कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन हो गया है.1984 के सिख दंगों के मामले में दोषी ठहराते हुए उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2018 में उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी.इसके साथ ही 12 फ़रवरी, 2025 को एक अदालत ने पूर्व कांग्रेस सांसद को दिल्ली में दो सिखों की हत्या के मामले में उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी. वो तिहाड़ जेल में सज़ा काट रहे थे.सफ़दरजंग अस्पताल ने एक बयान जारी कर बताया है कि 84 वर्षीय सज्जन कुमार को पुलिस सुबह क़रीब 11 बजे बेहोशी की हालत के साथ वीएमएमसी और सफ़दरजंग अस्पताल लाई थी, उन्हें तुरंत एडमिट किया गया और होश में लाने के उपाय शुरू किए गए.”सभी ज़रूरी मेडिकल और लाइफ़-सपोर्ट उपाय करने के बावजूद, उन्हें बचाया नहीं जा सका और दोपहर 12:30 बजे उनकी मौत हो गई.””उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और पार्किंसंस बीमारी थी और पहले भी वो कई बार हॉस्पिटल में भर्ती हो चुके थे.”
सज्जन कुमार कांग्रेस के नेता रहे हैं और 1970 के दशक से दिल्ली की राजनीति में सक्रिय थे. सज्जन ने सबसे पहले 1977 में दिल्ली नगर निगम का चुनाव लड़ा और पार्षद चुने गए.1980 में सज्जन कुमार ने लोकसभा चुनावों में चौधरी ब्रह्म प्रकाश को शिकस्त दी और पहली बार सांसद बने.सज्जन कुमार पर 1984 में सिख दंगों में शामिल होने का आरोप लगा और उसी साल हुए आम चुनावों में कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया. 1991 में सज्जन एक बार फिर सांसद चुने गए. लेकिन इसके बाद उन्हें संसद में घुसने के लिए 13 साल इंतज़ार करना पड़ा.साल 2004 में उन्हें कांग्रेस ने लोकसभा का टिकट दिया. सज्जन ने बाहरी दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा और सांसद चुने गए.साल 2018 में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था.
