पंजाब की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राज्य के ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा और इसकी वजह बनी एक सरकारी अधिकारी की आत्महत्या, जिसने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की मौत ने न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल मचाई, बल्कि सियासी पारा भी चढ़ा दिया। वीडियो के सामने आते ही विपक्ष हमलावर हो गया, जबकि सरकार पर तुरंत कार्रवाई का दबाव बढ़ने लगा। हालात ऐसे बने कि मान सरकार के एक मौजूदा कैबिनेट मंत्री को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी, जो अपने आप में इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी त्वरित कदम उठाते हुए इस्तीफा स्वीकार किया और पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए।
आत्महत्या से पहले वीडियो, मंत्री पर सीधे आरोप
पूरे मामले को गंभीर बनाने वाली सबसे अहम कड़ी वह वीडियो है, जो गगनदीप सिंह रंधावा ने आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किया। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर ट्रांसपोर्ट मंत्री भुल्लर पर दबाव बनाने के आरोप लगाए। वीडियो के वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया और सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। रंधावा, जो अमृतसर और तरनतारन में तैनात थे, ने जहर निगल लिया था। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के साथ ही यह मामला एक संवेदनशील प्रशासनिक मुद्दे से सियासी संकट में बदल गया।
गोदाम विवाद बना वजह, दबाव के आरोप
जानकारी के अनुसार, विवाद एक गोदाम के लिए प्रस्तावित जमीन को लेकर शुरू हुआ। विभागीय जांच में पाया गया कि उस स्थान के ऊपर से हाई वोल्टेज बिजली की लाइन गुजर रही थी, जो सुरक्षा मानकों के खिलाफ थी। इसी आधार पर प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। आरोप है कि इस फैसले को लेकर मंत्री स्तर से दबाव बनाया गया। अमृतसर दौरे के दौरान कथित तौर पर जिला प्रबंधक से इस मामले में सख्त रुख अपनाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गए और उन्होंने यह कदम उठा लिया।
इस्तीफे से बढ़ा मामला
वीडियो सामने आने और विपक्ष के हमले तेज होने के बीच लालजीत सिंह भुल्लर ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने स्वयं पद छोड़ा है। हालांकि, एक मौजूदा कैबिनेट मंत्री का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि मामला कितना गंभीर हो चुका है। इससे मान सरकार की साख पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सीएम का एक्शन, उच्चस्तरीय जांच के आदेश
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत भुल्लर का इस्तीफा स्वीकार किया और मुख्य सचिव को पूरे मामले की निष्पक्ष व विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए मंत्री के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
अब जांच पर नजरें
यह मामला अब सिर्फ एक अधिकारी की आत्महत्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्ता के दबाव, प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक नैतिकता पर बड़ा सवाल बन गया है। सबकी नजर अब जांच रिपोर्ट पर है, क्या वीडियो में लगाए गए आरोप सही साबित होंगे या मामला नया मोड़ लेगा। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
