महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में से महायुति ने 25 में परचम लहरा दिया है। बीएमसी में भी उसे बंपर जीत हासिल हुई है। बीएमसी में बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इस बीच मुंबई बीजेपी दफ्तर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणीस ने कहा कि यह महायुति की महाजीत है। यह पीएम मोदी के विकास के एजेंडे की जीत है। एक-एक शहर में हम परिवर्तन लाएंगे। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों के नतीजे आने वाले दिनों में सूबे का सियासी भविष्य तय करेंगे। बीएमसी चुनाव में सभी 227 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं शिंदे की शिवसेना ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की है।
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने राज्यभर के शहरी निकायों में सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरते हुए कुल 1441/2869 वार्ड जीते हैं. इसमें शिंदे की शिवसेना का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा. डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की पार्टी 404 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी. कांग्रेस 318 सीटों के साथ तीसरे पायदान पर रही, जबकि NCP के दोनों खेमों का संयुक्त प्रभाव सीमित दिखा. बड़े शहरों की तस्वीर में मुंबई में BJP सबसे आगे, नवी मुंबई में स्पष्ट बहुमत BJP को, जबकि ठाणे में शिवसेना (शिंदे धड़ा) ने दबदबा कायम किया.राजधानी मुंबई के BMC चुनावमें BJP सबसे बड़ी पार्टी बनी पर स्पष्ट बहुमत से दूर ही रही. BMC में बहुमत का आंकड़ा 114 रहा. UBT दूसरे स्थान पर रही, शिवसेना (SS) और कांग्रेस के साथ मिलकर विपक्षी खेमे का आकार बड़ा है. MNS (10) और OTH (10) किंगमेकर साबित हो सकते हैं. देश की सबसे अमीर महानगरपालिका BMC के नतीजे लगभग साफ हो चुके हैं. बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन असली कहानी उन 29 सीटों में छिपी है जो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने जीती हैं.आंकड़ों का गणित ऐसा उलझा है कि बिना शिंदे के ‘धनुष-बाण’ के बीजेपी का मेयर बनना नामुमकिन है.
बहुमत के लिए 114 का आंकड़ा चाहिए. बीजेपी के पास 88 सीटें हैं, यानी उसे अभी भी 26 और पार्षदों की जरूरत है, शिंदे की 29 सीटें ही बीजेपी को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचा सकती हैं.शिंदे के पास अब वह ताकत है जिससे वह बीजेपी से अपनी शर्तें मनवा सकें.शिंदे गुट के प्रवक्ता और अन्य नेताओं ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि मुंबई का मेयर शिवसेना (शिंदे) का होना चाहिए क्योंकि यह बालासाहेब की विरासत है जहां एक ओर पार्टी के प्रवक्ता और कार्यकर्ता शिवसेना का मेयर होने की मांग कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बेहद सधा हुआ जवाब दिया है.शिंदे ने कहा कि हमारा एजेंडा विकास है. हम महायुति के तौर पर लड़े हैं और साथ बैठकर तय करेंगे कि मुंबई के हित में क्या बेहतर है. हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिंदे का यह नरम रुख एक बड़े पॉवर प्ले की रणनीति हो सकती है.शिंदे गुट मांग कर सकता है कि पहले ढाई साल शिवसेना का मेयर रहे.चर्चा यह भी है कि ठाणे में स्पष्ट बहुमत (75 सीटें) मिलने के बाद शिंदे मुंबई में बीजेपी को मेयर पद देकर बदले में महत्वपूर्ण समितियों जैसे स्टैंडिंग कमेटी पर नियंत्रण मांग सकते हैं. 24 सीटों वाली कांग्रेस और अन्य छोटे दल क्या रुख अपनाते हैं, इस पर भी सबकी नजर है.शिंदे जानते हैं कि 2029 के विधानसभा चुनाव से पहले बीएमसी पर पकड़ बनाना उनकी पार्टी की साख के लिए जरूरी है.अगर वह बीजेपी को आसानी से मेयर पद दे देते हैं, तो उनके कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा सकता है. इसलिए, पर्दे के पीछे डिप्टी मेयर, स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन और महत्वपूर्ण वार्डों को लेकर कड़ी सौदेबाजी लगभग तय मानी जा रही है.
