाल करते हैं. सबसे खास बात यह है कि मथुरा के राया का जाम भी इस हाइवे के बनने के बाद खत्म हो चुका है.
हाथरस-कासगंज-बदायूं सेक्शन: हाथरस से सिकंदराराव के बीच भी हाइवे का काम अपने अंतिम दौर में है. वहीं कासगंज से बदायूं के बीच भी तेजी से काम जारी है.
बदायूं-बरेली सेक्शन: बदायूं से बरेली के बीच भी हाइवे का काम तेजी से चल रहा है.
इन जिलों से होकर गुजरेगा नया कॉरिडोर
यह सिर्फ दो शहरों को जोड़ने वाला हाइवे नहीं है, बल्कि पश्चिमी यूपी की लाइफलाइन बनने जा रहा है. यह हाइवे ब्रज भूमि मथुरा से शुरू होकर हाथरस, सिकंदराराऊ, कासगंज और बदायूं होते हुए बरेली पहुंचेगा. इन जिलों के बीच सीधा और चौड़ा रास्ता न होने की वजह से भारी वाहनों और आम यात्रियों को भारी जाम का सामना करना पड़ता था. इस फोरलेन के बनने से यह पूरा कृषि और औद्योगिक बेल्ट सीधे बड़े बाजारों से जुड़ जाएगा.
दिल्ली-NCR से कनेक्टिविटी होगी सुपरफास्ट
इस हाईवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह दिल्ली-NCR से आने-जाने वालों के लिए शानदार विकल्प बनेगा. मथुरा और हाथरस पहले से ही यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के करीब हैं. ऐसे में दिल्ली-नोएडा से कासगंज, बदायूं या बरेली जाने वाले लोग बिना किसी जाम के इस नए रूट का इस्तेमाल कर सकेंगे.इसके अलावा यह हाइवे बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे को भी क्रॉस करेगा, जिससे मेरठ, हापुड़ और दिल्ली-NCR की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को सीधा और हाई-स्पीड एक्सेस मिलेगा.
शहरों का ट्रैफिक हुआ खत्म
इस हाइवे ने कई शहरों के ट्रैफिक को लगभग खत्म कर दिया है. भरतपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को पहले मथुरा शहरे के ट्रैफिक से गुजरना पड़ता था लेकिन NH-503B की वजह से अब यह वाहन शहर को बाईपास करके गुजरते हैं. इसके अलावा राया, हाथरस और सिकंदराराव शहर में भी बाईपास बनाया गया है. इसके जरिए लोग बिना ट्रैफिक में फंसे निकल पा रहे हैं.
स्थानीय निवासी दलबीर सिंह बताते हैं, ‘आगरा जाने के लिए या ग्वालियर स्तर जाने के लिए मथुरा शहर की भीड़ से बाहर बच के हम बाहर निकल जाते हैं. हाइवे बनने से एक सुविधा यह अच्छी हमारे लिए हुई है. इधर हमें हाथरस, कासगंज या बरेली तक जाना है. तो उसको शहर से बाहर से निकाला गया है. हाथरस की भीड़ से हम बच जाते हैं. राया की भीड़ से बच जाते हैं.’ट्रक ड्राइवर निशांत सिंह का कहना है कि पहले हम अंदर वाले रोड से जाते थे. वहां बहुत गड्ढे थे. अब यह नया रोड बना हुआ है. इसमें कम से कम 4 से 5 घंटे की बचत हो रही है.यह रोड बहुत बढ़िया है. कहीं को उतरना हो किसी से पूछने की जरूरत नहीं है. कट से उतर के चले जाओ.
