अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित गबन (चोरी) के विरोध में देश भर से आए सैकड़ों साधु-संतों और महामंडलेश्वरों ने नई दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। संतों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 500 साधु-संत मंडी हाउस पहुंचे। संतों की मांग थी कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की सीबीआई की निगरानी में जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।प्रदर्शन में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी शामिल हुए। उन्होंने संतों के समर्थन में प्रदर्शन किया और सड़क पर बैठकर नारेबाजी की।प्रदर्शनकारी पीएम नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने के लिए जुलूस की शक्ल में प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ना चाहते थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया तो सांसद पप्पू यादव ने सड़क पर ही लेट गए।इस दौरान उन्होंने कहा कि हम यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मामले में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपने को इकट्ठे हुए . प्रदर्शन में ज्ञापन देने के लिए शामिल इंद्रप्रस्थ पीठ के संत जगद्गुरु स्वामी रामानुजाचार्य ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करते हैं कि ट्रस्ट में शामिल वे लोग जो भी मामले में संलिप्त हैं उनपर कार्रवाई कर जेल भेजा जाना चाहिए. इस कृत्य के चलते संतों को हेय दृष्टि से देखा जा रहा है. इससे सनातन धर्म को नुकसान हो रहा है. इसलिए किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए, न ही किसी को भी बचाया जाना चाहिए.

पुलिस ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोका, कई संत सड़क पर लेटे
संतों की बड़ी संख्या को देखते हुए दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।पुलिस ने साधु-संत को रोकने की कोशिश की तो कई साधु-संत सड़क पर ही लेट गए। उनके हाथों में अलग-अलग मांगों से जुड़ी तख्तियां थीं और वे जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे।इस दौरान पप्पू यादव भी सड़क पर लेट गए और संतों के साथ चढ़ावे में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया और पप्पू यादव समेत कुछ लोगों को डिटेन कर दूसरी दिशा में भेज दिया।

हनुमानगढ़ी समेत कई अखाड़ों के संत पहुंचे थे
प्रदर्शन में देश के विभिन्न अखाड़ों से जुड़े साधु-संतों के शामिल हुए थे। बताया जा रहा कि अयोध्या की हनुमानगढ़ी से भी कुछ संत दिल्ली पहुंचे थे। इसके अलावा कई महंत, महामंडलेश्वर और अन्य साधु-संत भी प्रदर्शन में शामिल हुए।संतों की ओर से राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले दान की कथित हेराफेरी की जांच सीबीआई की निगरानी में कराने की मांग की गई। उनका कहना था कि इस मामले में पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कुछ दिन पहले पप्पू यादव ने संसद में किया था दानपात्र वाला प्रदर्शन
राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर प्रदर्शन में पप्पू यादव के शामिल होने को उनके कुछ दिन पहले किए गए संसद परिसर के प्रदर्शन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पप्पू यादव ने संसद परिसर में साधु का वेश धारण कर दानपात्र में रखे चढ़ावे को निकालकर जेब में रखने का नाटकीय प्रदर्शन कियाइस दौरान वे पुजारी की भूमिका में नजर आए थे। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से दानपात्र में चढ़ावा डालने के बाद पप्पू यादव ने उसे निकालकर अपनी जेब में रख लिया था। उनके हाथ में भगवान श्रीराम की तस्वीर भी थी।
