पंजाब के नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है. सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को राज्य की सबसे मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया है. 8 नगर निगमों में से 5 पर कब्जा और बड़ी संख्या में नगर परिषदों व नगर पंचायतों में जीत ने यह संकेत दिया है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत स्थिति में पहुंच रही है. हालांकि कांग्रेस भी कुछ इलाकों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में सफल रही हैं, कांग्रेस ने कपूरथला नगर निगम में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 में से 31 सीटें जीत लीं लेकिन कुल मिलाकर चुनावी तस्वीर AAP के पक्ष में जाती दिखाई दे रही है. यही वजह है कि इन नतीजों को 2027 विधानसभा चुनाव का शुरुआती संकेत माना जा रहा है.
5 नगर निगमों में AAP की बड़ी जीत
नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी ने बठिंडा, मोगा, बरनाला, बटाला और मोहाली में स्पष्ट बहुमत हासिल किया. मोहाली में पार्टी ने 50 में से 26 सीटें जीतकर निगम पर कब्जा किया. कांग्रेस को यहां 12 सीटें मिलीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी काफी पीछे रहे.मोगा में AAP ने 50 में से 31 वार्ड जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया. वहीं बरनाला में पार्टी ने 36 सीटों पर जीत हासिल कर विपक्ष को काफी पीछे छोड़ दिया. बठिंडा और बटाला में भी आम आदमी पार्टी ने आराम से बहुमत हासिल किया.इन नतीजों से साफ है कि शहरी क्षेत्रों में भी AAP का जनाधार मजबूत बना हुआ है और सरकार के कामकाज को मतदाताओं का समर्थन मिला है.नगर निगमों के अलावा नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भी आम आदमी पार्टी ने बढ़त बनाई. राज्य की 75 नगर परिषदों में से 45 पर AAP ने जीत दर्ज की. कांग्रेस को सिर्फ 5, बीजेपी को 3 और शिरोमणि अकाली दल को 2 परिषदों में सफलता मिली. कई जगह निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. इसी तरह 20 नगर पंचायतों में से 10 पर AAP ने कब्जा जमाया. अकाली दल को 5, कांग्रेस को 1 और 4 नगर पंचायतों में निर्दलीय उम्मीदवारों को बहुमत मिला. इन आंकड़ों से साफ है कि स्थानीय स्तर पर भी आम आदमी पार्टी का संगठन और जनाधार मजबूत हुआ है.
क्या 2027 विधानसभा चुनाव का संकेत हैं ये नतीजे?
स्थानीय निकाय चुनाव और विधानसभा चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ऐसे चुनाव जनता के मूड का शुरुआती संकेत जरूर देते हैं. 2022 में प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई AAP के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने जनाधार को बनाए रखने की थी.विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था, नशे, बेरोजगारी और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरता रहा है. इसके बावजूद निकाय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन बताता है कि सरकार के खिलाफ कोई बड़ा जनाक्रोश फिलहाल नजर नहीं आ रहा.इसके साथ ही विपक्ष की बिखरी हुई स्थिति भी AAP को फायदा पहुंचाती दिख रही है. कांग्रेस कुछ क्षेत्रों तक सीमित नजर आई, जबकि अकाली दल का प्रभाव पहले की तुलना में काफी कम दिखाई दिया. बीजेपी ने कुछ इलाकों में मजबूती दिखाई, लेकिन पूरे राज्य में प्रभाव छोड़ने में अभी उसे समय लग सकता है.
वार्ड स्तर पर भी आम आदमी पार्टी का दबदबा
वार्ड स्तर पर भी आम आदमी पार्टी का दबदबा देखने को मिला. राज्य के सभी 1,977 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके है इनमें आम आदमी पार्टी ने 958 वार्डों में जीत दर्ज कर सबसे बड़ा दल बनने में सफलता हासिल की. कांग्रेस 397 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर रही.शिरोमणि अकाली दल को 192 वार्डों में जीत मिली, जबकि भाजपा ने 172 वार्डों पर कब्जा जमाया. वहीं 251 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे और बहुजन बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवारों ने 7 वार्डों में जीत दर्ज की.
बीजेपी पांचवें नंबर पर है- भगवंत मान
CM भगवंत मान ने बीजेपी और अन्य विरोधी पार्टियों को घेरते हुए आगे कहा, ”अभी तक तो यही पता नहीं चल रहा कि राज्य में आम आदमी पार्टी के मुकाबले में कौन है. इन चुनावों में शहरी और बड़े कस्बे के लोगों ने वोट डाली थी. बीजेपी कहती थी कि शहरी वोटर उनके साथ हैं लेकिन बीजेपी पांचवें नंबर पर है. हमारी सीटें कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी तीनों को मिला ले तब भी ज्यादा है. 90 प्रतिशत से ज्यादा नगर पंचायत और नगर परिषद में आम आदमी पार्टी जीत गई है.” उन्होंने ये भी कहा कि 2027 का माहौल इससे बढ़िया हो ही नहीं सकता. तभी तो इतनी कोशिशें की जा रही हैं. सीएम ने कहा, ”हमारे नेताओं पर ED की रेड हो रही है. कस्बों में व्यापारियों को तंग किया जा रहा है. हमारे राज्यसभा सांसदों को बीजेपी में शामिल करा लिया. माझा, मालवा और दोआबा तीनों क्षेत्रों में पार्टी जीती है.” बता दें कि पंजाब में 8 नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों के 1977 वार्डों में 26 मई को मतदान हुआ था. निकाय चुनावों में मिली जीत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे 2027 विधानसभा चुनाव का संकेत बताया. उन्होंने कहा कि जनता ने आम आदमी पार्टी के कामकाज पर मुहर लगाई है और यह परिणाम दिखाते हैं कि 2027 में पार्टी और बड़े बहुमत के साथ सरकार बना सकती है.मान ने यह भी कहा कि पंजाब के लोगों ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित की राजनीति को चुना है. उनके मुताबिक मतदाताओं ने धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करने वाली ताकतों को नकार दिया है और सेक्युलर सोच का समर्थन किया है.पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार (29 मई) को नगर निकाय चुनावों में शानदार जीत दर्ज की. अब इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि आज के स्थानीय निकाय चुनाव नतीजों ने ये बता दिया है कि 2027 में आम आदमी पार्टी और ज्यादा बड़े बहुमत से राज्य में सरकार बनाएगी. 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए माहौल इससे बेहतर हो ही नहीं सकता. उन्होंने कहा, ”पंजाब के स्थानीय निकाय चुनाव में लोगों ने जहां आम आदमी पार्टी के काम पर मुहर लगाई है. वहीं, बीजेपी की नफरत और धर्म और जाति के नाम पर बांटने वाली राजनीति को नकार दिया है. पंजाब के लोगों ने सेक्युलरिज्म को चुना है.”
