बरेली स्मार्ट सिटी का दर्जा हासिल कर चुके बरेली में बारिश अब आफत बनकर बरसी है । महज 24 घंटों में 381.1 मिलीमीटर बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी. सुभाष नगर, सिकलापुर, सिविल लाइंस और किशोर बाजार समेत कई इलाकों में सड़कें तालाब बन गईं. कहीं दो से तीन फीट तक पानी भर गया तो कहीं लोगों के घरों की नींव कमजोर होने से मकानों में दरारें आ गईं.रविवार को भारी बारिश के कारण बरेली में हालात बिगड़ गए। सड़कों और गलियों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। घरों में पानी घुसने लगा।पानी शयनकक्षों, अतिथि कक्षों और यहां तक कि रसोईघरों तक पहुंच गया। घर का सामान तैरने लगा। बाहर खड़ी कारों के पहिए पानी में डूब गए। बिजली संयंत्र में भी घुटनों तक पानी भर गया था। सोमवार को भी कई इलाकों में भीषण जलभराव देखा जा रहा था। यहां तक कि पॉश कॉलोनियां भी पानी में डूबी हुई प्रतीत हो रही थीं।बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, हरदोई और खीरी में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।
वार्ड नंबर-1 के किशोर बाजार क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक दिखाई दिए. लगातार बारिश के बाद कई मकानों में दरारें पड़ गईं और कुछ घरों के चबूतरे व लिंटर तक क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी और सीवर लाइन से होने वाले कथित रिसाव के कारण मकानों की बुनियाद कमजोर हो गई.स्थानीय निवासी दीपिका ने बताया कि लगातार बारिश के बाद उनके मकान में दरारें आ गई हैं और अब परिवार को प्रशासन से मदद की उम्मीद है. वहीं विवेक का कहना है कि वह बचपन से इस इलाके में रह रहे हैं, लेकिन लगातार बारिश के बाद कई मकान प्रभावित हुए हैं और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. स्थानीय निवासी मिथलेश के मुताबिक इलाके में करीब पांच मकान गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं. उनका कहना है कि कुछ परिवारों को मजबूरी में किराए के मकानों में जाना पड़ा है और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता की जरूरत है.स्थानीय निवासी अजय सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा डाली गई सीवर लाइन से पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे मकानों की नींव में नमी और पानी पहुंचने से स्थिति खराब हुई है. उन्होंने नगर निगम से तत्काल जांच और मरम्मत की मांग की है. वार्ड नंबर-1 की पार्षद संतोष कश्यप ने बताया कि क्षेत्र में करीब 7 से 8 मकानों में दरारें और नुकसान सामने आया है. उनके अनुसार कई परिवार प्रभावित हुए हैं और कुछ मकानों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
भारी बारिश का असर सिर्फ रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं रहा. सुभाष नगर में सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भरने से वाहन बंद हो गए और लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा. शहर के प्रसिद्ध अलखनाथ मंदिर परिसर में भी करीब दो फीट तक पानी भरने की स्थिति सामने आई. वहीं स्थानीय पार्षद जयप्रकाश राजपूत का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है और वह सिकलापुर में नाव पर बैठकर नगर निगम पर बड़े सवालिया निशान उठाते हुए दिखाई दे रहे हैं. लाखों, करोड़ों रुपए का बजट पानी में बहा दिया जाता है. पहली ही बारिश, 24 घंटे की बारिश में बरेली शहर के स्मार्ट सिटी के वीवीआईपी इलाके जलमग्न हो गए.
