नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों के समूह इंडिया गठबंधन की कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती आदि अन्य नेता बैठक में शामिल हुए। बैठक में 23 दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया, डीएमके और आप पार्टी ने दूरी बनाई। यहां जानिए बैठक में क्या क्या हुआ, किस दल के नेता ने बैठक को लेकर क्या कुछ कहा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचे।सोनिया गांधी और ममता बनर्जी ने बैठक के शुरू होने पर मिलते ही एक दूसरे को गले लगाया और एक दूसरे का हाल चाल जाना। वहीं, इस बैठक में सभी नेताओं ने अपनी-अपनी बातें रखीं।

बैठक में ये नेता मौजूद
इंडिया ब्लॉक की बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, उमर अब्दुल्ला, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, कपिल सिब्बल, डेरेक ओ’ब्रायन पहुंचे हैं। इसके अलावा शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग में शामिल हुए हैं।

इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने एकता पर दिया जोर
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जिस तरह से हमलोगों न एकता बनाकर परिसीमन विधेयक पर एनडीए को परास्त किया, उसी तरीके से अब हमें एसआईआर और विदेश नीति के मुद्दे को जोर शोर से उठाना होगा। हमें मोदी सरकार के कुशासन से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा।
एनडीए सरकार पर बरसे मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर डिलिमिटेशन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को परास्त किया। अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना है और आगे बढ़ाना है, ताकि मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके।
एसआईआर से हमारे करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा
खरगे ने कहा कि SIR के कारण हमारे करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। संविधान पर हमला लगातार जारी है। जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के औजार के रूप में लगातार किया जा रहा है। गैर-BJP सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है। नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस रफ्तार से नए निवेश आने चाहिए, वे बिल्कुल उस रफ्तार से नहीं आ रहे हैं।
कांग्रेस बोली- कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा
खरगे ने आगे कहा कि कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और MSMEs का भविष्य गंभीर संकट में है। परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार, खासकर BJP शासित राज्यों में, लगातार जारी हैं। हमारी विदेश नीति के साथ पूरी तरह से समझौता किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनकी भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है।मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया, ‘SIR, वोट की लूट और चुनाव में धांधली के बारे में भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने पर सहमति बनी है। यह पत्र जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जाएगा।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे बताया, ‘शिक्षा मंत्री के तुरंत इस्तीफे की मांग पर सर्वसम्मति से सहमति बनी, क्योंकि उनकी देखरेख में NEET और CBSE परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों युवाओं के साथ धोखा हुआ।’ खड़गे ने आगे कहा, ‘केंद्र सरकार को मौजूदा नाजुक आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों के मुद्दों और लोगों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया, ‘बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि सभी पार्टियां हर दो महीने में बैठक करेंगी। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के नेता के कार्यालय में हर सुबह बैठकें करके संसद में तालमेल बनाए रखा जाएगा।’ विपक्षी गठबंधन की यह बैठक चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद हुई है। खबरों के मुताबिक, यह बैठक ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अनुरोध पर बुलाई गई थी, जो पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद हार गई थी और अब उन्हें पार्टी के भीतर असंतोष का सामना करना पड़ रहा है।
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा राहुल गांधी देश के महत्वपूर्ण, लोकप्रिय और जुझारू नेता हैं और सरकार उनसे डरती है, INDIA गठबंधन में 23 दल हैं, ठीक तरह से बैठक होगी और 2029 की रणनीति तय होगी। हमारी बैठक का एजेंडा है कि देश के गद्दारों को सत्ता से हटाया जाए। NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने INDIA गठबंधन की बैठक पर एएनआई से कहा भारत में आर्थिक संकट है। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार इस देश में हो रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “क्या एजेंडा, क्या बातचीत है वह जब हम पहुँचेंगे(बैठक में) तभी तय कर पाएंगे लेकिन बंधु राष्ट्र बने, यह हमारी कोशिश होगी। उत्तर प्रदेश में तो आप भी देख रहे होंगे कि क्या हो रहा है, अब तो महिलाएं भी इनसे नाराज हैं, इसलिए जरूरत है कि लोकतंत्र के मूल्यों को बचाया जाए।INDIA ब्लॉक की बैठक पर कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा यह मेरी निजी राय का सवाल नहीं है। सरकार जिस तरह से काम कर रही है, महंगाई जिस तरह से आसमान छू रही है और बेरोजगारी जिस तरह से बढ़ी है, उसे देखिए। लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे युवा प्रभावित हो रहे हैं। आपने NEET परीक्षा को लेकर हालात देखे ही होंगे; लोगों में निराशा का माहौल है, इसलिए, सभी राजनीतिक पार्टियां भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रही हैं। भले ही 1-2 पार्टियां अभी हिचकिचा रही हों – शायद आपसी कलह या पुरानी दुश्मनी की वजह से लेकिन आखिरकार उन्हें साथ आना ही होगा
INDI गठबंधन की बैठक में 5 मुद्दों पर बनी सहमति
1- SIR और चुनावी गड़बड़ियों पर CJI को भेजा जाएगा लेटर
खड़गे ने बताया कि बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), वोटों की कथित लूट और चुनावी धांधली के मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया। सभी दलों ने इस विषय पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को संयुक्त पत्र भेजने पर सहमति जताई। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनकी न्यायिक जांच आवश्यक है।
2- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
बैठक में NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। इंडिया गठबंधन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के लिए सरकार जिम्मेदार है।
3- अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार से देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। नेताओं का कहना है कि आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है और इन्हीं सवालों को लेकर विपक्ष देशव्यापी अभियान चलाएगा।
4- हर दो महीने में होगी INDIA ब्लॉक की बैठक
गठबंधन को सक्रिय बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया कि इंडिया गठबंधन के सभी दल हर दो महीने में नियमित बैठक करेंगे। इसके अलावा संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी रणनीति को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन सुबह नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
5- चुनावी झटकों के बीच विपक्ष की एकजुटता की कोशिश
यह बैठक ऐसे समय हुई जब हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में विपक्ष को मिश्रित परिणाम मिले हैं। जहां तमिलनाडु और केरल में गैर-बीजेपी दलों को सफलता मिली, वहीं पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की जीत और पुडुचेरी में सत्ता बरकरार रहने से विपक्ष को झटका लगा। ऐसे माहौल में इंडिया गठबंधन अपनी एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
