हल्द्वानी । उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में 7वीं नेशनल यूथ मुए थाई चैंपियनशिप 2026 का भव्य शुभारंभ उत्तराखंड सरकार की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्य जी एवं उत्तराखंड खेल परिषद के अध्यक्ष कुलदीप सिंह बुटोला यूनाइटेड मुए थाई एसोसिएशन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज वर्मा, महासचिव राम चौधरी, उत्तराखंड अध्यक्ष सतीश जोशी, निलेश जोशी ने किया। देश के 26 राज्यों मणिपुर, असम, मेघालय, मिजोरम, तमिलनाडु, केरल, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड इत्यादि और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के 883 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया, जिसमें प्रथम स्थान मेघालय का, द्वितीय स्थान असम का और तृतीय स्थान पर उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश संयुक्त रूप से रहे। यूनाइटेड मुए थाई एसोसिएशन इंडिया के तत्वावधान में मुए थाई एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के द्वारा उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय यूथ म्यूथाई चैंपियनशिप का आयोजन किया गया । मीडिया एसोसिएशन फॉर सोशल सर्विस ( MASS ) मीडिया पार्टनर था। यह आयोजन उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में 1 से 4 जून 2026 के बीच संपन्न हुआ।
असम को दूसरा स्थान और संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश -उत्तराखंड

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड अब राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनकर उभर रहा है। प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक खेल ढांचे और खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के कारण देशभर के खिलाड़ी यहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। खेल मंत्री ने कहा कि मुए थाई केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, शारीरिक दक्षता और मानसिक दृढ़ता का उत्कृष्ट माध्यम है। इस खेल में युवाओं की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि नई पीढ़ी फिटनेस और प्रतिस्पर्धात्मक खेलों के प्रति गंभीरता से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहा है। रेखा आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की ऐसी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का मंच प्रदान करती हैं। साथ ही विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान भी होता है, जिससे खेलों का स्तर और अधिक ऊंचा होता है। खेल मंत्री ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करें और अपने राज्य व देश का नाम रोशन करें।
इस अवसर पर खेल उपनिदेशक राशिका सिद्दीकी, जिला खेल अधिकारी निर्मला पंत, वरिष्ठ पत्रकार एंव मीडिया एसोसिएशन फॉर सोशल सर्विस के राष्ट्रीय महासचिव विनीत सक्सेना, भाजपा जिला महामंत्री बिशन कन्वाल, गणेश जलाल, पान सिंह बिष्ट, विजय भंडारी, राजेंद्र सिंह जलाल आदि उपस्थित रहे। इस आयोजन का मीडिया एसोसिएशन फॉर सोशल सर्विस मीडिया पार्टनर था। मीडिया एसोसिएशन फॉर सोशल सर्विस के तत्वाधान में उत्तराखंड में खेलों के विकास पर एक वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया। खेलों के विकास में मीडिया की भूमिका को लेकर विमर्श हुआ। जिसे वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया एसोसिएशन फॉर सोशल सर्विस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार विनीत सक्सेना, वरिष्ठ पत्रकार सतीश जोशी, नई दिल्ली से प्रकाशित सिटीजन एक्सप्रेस की प्रकाशक रूचि सक्सेना, वरिष्ठ पत्रकार निखिल पंत, वरिष्ठ खेल पत्रकार गौरव अग्रवाल ने संबोधित किया।

