तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद भी राज्य में अब तक नई सरकार के गठन को लेकर गहमागहमी बनी हुई है. राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर की तरफ से थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को 108 सीटों पर जीत हासिल करने के बावजूद सरकार गठन करने की अनुमति न देने बवाल मचा है. इस बीच तमिलनाडु की पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके सहित कमल हासन की MNM, वीसीके और सीपीआई जैसी पार्टियों ने एकजुट होकर विजय और टीवीके का समर्थन किया है. तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टियों ने राज्यपाल की ओर से विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न किए जाने को जनादेश का अपमान करार दिया है.नई दिल्ली।
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर पैदा हुए राजनीतिक गतिरोध के बीच अभिनेता-राजनेता विजय को कई विपक्षी दलों का समर्थन मिल गया है। डीएमके, वीसीके, एमएनएम और सीपीआई जैसे दलों ने राज्यपाल आरवी अर्लेकर के रुख पर सवाल उठाते हुए इसे जनादेश का अपमान बताया है।दरअसल, विधानसभा चुनाव में विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) 108 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. हालांकि, तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 का है. ऐसे में विजय के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 में से 10 सीटें कम है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के समर्थन के बाद अब टीवीके के पास कुल 113 विधायक हैं, यानी अभी भी बहुमत से 5 सीटें कम हैं. जिसके बाद तमिलनाडु के राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को पहले बहुमत स्पष्ट करने को कहा है.
विजय के समर्थक दलों ने कहा…..
राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर ने गुरुवार (7 मई, 2026) को टीवीके चीफ विजय से मुलाकात के दौरान कहा कि वे सरकार बनाने से पहले अपना बहुमत साबित करें. जबकि विजय और उनके अन्य समर्थक दलों का कहना है कि संविधान के मुताबिक उन्हें (राज्यपाल को) पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जानी चाहिए और बाद में विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराया जाना चाहिए.
कमल हासन बोले- जनादेश का अपमान
विजय के समर्थन में सबसे पहले अभिनेता और एमएनएम प्रमुख कमल हासन सामने आए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका न देना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम ने 108 सीटें जीती हैं। विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करना तमिलनाडु की जनता के जनादेश का अपमान होगा। 233 निर्वाचित सदस्य अब तक शपथ नहीं ले पाए हैं। यह राज्य और लोकतंत्र दोनों का अपमान है।’ उन्होंने डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन की ‘जिम्मेदार विपक्ष’ वाली टिप्पणी की भी सराहना की और कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
अभिनेता प्रकाश राज ने विजय थलापति को सपोर्ट किया
साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज ने विजय थलापति को सपोर्ट किया है। गर्वनर और विजय थलापति के मामले को लेकर प्रकाश राज ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर एक लेटेस्ट ट्वीट शेयर किया है। इस ट्वीट में प्रकाश ने विजय का समर्थन करते हुए प्रदेश की गर्वनर के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और लिखा है- इस गवर्नर का बर्ताव घिनौना, अस्वीकार्य और असंवैधानिक है। हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं। लेकिन विजय को जनादेश मिला है। उन्हें सदन के पटल पर अपने अधिकार का दावा करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस तरह से प्रकाश राज ने अपनी राय रखी है। मालूम हो कि प्रकाश अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं और आए दिन सोशल मीडिया पर किसी ने किसी पर निशाना साधते रहते हैं। फिलहाल उन्होंने तमिलनाडु के गर्वनर को टारगेट किया है।
वीसीके और सीपीआई ने भी दिया समर्थन
VCK चीफ थोल तिरुमवलवन ने कहा कि राज्यपाल की यह मांग पूरी तरह से अस्वीकर्य है. उनकी तरफ से विजय को विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए, न कि पहले से नंबर साबित करने की शर्त रखी चाहिए. जबकि सीपीआई के तमिलनाडु सचिव एम. वीरपांडीयन ने भी कहा कि क्योंकि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है औ TVK सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए संवैधानिक परंपरा के अनुसार विजय को सबसे पहले सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.डीएमके नेता ए. सरवानन ने कहा कि जब कोई प्री-पोल गठबंधन बहुमत में नहीं है, तब सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का पहला मौका मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि अभी तक किसी और दल ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है, जबकि TVK ने 113 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा है.
