मध्यप्रदेश के दतिया में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हो गया. शनिवार, 11 जुलाई तड़के प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है. हालात को देखते हुए दतिया में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है.
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में बवाल मच गया है. बीजेपी ने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर उनकी जगह युवा नेता आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है, जिसके बाद उनके समर्थक का गुस्सा फूट पड़ा है. नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में पार्टी के फैसले का विरोध करते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दतिया नेशनल हाईवे पर देर रात जाम लगा दिया था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है. पुलिस ने कार्यकर्ताओं को सड़क से हटाया. बताया जा रहा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी हुआ है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़े.दतिया बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि दतिया के बीजेपी कार्यालय पर बम फिंकवाए जा रहे हैं, हिंसा करवाई जा रही है. बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस बर्बरता कर रही है और उन्हें कार्यालय में बंद कर दिया गया है. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का कहना है कि वे आशुतोष तिवारी का बहिष्कार करते हैं. पार्टी ने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की है.
50 से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ता घायल
अभी तक जो जानकारी सामने आई है, उसमें पता चला है कि पुलिस एक्शन में 50 से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गए हैं. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं पर गोले फेंके और उनके साथ ज्यादती की गई. कार्यकर्ताओं को अपशब्द भी कहे गए हैं. यह आरोप भी लगाया गया कि एसपी साहब ने प्रदर्शनकारियों को खुद गाली दी.बीजेपी कार्यकर्ता सीएम मोहन यादव से भी नाराज हैं. उनका कहना है कि यह सब मोहन यादव के इशारे पर हो रहा है. जिस प्रत्याशी को हम नहीं जानते, उनके लिए चुनाव क्यों लड़ेंगे? सुबह पांच बजे राम का भजन कर रहे थे, तब भी पीटा गया.
डीएम स्वप्निल वानखेड़े ने क्या बताया?
वहीं, दतिया जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने जानकारी दी कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के चक्काजाम के कारण आम जनता को बहुत परेशानियां हो रही थीं. 11 घंटे से 20 किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा. महिलाओं और बच्चों से भरी बसें जाम में फंसी रहीं. हमने सुबह 4.00 बजे तक समझाने की कोशिश की तो पत्थरबाजी हुई. इसके जवाब में पुलिस जवानों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. डीएम ने बताया कि उन्हें भी चोटें आई हैं. वहीं, एसपी साहब और अन्य लोगों को चोटें आईं. 8 पुलिसकर्मी घायल हैं.डीएम ने किसी भी प्रकार के लाठीचार्ज के दावों को नकारा है. उन्होंने कहा कि कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया. कार्यकर्ता अभी भी अंदर हैं, एक-एक करके बाहर आएं तो कोई दिक्कत नहीं, ज्यादा संख्या में आएंगे तो हम भी सख्ती से निपटेंगे. टिकट किसको मिलता है, इससे प्रशासन को कोई मतलब नहीं, हमारा काम चुनाव कराना है.
‘दतिया में दादा का टिकट ही चाहिए’
बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं का दावा है कि पुलिस प्रशासन उनके साथ अत्याचार कर रहा है. पुलिसवालों ने गाड़ी पलटा दी और कह रहे हैं कि कार्यकर्ताओं ने पलटाई है. बीजेपी के राज्य में महिलाओं के साथ अत्याचार कैसे हो सकता है? हमें दतिया में दादा का टिकट ही चाहिए. हम अपने नेता के लिए लड़ रहे हैं तो हमें जेल भेजा जा रहा है.
पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
बीजेपी जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा ने इस फैसले के विरोध में तमाम पदाधिकारियों के साथ सामूहिक इस्तीफा दे दिया है. उन्हें इस फैसले को एकतरफा और कार्यकर्ताओं का अपमान करने वाला बताया. वहीं उनके समर्थकों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से नाराज बीजेपी जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बीजेपी नेता हेमंत खंडेलवाल के नाम पत्र लिखकर विरोध जताया और अपने समस्त पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, व अन्य सदस्यों के साथ सामूहिक इस्तीफे का ऐलान कर दिया. जिसके बाद बीजेपी के अंदर हलचल मच गई हैं.
दतिया बीजेपी ने दिया सामूहिक रूप से इस्तीफा
रघुवीर सिंह ने अपने पत्र में लिखा- मैं रघुवीर सिंह कुशवाहा, ज़िलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी दतिया, अपने समस्त कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से बातचीत करने के बाद निर्णय लेता हूं कि पार्टी द्वारा दतिया विधानसभा में होने जा रहे उपचुनाव में लिया गया निर्णय एकतरफा और पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करते हुए दिया गया है. मैं अपने समस्त पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपक्ष अध्यक्ष, नगर पालिका दतिया अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, बड़ौनी पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, दलिया विधानसभा के 6 मंडलों के अध्यक्ष मोर्चा अध्यक्ष दतिया, बड़ौनी के समस्त पार्षदगण और दतिया विधानसभा के 291 बूथों के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी समेत सामूहिक रुप से दायित्वों इस्तीफा देते हैं.
नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी बनाने की मांग
उन्होंने पार्टी को चेतावनी दी कि अगर पार्टी 24 घंटे में नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी नहीं बनाती तो वो पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देंगे और पूरी ताक़त से विरोध करेंगे. रघुवीर कुशवाहा के इस पत्र के बाद बीजेपी के अंदर बवाल मच गया है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है. जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. इन नेताओं की बगावत के बाद बीजेपी की दतिया में मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. ऐसे में बीजेपी के सामने कांग्रेस से चुनाव जीतने के साथ ही पार्टी की इस कलह से निबटना भी चुनौती बन गया है. देखना होगा कि बीजेपी क्या अपना फैसला बदलती है और फिर से नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी बनाएगी या नहीं.
24 घंटे के अंदर नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार बनाने की मांग
उन्होंने आगे कहा, ”मैं अपने समस्त पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, नगर पालिका दतिया अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, बडौनी पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, दतिया विधानसभा के 6 मण्डलों के अध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष, दतिया, बड़ौनी के समस्त पार्षदगण तथा दतिया विधानसभा की 291 बूथों के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सहित सामूहिक रूप से दायित्वों से इस्तीफा देते हैं. पार्टी चौबीस घंटे में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार नहीं बनाती है तो पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देंगे. पूरी ताकत से विरोध करेंगे.”
आशुतोष तिवारी को बीजेपी ने बनाया है उम्मीदवार
दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए सत्तारूढ़ बीजेपी ने शुक्रवार (10 जुलाई) को आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया. नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद थी और उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था. ऐसे में बीजेपी का यह फैसला उनके लिए झटका माना जा रहा है.दतिया जिले के सेवढ़ा कस्बे के निवासी तिवारी लंबे समय से प्रदेश बीजेपी संगठन में सक्रिय हैं. उम्मीदवार घोषित होने के बाद तिवारी ने प्रदेश बीजेपी दफ्तर के बाद मीडिया से कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा, “नरोत्तम मिश्रा बहुत वरिष्ठ नेता हैं और मेरे अभिभावक समान हैं.”