नासिक महानगरपालिका में बीजेपी की सत्ता बरकरार
बीजेपी ने शुक्रवार को नासिक महानगरपालिका (एनएमसी) की 122 सीटों में से 72 पर जीत दर्ज अपनी सत्ता बरकरार रखी। बीजेपी ने यह जीत ऐसे समय में हासिल की है, जब आगामी कुंभ मेले के लिए तपोवन क्षेत्र में एक साधुग्राम बनाने के वास्ते सैकड़ों पेड़ों को काटने की एनएमसी की योजना के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। बीजेपी ने एनएमसी की 72 सीटें जीतकर अकेले चुनाव लड़ने के अपने फैसले को सही साबित किया। राज्य में बीजेपी की सहयोगी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना एनएमसी चुनाव में 26 सीटों पर जीत के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं, उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी को महज पांच सीटों से संतोष करना पड़ा। एनएमसी चुनाव के लिए शिवसेना और राकांपा ने भाजपा के खिलाफ गठबंधन किया था। इन चुनावों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 15 सीटों पर विजयी रही, जबकि उसकी सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को महज एक सीट पर जीत नसीब हुई। कांग्रेस ने एनएमसी चुनाव में तीन सीटें जीतीं, जबकि एक सीट भाजपा से बगावत करने वाले निर्दलीय उम्मीदवार मुकेश शहाणे ने जीती।
29 नगर निकायों में से 11 के नतीजे घोषित
महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के लिए हुए चुनावों के लिए शुक्रवार को घोषित परिणामों के अनुसार, भाजपा ने नवी मुंबई और जलगांव में जीत हासिल की जबकि कांग्रेस भिवंडी और कोल्हापुर में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। अब तक, 11 नगर निकायों के परिणाम घोषित किये गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने नवी मुंबई की 111 सीटों में से 65 सीटें जीतीं। शिवसेना ने 43 सीटें, शिवसेना (उबाठा) ने दो सीटें और एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की।
- जलगांव में भाजपा ने 75 सीटों में से 46 सीटें, शिवसेना ने 22, राकांपा ने एक, शिवसेना (उबाठा) ने पांच और निर्दलीय उम्मीदवार ने एक सीट जीती। सांगली-मिराज-कुपवाड़ा में भाजपा ने 78 सीटों में से 39, कांग्रेस ने 18, एनसीपी ने 16, शिवसेना ने दो और राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने तीन सीटें जीतीं।
- जालना में भाजपा ने 65 में से 45 सीटें, कांग्रेस ने नौ, शिवसेना ने 12 और अन्य दलों ने तीन सीटें जीतीं।
- ठाणे जिले के उल्हासनगर में भाजपा को 78 में से 37 सीटें, जबकि शिवसेना को 36 सीटें मिलीं। भिवंडी-निजामपुर में कांग्रेस ने 30 और भाजपा ने 22 सीटें जीतीं। शिवसेना को 12 और राकांपा (एसपी) को 12 सीटें मिलीं।
- पनवेल में भाजपा ने 78 में से 55 सीटें जीतीं, कांग्रेस ने चार, शिवसेना ने दो, शिवसेना (उबाठा) ने पांच और अन्य ने 10 सीटें जीतीं।
- मालेगांव में एआईएमआईएम ने 84 में से 26 सीटें, शिवसेना ने 18, भाजपा ने 2 सीटें जीतीं, जबकि अन्य ने 35 सीटें जीतीं।
- धुले में भाजपा ने 50 सीटें, राकांपा ने आठ, शिवसेना ने पांच और अन्य पार्टियों ने 11 सीटें जीतीं।
- अहिल्यानगर में राकांपा ने 68 में से 27 सीटें जीतीं, भाजपा ने 25, कांग्रेस ने दो, बसपा ने एक, शिवसेना ने 10, शिवसेना (उबाठा) ने एक और अन्य दलों ने दो सीटें जीतीं।
- कोल्हापुर में कांग्रेस ने 34, भाजपा ने 26, शिवसेना ने 15, राकांपा ने चार, शिवसेना (उबाठा) ने एक और अन्य दलों ने एक सीट जीती।
महाराष्ट्र की पांच महानगरपालिकाओं में होगा कांग्रेस का महापौर : सपकाल
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को दावा किया कि उनकी पार्टी का राज्य के पांच शहरों में महापौर होगा और पूरे राज्य में करीब 350 पार्षद होंगे। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र की कम से कम 10 महानगरपालिकाओं की सत्ता व्यवस्था में कांग्रेस की हिस्सेदारी होगी। कांग्रेस के मुताबिक, पार्टी लातूर, चंद्रपुर, भिवंडी (ठाणे जिला), परभणी और कोल्हापुर में अपना महापौर नियुक्त करने की स्थिति में है। ये पांच महानगरपालिकाएं उन 29 महानगरपालिकाओं में शामिल हैं, जहां 15 जनवरी को मतदान हुआ था और शुक्रवार को मतगणना हो रही है। सपकाल ने बुलढाणा में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि महानगरपालिका चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन पूरी तरह से संतोषजनक नहीं है, लेकिन पार्टी ने अपने सिद्धांतों से समझौता किए बिना एक ‘वैचारिक लड़ाई’ लड़ी और राज्य में प्रमुख विपक्षी ताकत के रूप में उभरी।
कोल्हापुर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी
कोल्हापुर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। कांग्रेस के खाते में 34 सीटें हैं। BJP के पास 24 सीटें हैं। शिवसेना शिंदे ग्रुप 14 सीटों पर रहा। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी अजित पवार ग्रुप को 4 सीटें मिलीं। विधायक विनय कोरे की जनसुराज्य शक्ति पार्टीने एक सीट जीती। शरद पवार की पार्टी NCP की कोल्हापुर में एक भी सीट नहीं मिली।
