प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार (11 जून) को नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक हुई. इसमें अनेक मुद्दों पर सार्थक चर्चा की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित रहे। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर इसे साझा भी किया. मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में सम्मिलित हुआ. ‘विकसित भारत@ 2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ की थीम पर केंद्रित इस बैठक में मानव विकास, सुशासन और जनभागीदारी को विकास की धुरी बनाकर ‘विकसित भारत’ के संकल्प को नई गति देने पर सार्थक विमर्श हुआ.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में शामिल हुए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह बैठक हुई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश भी प्रत्येक नागरिक के सशक्तीकरण को विकास का आधार बनाकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है. बैठक में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमन, जगत प्रकाश नड्डा, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान, मनसुख मण्डाविया समेत अनेक मंत्री व कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे.नीति आयोग की यह बैठक ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय, नवाचार और समावेशी विकास की रणनीति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।बैठक में ‘विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ विषय पर व्यापक चर्चा हुई, जिसमें मानव विकास, सुशासन और जनभागीदारी को विकास की धुरी बनाकर देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ने पर मंथन किया गया।बैठक में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को नई गति देने पर सार्थक विमर्श हुआ।
उत्तर प्रदेश भी प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप प्रत्येक नागरिक के सशक्तीकरण को विकास का आधार बनाकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मानव संसाधन विकास, बेहतर सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी को केंद्र में रखकर योजनाओं को लागू किया जा रहा है, जिससे विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
