महाराष्ट्र में रविवार को देवेंद्र फडणवीस सरकार में 39 नये मंत्रियों ने शपथ ली. मंत्रिपरिषद में शामिल किये गये कुछ मंत्रियों का संक्षिप्त परिचय इस प्रकार है. चंद्रशेखर बावनकुले शपथ लेने वाले मंत्रियों में शामिल हैं. बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले को 2019 के चुनाव में टिकट नहीं मिल सका था, लेकिन उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव में नागपुर की कामठी सीट से जीत हासिल की.
उन्हें अगस्त 2022 में पार्टी की राज्य इकाई का प्रमुख बनाया गया था. बावनकुले पिछले 30 वर्षों से बीजेपी से जुड़े हुए हैं. वह 2014 से 2019 के बीच देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली बीजेपी-शिवसेना सरकार में बिजली मंत्री थे.
राधाकृष्ण विखे पाटिल: अहिल्यानगर जिले के शिरडी से आठ बार विधायक रहे पाटिल ने 1995 में राज्य की पहली शिवसेना-बीजेपी सरकार में मंत्री के रूप में काम किया था. इसके अलावा, वह 1999 से 2014 तक कांग्रेस-राकांपा सरकार में भी मंत्री रहे. वह 2014 में बीजेपी में शामिल हो गए.
चंद्रकांत पाटिल: पुणे के कोथरुड से दो बार विधायक रहे हैं. वह विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं. कोल्हापुर से ताल्लुक रखने वाले पाटिल केंद्रीय मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं. वह 2014 से 2019 के बीच भी देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री पद संभाल चुके हैं.
मंगल प्रभात लोढ़ा: मुंबई के मालाबार हिल से सात बार विधायक रहे लोढ़ा 2022 में पहली बार मंत्री बने और मुंबई उपनगरीय जिले के प्रभारी मंत्री के साथ-साथ पार्टी की मुंबई इकाई के प्रमुख भी रहे.
गिरीश महाजन: जलगांव जिले के जामनेर से सात बार विधायक चुने गए. वह 2014-19 के बीच फडणवीस सरकार और 2022-24 के बीच एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में मंत्री रह चुके हैं.
आशीष शेलार: मुंबई के बांद्रा पश्चिम से तीन बार के विधायक शेलार बीसीसीआई कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं. वह वर्तमान में बीजेपी की मुंबई इकाई के प्रमुख हैं.
गणेश नाइक: शिवसेना के पूर्व नेता नाइक 2014 में एनसीपी और फिर बीजेपी में शामिल हो गए. उन्होंने 1999 से 2014 के बीच कांग्रेस-राकांपा सरकारों में मंत्री के रूप में कार्य किया. वह नवी मुंबई में ऐरोली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं.
हसन मुश्रीफ: कोल्हापुर जिले की कागल विधानसभा सीट से छह बार के विधायक मुश्रीफ पिछले साल जुलाई में राकांपा में दो फाड़ होने पर अजित पवार गुट के साथ जुड़े. मुश्रीफ पर धन शोधन का मामला दर्ज किया गया था और सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने से पहले प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ छापेमारी की थी. पहली बार मंत्री बनीं माधुरी मिसल पुणे के पार्वती विधानसभा क्षेत्र से चार बार की विधायक हैं.
मेघना बोर्डिकर: मंत्री पद की शपथ लेने वालीं मेघना बोर्डिकर परभणी जिले के जिंतूर से दो बार की बीजेपी विधायक हैं. मंत्रिपरिषद में जगह पाने वालीं पंकजा मुंडे विधान परिषद सदस्य हैं. मुंडे 2024 में बीड सीट से लोकसभा हार गई थीं.
मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने पर छगन भुजबल के समर्थकों का हंगामा
महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल में जगह नहीं दिए जाने पर एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया. नासिक में भुजबल समर्थकों ने एनसीपी ऑफिस के बाहर टायर जलाया. रविवार को सीएम देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट के मंत्रियों ने शपथ ली.महायुति की नई सरकार में 39 मंत्री बनाए गए हैं. इसमें 19 मंत्री बीजेपी के कोटे से, 11 मंत्री शिवसेना शिंदे गुट के कोटे से जबकि नौ मंत्री एनसीपी अजित पवार के कोटे से बनाए गए हैं. इन नौ मंत्रियों में एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल को शामिल नहीं किया गया. इसी बात से उनके समर्थकों में गुस्सा है. इससे पहले छगन भुजबल ने नागपुर में रविवार को पार्टी की बैठक से भी किनारा किया. भुजबल होटल में ही रहे. हालांकि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया. उधर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार से जब सवाल छगन भुजबल को कैबिनेट में जगह नहीं देने पर सवाल किया तो फिलहाल उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. हालांकि अजित पवार ने ये साफ कर दिया कि उनकी पार्टी के जितने विधायकों को मंत्री बनाया गया है वह ढाई साल तक ही सरकार में रहेंगे. ढाई साल बाद दूसरे विधायकों को मौका दिया जाएगा.एनसीपी के 9 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. इनमें हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, दत्तात्रय भरणे, अदिति तटकरे को मंत्री बनाया गया है. इसके साथ ही पार्टी के विधायक माणिकराव कोकाटे, नरहरि झिरवाल, मकरंद जाधव पाटिल, बाबासाहेब पाटिल, इंद्रनील नाइक को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. महाराष्ट्र में 23 नवंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए गए थे. महायुति गठबंधन को राज्य की 288 में से 230 सीटों पर शानदार जीत मिली थी.