जम्मू कश्मीर के मुए थाई खिलाड़ियों और मुए थाई एसोसिएशन ने अपनी शानदार उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया है। विशेषकर सातवीं नेशनल यूथ मुए थाई चैंपियनशिप 2026 उत्तराखंड में खिलाड़ियों और संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजू जम्मू कश्मीर के एथलीट राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर केंद्र शासित प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। जम्मू की 7 साल की सुमैरा शर्मा ने अंडर 10 कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा आर्यन माथुर पैरा एथलीट, तनिष्का कौल, आराध्या शर्मा और ऋषभ ने भी गोल्ड मेडल हासिल किए। एसोसिएशन का कहना है कि मुए थाई जैसे मार्शल आर्ट अनुशासन से राज्य के युवाओं में शारीरिक फिटनेस, आत्मविश्वास और अनुशासन बढ़ रहा है। आयोजकों और कोचों ने खिलाड़ियों के जज्बे की सराहना की और कहा कि वे बिना किसी बड़ी सुविधा के भी राष्ट्रीय मंच पर छा रहे हैं।सात साल की सुमैरा शर्मा ने नेशनल मुए थाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे जम्मू.कश्मीर को गौरवान्वित किया है। यूनाइटेड मुए थाई एसोसिएशन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज वर्मा ने जम्मू कश्मीर के मुए थाई खिलाड़ियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया और कहा कि मुए थाई को जम्मू कश्मीर में लोकप्रिय बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा। मुए थाई जम्मू कश्मीर के लिए परफेक्ट खेल है। यूनाइटेड मुए थाई एसोसिएशन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज वर्मा ने जम्मू कश्मीर मुए थाई एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित सिंह और अन्य पदाधिकारियों से विचार विमर्श किया। जम्मू-कश्मीर के पैरा एथलीट आर्यन माथुर ने 60 फीसदी शारीरिक अक्षमता के बावजूद स्वर्ण पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। उनके पिता सब्जी बाजार में व्यवसाय करते हैं जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। उनकी एक छोटी बहन भी है।
सातवीं राष्ट्रीय यूथ मुए थाई चैंपियनशिप में अल्मोड़ा की दो बहनों ने शानदार प्रदर्शन किया । छह वर्ष की गर्विता दृष्टि बिष्ट कक्षा एक की छात्रा हैं। उन्होंने अपने नेशनल मुकाबले में केरल की खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता। वह इससे पहले भी राज्य स्तर पर रजत पदक जीत चुकी हैं। नौ वर्ष की साक्षी बिष्ट ने रजत पदक जीता। कक्षा पांच की छात्रा साक्षी राज्य स्तर पर रजत पदक जीत चुकी हैं। दोनों के पिता राजेंद्र बिष्ट वन विभाग में कार्यरत हैं। माता रूपा बिष्ट ने बेटियों को खेलों के प्रति प्रेरित किया और निरंतर मेहनत व अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का हौसला दिया। वहीं अल्मोड़ा की कक्षा पांच की छात्रा माही बिष्ट ने राष्ट्रीय यूथ मुए थाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। पिता किशन सिंह बिष्ट निजी नौकरी करते हैं, जबकि माता ममता बिष्ट गृहिणी हैं।उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने अपने घरेलू मैदान पर खेलते हुए कई पदक जीते, जिसमें अल्मोड़ा और देहरादून के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया। उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड में हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में एक से चार जून 2026 तक आयोजित सातवीं राष्ट्रीय मुय थाई प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश ने 25 स्वर्ण, 22 रजत और 15 कांस्य के साथ कुल 62 पदक जीते। उत्तर प्रदेश मुय थाई एसोसिएशन के सचिव अतुल जे. पांडे ने बताया कि उत्तर प्रदेश की 79 सदस्यीय टीम में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गाजीपुर, मेरठ, प्रयागराज, सीतापुर, बाराबंकी, बरेली व गाजियाबाद के खिलाड़ी थे। इनके साथ दस रेफरी, चार टीम कोच एवं सहायक कोच तथा दस अधिकारियों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुए थाई और राम भक्त हनुमान के बीच एक दिलचस्प संबंध है। मुए थाई के कुछ प्रतीकों और कहानियों में खास कर लिंग लोम नामक एक पारंपरिक लड़ाई शैली में हनुमान की छवि देखी जा सकती है यह संबंध मुए थाई को हिंदू पौराणिक कथाओं से जोड़ता है जहां हनुमान को रामायण में राम के एक समर्पित साथी के रूप में दिखाया गया है। म्यू की एक पारंपरिक लड़ाई शैली लिंग लोम हिंदू पौराणिक कथाओं से प्रेरित है। इस शैली में मुए थाई के लड़ाके पारंपरिक रूप से युद्धरत देवताओं की भूमिका निभाते हैं जिनमें से एक हनुमान भी है।
