दिल्ली में हर साल सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने स्थायी नीति लागू कर दी है. बुधवार को विंटर पॉल्यूशन कंट्रोल मास्टर प्लान अधिसूचित कर दिया गया. इसके तहत अब प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर से 28 फरवरी तक विशेष प्रदूषण नियंत्रण उपाय प्रभावी रहेंगे. यह व्यवस्था ग्रैप (GRAP) के साथ लागू होगी और राजधानी में सर्दियों के दौरान प्रदूषण कम करने के लिए कई अहम प्रतिबंध भी लागू किए जाएंगे.मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सर्दियों में दिल्ली का वायु प्रदूषण लगातार गंभीर चुनौती बना रहता है. इसी कारण सरकार ने अस्थायी आदेशों के बजाय स्थायी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. उनके अनुसार नई नीति सरल, स्पष्ट और सख्त प्रावधानों पर आधारित है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनाई जा सकेगी.
तीन साल के AQI रिकॉर्ड के बाद लिया गया फैसला
सरकार के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में 1 नवंबर से 15 फरवरी के बीच दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 312 से 342 के बीच दर्ज किया गया. लगातार खराब बनी रहने वाली हवा की गुणवत्ता को देखते हुए सर्दियों में अपनाए जाने वाले विशेष उपायों को अब स्थायी मास्टर प्लान का हिस्सा बना दिया गया है.वैध PUC के बिना किसी वाहन को नहीं मिलेगा ईंधन नई व्यवस्था के तहत राजधानी के सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पंपों पर पूरे साल केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) होगा. इसकी जांच सिर्फ कागजी दस्तावेज से नहीं होगी, बल्कि एनपीआर, वाहन डेटाबेस और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी सत्यापन किया जाएगा.
बीएस-VI से नीचे के बाहरी वाहनों की एंट्री पर रहेगी रोक
1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-VI से नीचे के सभी वाहनों के राजधानी में प्रवेश और संचालन पर प्रतिबंध रहेगा. हालांकि सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा आपातकालीन सेवाओं में लगे वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है.
पार्किंग शुल्क होगा दोगुना, बदले जाएंगे कार्यालयों के समय
प्रदूषण कम करने की रणनीति के तहत 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना वसूला जाएगा. हालांकि डीएमआरसी के पार्क एंड राइड सुविधा वाले पार्किंग स्थल इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे. इसी अवधि में एमसीडी कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालयों का समय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक निर्धारित किया गया है.
सरकारी और निजी कार्यालयों में आधी रहेगी कर्मचारियों की मौजूदगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली सरकार के विभागों और निजी कार्यालयों में एक समय पर केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों की ही भौतिक उपस्थिति रहेगी. इस कदम का उद्देश्य यातायात का दबाव कम करना और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है.
निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर भी रहेगा प्रतिबंध
1 नवंबर से 31 जनवरी तक खुले में होने वाली तोड़फोड़ और सिविल निर्माण गतिविधियों पर रोक लागू रहेगी. हालांकि निर्माण स्थलों के भीतर फिनिशिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल और अन्य आंतरिक कार्य किए जा सकेंगे. इसके लिए धूल नियंत्रण और मलबा निपटान से जुड़े सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा.
10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच बढ़ेगी सख्ती
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू रहेंगे. इस अवधि में केवल आवश्यक सरकारी परियोजनाओं को ही कार्य जारी रखने की अनुमति दी जाएगी, जबकि अन्य निर्माण कार्य बंद रहेंगे.
