महाराष्ट्र में एक बार फिर उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है. शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे के 6 सांसदों ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को अपना समर्थन दे दिया है. यह दावा सूत्रों ने किया है.जिन सांसदों के एकनाथ शिंदे के साथ जाने की चर्चा है उसमें संजय जाधव , संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर , ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं.उधर, बुधवार 17 जून को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में फूट पड़ने की अटकलें तेज होने के बीच पार्टी नेता संजय राउत ने बागी सांसदों को बुधवार को चुनौती दी कि अगर वे पाला बदलना चाहते हैं तो इस्तीफा दे दें. राउत ने नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर 2022 की तरह पार्टी में फिर फूट डालने की कोशिश की गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना (UBT) के सांसद चुप नहीं बैठेंगे.
राउत की प्रेस वार्ता में कौन कौन था?
राउत के संवाददाता सम्मेलन में शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल तीन सांसद- अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे शामिल हुए.उन्होंने बागी सांसदों से कहा, ‘उद्धव ठाकरे और शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने सांसदों की जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की है. अगर पाला बदलना है तो पहले इस्तीफा दें.’राज्यसभा सदस्य ने हालांकि कहा कि शिवसेना (UBT) के पास सांसदों के पार्टी छोड़ने की अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है.उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को 15 करोड़ रुपये में खरीदा जा रहा है. राउत ने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) जैसे दलों को तोड़ा जाता है तो चुनाव लड़ने का कोई मतलब नहीं रह जाता.
उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों द्वारा एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय के लिए लोकसभा अध्यक्ष को प्रस्ताव सौंपा गया. 21 तारीख को औपचारिक घोषणा होने की संभावना है. विलय प्रक्रिया में कोई तकनीकी अड़चन नहीं है. सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. विलय के लिए पत्र पर 6 सांसदों के हस्ताक्षर हैं. सूत्रों के मुताबिक, इसमें कुछ सांसदों की प्रत्यक्ष उपस्थिति भी जरूरी है, जो अगले एक-दो दिनों में पूरी हो जाएगी. हस्ताक्षरों की जांच शुरू हो गई है. अध्यक्ष पहले ही अलग हुए गुट से मिल चुके हैं.19 जून को उद्धव ठाकरे की शिवसेना स्थापना दिवस मनाने वाली है. 19 जून को पार्टी की स्थापना के 60 साल पूरे हो रहे हैं. लेकिन इस बार उद्धव ठाकरे की शिवसेना को बड़ा झटका लगने वाला है.
हस्ताक्षर करने वाले सांसदों के नाम
संजय दिना पाटील- मुंबई उत्तर पूर्व
भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे- शिर्डी
संजय हरिभाऊ जाधव (बंडू जाधव)- परभणी
नागेश बापुराव पाटील आष्टिकर- हिंगोली
संजय देशमुख- यवतमाल-वाशिम
ओमप्रकाश राजेनिंबालकर- धाराशिव
शिवसेना UBT से क्यों खफा सांसद ?
सांसदों की नाराजगी की वजह सामने आई है.
पत्नी का निधन हुआ, उद्धव ने फोन तक नहीं किया
शिवसेना यूबीटी में टूट की खबरों के बीच एक सांसद ने अपनी नाराजगी की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि एक बार उद्धव ठाकरे उनके संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आए थे. उनके पूरे दौरे की प्लानिंग और खर्च सांसद ने उठाया था. उसी समय, इस उनकी पत्नी का निधन हो गया. लेकिन, उद्धव ठाकरे ने न तो इस बारे में पूछने के लिए उनको फोन किया और न ही उनसे मिलने उनके घर गए. इसके उलट, अमित शाह ने फोन करके उनको को दिलासा दिया. सांसद को इस बात का अफसोस हुआ कि उद्धव ठाकरे उनके दुख में उनके साथ नहीं थे.
एक्सीडेंट हुआ तो उद्धव ने नहीं की मदद
उद्धव के दूसरे सांसद की नाराजगी भी सामने आई है. सांसद ने बताया कि उनका एक्सीडेंट हो गया था. उनके पैर में गंभीर चोट लगी थी. उस समय एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस ने फोन करके उनके इलाज में मदद की थी. इस वजह से वह उद्धव ठाकरे से नाराज हैं.
शिवसेना UBT ने नहीं उठाया चुनाव का खर्च
तीसरे सांसद की नाराजगी की वजह लोकल बॉडी इलेक्शन में उद्धव ठाकरे की तरफ से मदद न मिलना है. उन्होंने बताया कि चुनाव का पूरा खर्च उन्होंने अपनी जेब से उठाया. लेकिन दूसरी पार्टियों ने काफी पैसा खर्च किया था. सांसद ने उद्धव ठाकरे से पैसे की मदद मांगी थी लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की. इस वजह से सांसद के कार्यकर्ता और पदाधिकारी नाराज होकर चले गए. सांसद ने यह बात उद्धव ठाकरे के करीबी लोगों को बताकर इस पर नाराजगी भी जताई थी.
