आज पूरे देश भर ईद का त्योहार खुशियों और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों में ईद मनाई गई है. हालांकि, बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के सैंथल कस्बे में इस बार ईद-उल-फितर का त्योहार गम और सादगी के बीच मनाया गया. स्थानीय लोगों ने बताया कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामनेई की मौत से वे गहरे आहत हैं, जिसके चलते इस बार पारंपरिक उत्सव की जगह सादगी अपनाई गई.बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के सैंथल कस्बे में इस बार ईद-उल-फितर के मौके पर नमाज अदा करने के बाद जहां आमतौर पर लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं, वहीं सैंथल में नमाजियों ने गले मिलने से दूरी बनाए रखी. लोगों ने नए कपड़े पहनने से भी परहेज किया और हाथों में काला फीता बांधकर अपना शोक व्यक्त किया.
खामेनेई की मौत से समुदाय को पहुंचा गहरा दुख
वहीं, इस बारे में स्थानीय निवासी जौहर अब्बास ने कहा कि, ईरान के सुप्रीम अयातुल्लाह खामेनेई शिया समुदाय के बड़े धर्मगुरु माने जाते थे और उनकी मौत से समुदाय को गहरा दुख पहुंचा है. उन्होंने बताया कि इस दुख के कारण लोगों ने इस बार ईद को सादगी के साथ मनाने का फैसला किया.
शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई ईद की नमाज
हालांकि, नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई, लेकिन पूरे कस्बे में खुशी के बजाय गंभीरता का माहौल नजर आया. लोगों ने नमाज के दौरान अमन-चैन की दुआ के साथ अपने तरीके से श्रद्धांजलि भी अर्पित की. पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी तरह की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली.
गोरखपुर की मस्जिदों में पढ़ी गई ईद की नमाज
उधर, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में ईद का त्योहार बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया है. मुसलमानों ने मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज अदा कर देश अमन व शांति की दुआ मांगी. नमाज अदा करने के बाद लोगों ने गले मिलकर एक दूसरे को ईद की बधाई दी. वहीं बच्चों में ईद का उत्साह देखने को मिला है.
