नई दिल्ली: संसद में’नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा से पहले दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, इस मौके पर उन्होंने ने कहा कि हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। एक ऐसा नया इतिहास, जो अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा, जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतामूलक हो, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा न हो, बल्कि हमारी कार्य संस्कृति का, हमारी निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हो।
‘भारत 21वीं सदी के अहम फैसलों में सबसे बड़ा निर्णय लेने जा रहा’
‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में पीएम मोदी ने कहा कि देश की विकास यात्रा के इन अहम पड़ावों के बीच भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक निर्णय लेने जा रहा है। मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि 21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक महत्वपूर्ण निर्णय ये है। ये निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है। नारी शक्ति वंदन को समर्पित है। जानिए सम्मेलन में पीएम मोदी ने क्या कहा, संबोधन की बड़ी बातें।
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
पीएम मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि इस समय देश में बैसाखी के पर्व की उमंग है। कल देश के अलग अलग हिस्सों में नववर्ष भी मनाया जाएगा। मैं आज जलियांवाला बाग नरसंहार के वीर बलिदानियों को भी श्रद्धांजलि देता हूं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय 16, 17, 18 अप्रैल है।2023 में नई संसद में हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप प्रथम कदम उठाया था।
प्रधानमंत्री ने कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे, इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है और उससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का ये कार्यक्रम, इसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।
पीएम मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में आई महिलाओं को लेकर कहा कि आप सभी देश के कोने-कोने से आई हैं। आपकी इस उपस्थिति के लिए, इस महत्वपूर्ण काम के लिए आपने जो समय निकाला है, उसके लिए मैं आप सबका हृदय से अभिनंदन करता हूं। साथ ही भारत की सभी महिलाओं को एक नए युग के आगमन की बधाई भी देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं यहां किसी को उपदेश देने या जगाने नहीं आया हूं। मैं तो बस इस देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा था।इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए।इसमें सभी पार्टियों के और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं।हर दल ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा था। चर्चा भी होती थी इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए। इसमें सभी पार्टियों और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है। 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था तब भी सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था और तब एक सुर में ये बात भी उठी थी कि हर हाल में 2029 तक ये लागू हो जाना चाहिए। हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने जोर लगाया था कि 2029 में ये लागू होना चाहिए।’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारा प्रयास और प्राथमिकता है कि इस बार भी ये काम संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो।मुझे पूरा विश्वास है कि जिस प्रकार से इस अधिनियम को पारित किया गया था और संसद का गौरव बढ़ा था।इस बार भी सबके सामूहिक प्रयास से संसद की गरिमा और नई ऊंचाइयों को छुएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय भी हमारे देश में राष्ट्रपति जी से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पद महिलाएं ही संभाल रही हैं।उन्होंने देश की गरिमा और गौरव, दोनों को बढ़ाया है।
पीएम मोदी बोले कि हमारे देश में महिला नेतृत्व का एक बेहतरीन उदाहरण पंचायती राज संस्थाएं भी हैं।आज भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएं लोकल गवर्नमेंट बॉडीज में सफलतापूर्वक काम कर रही हैं।लगभग 21 राज्यों में तो पंचायतों में उनकी भागीदारी करीब-करीब 50% तक पहुंच चुकी है।
पीएम मोदी ने कहा कि लाखों महिलाओं की राजनीति और सामाजिक जीवन में ये सक्रियता, दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं और राजनीति के विशेषज्ञों के लिए भी बहुत ही हैरान करने वाली बात होती है।इससे भारत का गौरव बहुत बढ़ता है।अनेक अध्ययनों में ये सामने आया है कि जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ी, तो इससे व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आई है।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में हमारे देश में करोड़ों महिलाएं ऐसी थी, जिन्होंने कभी बैंक का दरवाजा भी नहीं देखा था। महिलाएं बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी ही नहीं थी, तो उन्हें बैंकिंग का लाभ कैसे मिलता। हमने जनधन योजना शुरू की, तो देश की 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते खुले।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमारी बेटियां नए-नए बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं। मुद्रा योजना में 60% से ज्यादा लोन महिलाओं ने लिए हैं। देश के startup revolution को भी महिलाएं lead कर रही हैं। आज 42% से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है।
पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं के करियर पर भी प्रभाव न पड़े, इसके लिए हमने मैटरनिटी लीव को भी बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया है। दुनिया के समृद्ध देशों में भी ये सुविधा नहीं है। जब मैं उनको इसके बारे में बताता हूं, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह जाती हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले देश ने Skill India Mission लॉन्च किया था। हमने vocational training programe शुरू किए थे। आज उसका परिणाम हम हजारों ड्रोन दीदी के जरिए हो रही कृषि क्रांति के रूप में देख रहे हैं।मैंने शासन में आने बाद बैंकों के कारोबार में गरीबों की अमीरी भी देखी है और अमीरों की गरीबी भी देखी है।
सबसे ज्यादा महिला पायलट भारत में: पीएम मोदी
