बरेली: बरेली की पहचान यहां का पारंपरिक स्वाद भी देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है. इन्हीं स्वादों में एक नाम है दीनानाथ की लस्सी, जिसने पिछले छह-सात दशकों से बरेली की मिठास को देश के बड़े-बड़े नेताओं, अभिनेताओं और हजारों ग्राहकों तक पहुंचाया है. आखिर क्या है इस लस्सी की खासियत और क्यों लोग रोजाना यहां खिंचे चले आते हैं. बरेली के प्रियदर्शिनी नगर और शहर के पुराने प्रतिष्ठानों में अपनी अलग पहचान बना चुके दीनानाथ ब्रांड का इतिहास कई दशकों पुराना है. परिवार के अनुसार, यह कारोबार लगभग पांच पीढ़ियों से लोगों को पारंपरिक स्वाद परोस रहा है. वर्तमान में इसके दो आउटलेट संचालित हो रहे हैं. जहां हर दिन बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं. दुकान संचालक बताते हैं कि यहाँ देश के कई बड़े नेता और अभिनेता आ चुके हैं. उनका कहना है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी यहां आकर करीब डेढ़ घंटे तक रुके और लस्सी का स्वाद लिया. इसके अलावा समय-समय पर कई फिल्मी हस्तियां और अन्य प्रसिद्ध लोग भी यहां आते रहे हैं.
दीनानाथ में सिर्फ लस्सी ही नहीं, बल्कि साउथ इंडियन व्यंजन, चाइनीज़ और चाट भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. हालांकि सबसे ज्यादा पहचान यहां की स्पेशल और सादी लस्सी को मिली है. पारंपरिक तरीके से तैयार की जाने वाली यह लस्सी अपने गाढ़े स्वाद और गुणवत्ता के कारण वर्षों से लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. हमारी टीम ने जब यहां आने वाले नियमित ग्राहकों से बात की तो उन्होंने बताया कि वे पिछले पांच-छह वर्षों से लगभग रोजाना यहां लस्सी पीने आते हैं. ग्राहकों के मुताबिक, यहां की लस्सी के साथ छोले-भटूरे और डोसा भी बेहद स्वादिष्ट हैं. उनका कहना है कि पूरे बरेली में ऐसा स्वाद कहीं और नहीं मिलता.यह प्रतिष्ठान प्रतिदिन सुबह लगभग 9:30 बजे से रात 11 बजे तक ग्राहकों की सेवा में उपलब्ध रहता है. दशकों से कायम गुणवत्ता, पारंपरिक स्वाद और ग्राहकों का अटूट विश्वास ही दीनानाथ को बरेली की खान-पान संस्कृति का एक अहम हिस्सा बनाता है. यही वजह है कि शहर में आने वाला हर स्वाद प्रेमी एक बार यहां की मशहूर कुल्हड़ वाली लस्सी का स्वाद जरूर चखना चाहता है. बरेली की पहचान से जुड़ी यह लस्सी आज भी अपनी परंपरा और स्वाद को उसी तरह संजोए हुए है, जैसे वर्षों पहले थी. यही वजह है कि आम लोगों से लेकर नामचीन हस्तियां भी यहां का स्वाद चखने के लिए पहुँचती हैं.
