नैनीताल: झीलों की नगरी नैनीताल इन दिनों फुटबॉल के रोमांच से सराबोर है. नैनीझील के किनारे स्थित ऐतिहासिक डीएसए मैदान में 103 साल पुरानी लैंडो लीग फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है. साल 1922 में शुरू हुई यह प्रतियोगिता आज भी शहर की खेल संस्कृति, युवाओं के जुनून और स्थानीय विरासत की पहचान बनी हुई है. हर शाम मैदान में खिलाड़ियों की तेज रफ्तार, शानदार पासिंग, बचाव और गोल करने की कोशिश दर्शकों का उत्साह बढ़ा रही है.डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन यानी डीएसए की ओर से आयोजित होने वाली लैंडो लीग केवल फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि नैनीताल के खेल इतिहास का एक जीवंत अध्याय है. आजादी से पहले शुरू हुई यह प्रतियोगिता कई पीढ़ियों को मैदान से जोड़ती रही है. शहर के बुजुर्गों से लेकर युवा और स्कूली बच्चे तक इस लीग को देखने के लिए डीएसए मैदान पहुंच रहे हैं. मैदान में होने वाले मुकाबले शहरवासियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं हैं.
नैनीताल की शान बनी लैंडो लीग
डीएसए के सदस्य डॉ. मनोज सिंह बिष्ट बताते हैं कि लैंडो लीग ने नैनीताल को कई प्रतिभाशाली फुटबॉलर दिए हैं. इस प्रतियोगिता से निकले खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि लैंडो लीग ने केवल खिलाड़ियों को मंच नहीं दिया, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और खेल संस्कृति को भी मजबूत किया है. वर्षों से यह प्रतियोगिता स्थानीय युवाओं के लिए अपने हुनर को दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर बनी हुई है. नैनीताल में फुटबॉल का क्रेज हमेशा से अलग रहा है. पहाड़ों के बीच बसे इस शहर में फुटबॉल केवल खेल नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है. डीएसए मैदान में मैच शुरू होते ही दर्शकों की तालियां, खिलाड़ियों का उत्साह और गोल के बाद होने वाला जश्न माहौल को और जीवंत बना देता है. स्थानीय लोग इसे नैनीताल की शान मानते हैं और हर साल इसके आयोजन का इंतजार करते हैं.
इस बार कर रहीं 24 टीमें प्रतिभाग
लैंडो लीग की खासियत यह है कि इसमें स्थानीय स्तर की टीमें पूरे उत्साह के साथ भाग लेती हैं. कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो पहली बार बड़े मैदान में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं, जबकि कुछ अनुभवी खिलाड़ी अपनी टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं. प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने, चयनकर्ताओं की नजर में आने और आगे के टूर्नामेंट के लिए खुद को तैयार करने का अवसर देती है. डॉ. मनोज बताते हैं कि हर साल की तरह इस वर्ष भी लैंडो लीग फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन डीएसए मैदान में किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि रोजाना शाम फुटबॉल मुकाबले खेले जा रहे हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मैदान में पहुंच रहे हैं. उन्होंने बताया कि, इस वर्ष कुल 24 टीमें लैंडो लीग में हिस्सा ले रही हैं.सभी टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतर रही हैं और हर मुकाबले में कड़ा संघर्ष देखने को मिल रहा है. खिलाड़ियों की फिटनेस, टीमवर्क और रणनीति मैचों को रोचक बना रही है. शाम के समय झील किनारे स्थित डीएसए मैदान में फुटबॉल मैचों का नजारा पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है. लैंडो लीग का महत्व केवल खेल तक सीमित नहीं है. यह प्रतियोगिता नैनीताल की सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा है. पुराने समय से शहर में फुटबॉल को लेकर जो परंपरा रही है, उसे आज की युवा पीढ़ी आगे बढ़ा रही है.
