नई दिल्ली।केंद्र सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। इसमें लोकसभा सीटें बढ़ाने के लिए संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन (संशोधन) बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल को पास कराया जाएगा। इनके जरिए महिला आरक्षण लागू किया जाएगा।6 महीने (16 और 17 अप्रैल) पहले सरकार पहले प्रयास में कामयाब नहीं रही थी और लोकसभा में दो तिहाई बहुमत जुटा नहीं पाई थी। अब कहा जा रहा है कि सरकार ने संख्याबल जुटा लिया है।विशेष सत्र बुलाने से करीब एक हफ्ते पहले इसकी सूचना दी जा सकती है। संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हुआ था, लेकिन इसका अब तक सत्रावसान नहीं किया गया है।
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर कुछ मामलों पर ऐतराज जताया है। मानसून सत्र को सत्रावसान करने में हुई अभूतपूर्व देरी करने पर खरगे ने सवाल उठाएं हैं। इसके साथ ही उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी पीएम से की।कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नए परिसीमन पर भी सरकार को आगाह किया है। इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करते हुए खरगे ने पीएम से कहा है कि संसद में परिसीमन प्रस्तावों को अंतिम रूप देने से पहले इसकी सख्त आवश्यकता है। विपक्ष परिसीमन के प्रस्ताव पर हर तरह से चर्चा करना चाहता है।मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को 17 अप्रैल को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत का समर्थन नहीं मिल सका और सरकार को ‘‘निर्णायक अंतर’’ से हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इसके बाद उन्होंने 16 जुलाई और 27 अगस्त को भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग दोहराई थी. खरगे ने कहा कि वह अब चौथी बार यह मांग कर रहे हैं कि सरकार अपने नए प्रस्तावों को अंतिम रूप देने से पहले सभी राजनीतिक दलों के साथ विस्तृत चर्चा करे.
उन्होंने पत्र में लिखा, ‘सभी राजनीतिक दलों को अपने स्तर पर, एक-दूसरे के साथ और अन्य सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए.’ कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर पहले भी इस मुद्दे से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को संसद से पारित कराने में जल्दबाजी करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को दोबारा ऐसा प्रयास नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछली बार किए गए ऐसे प्रयास को संसद में असफलता मिली थी और सरकार को इस बार व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए.
जबरन बिल पास ना कराने की मांग
खरगे ने पीएम को चेतावनी दी है वो किसी भी संवैधानिक संशोधन विधेयक को जबरन पास ना कराएं। बता दें कि पिछले चुनाव में विपक्ष ने बीजेपी पर ये आरोप लगाया था कि वो दो तिहाई बहुमत हासिल कर संविधान में संशोधन करना चाहती है। हालांकि मोदी सरकार ने इस मुद्दे पर साफ कर दिया कि संविधान में किसी को भी बदलाव करने की इजाजत नहीं है।
मानसून सत्र के सत्रावसान में देरी पर सवाल
खरगे ने पीएम मोदी को पत्र के जरिए कहा कि कहा कि मानसून सत्र 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ था। इसके बाद से 64 दिन बीत चुके हैं, लेकिन संसद के दोनों सदनों का अभी तक सत्रावसान नहीं किया गया है। इस देरी पर इशारा करते हुए उन्होंने पीएम को पत्र लिख कर एतराज जताया है।
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने एक्स पर अध्यक्ष का शेयर करते हुए लिखा कि खरगे जी ने अभी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद के मानसून सत्र के सत्रावसान में हुई अभूतपूर्व देरी और मोदी सरकार की संभावित योजनाओं के बारे में बात की है।
लोकसभा में 20 और राज्यसभा में 9 सांसदों की जरूरत
लोकसभा में 543 सांसद हैं। 3 सीटें खाली हैं। इनमें से NDA के 318 सांसद हैं। बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई यानी 360 वोट चाहिए। अगर डीएमके के 22 सांसद बिल का समर्थन करते हैं तो बिल के समर्थन में 340 सांसद हो जाएंगे। यानी इसके बाद भी भाजपा को लगभग 20 सांसदों की जरूरत है।
राज्यसभा में 245 सीटें हैं। 3 खाली हैं। इस तरह 240 में से NDA के 153 सांसद हैं। यहां बिल को पास कराने के लिए 162 सांसद चाहिए। यानी, यहां भी NDA को छोटी पार्टियों के 9 सांसदों की जरूरत पड़ेगी।
पिछले सत्र से अभी तक लोकसभा में क्या बदला?
DMK: ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन से औपचारिक रूप से अलग हो गई।
TMC: पार्टी में बड़ी बगावत हुई और 21 सांसद टूटकर एनसीपीआई (NCPI) में शामिल हो गए।
शिवसेना (UBT): 6 सांसदों ने पाला बदलकर अलग गुट बना लिया। NDA को समर्थन दिया।
DMK से समर्थन जुटाने की कोशिश
अब केंद्र सरकार DMK से समर्थन लेने के लिए बातचीत कर रही है। तमिलनाडु चुनाव के बाद DMK का कांग्रेस से अलगाव हो चुका है।
इसके बाद DMK INDIA ब्लॉक से भी अलग हो गई। सूत्रों ने बताया कि सरकार कुछ छोटे दलों के संपर्क में भी है। इन दलों से बातचीत का मकसद सदन में सरकार के संख्या बल को मजबूत करना है।
