सिंगापुर दौरे के बाद जापान दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। यूपी सरकार ने जापान के यामानाशी प्रांत के साथ ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत भारतीय छात्रों को जापान में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।मुख्यमंत्री ने यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो में प्रदेश की नई विकास नीति और निवेश संभावनाओं को वैश्विक उद्योग जगत के सामने प्रमुखता से प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश ने शासन की कार्यशैली को रिएक्टिव से बदलकर प्रोएक्टिव बनाया है और यही परिवर्तन आज प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति का आधार बना है।
ग्रीन हाइड्रोजन पर ऐतिहासिक समझौता
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्र जापान में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे और इस तकनीक को प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के नेट जीरो लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो में कई जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) स्तर की बैठकों में भाग लिया, जहां भारतीय दूतावास के सहयोग से जापानी उद्योग समूहों से व्यापक संवाद हुआ। उन्होंने यामानाशी प्रशासन को सक्रिय पहल कर निवेश संवाद को आगे बढ़ाने के लिए विशेष धन्यवाद दिया।
तकनीक और भविष्य के क्षेत्रों पर जोर
मुख्यमंत्री ने रोबोटिक्स को भविष्य की प्रमुख तकनीक बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की व्यवस्था की है। हमें विश्वास है कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच सहयोग भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई तक ले जाएगा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा तकनीक को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उत्तर प्रदेश की ताकत को दुनिया के सामने रखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां प्रकृति की विशेष कृपा है। भारत की सबसे उर्वर भूमि, सर्वाधिक जल संसाधन, विशाल मानव संसाधन और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत उत्तर प्रदेश को विशेष पहचान देते हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है और पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय व अर्थव्यवस्था तीन गुना करने में सफलता मिली है। आज उत्तर प्रदेश भारत की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
“रिएक्टिव से प्रोएक्टिव” मॉडल बना विकास का आधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन व्यवस्था में आए परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले समस्याओं पर प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था थी, जबकि अब उत्तर प्रदेश ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल अपनाया है। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधा देने, नई तकनीक अपनाने और वैश्विक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार लगातार पहल कर रही है। इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान की यात्रा पर आया है ताकि संभावनाओं को अवसर में बदला जा सके।
यामानाशी से गहरे होते संबंध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी प्रांत के राज्यपाल एवं उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जापान सरकार और यामानाशी प्रशासन ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को उनके विशिष्ट क्षेत्रों को नजदीक से समझने और उद्योग जगत से सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है।
सीएम योगी ने उपस्थित इंडस्ट्री लीडर्स और भारतीय समुदाय के लोगों का भी स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिसंबर 2024 में यामानाशी के राज्यपाल उत्तर प्रदेश आए थे और उसके बाद दोनों सरकारों के बीच निरंतर संवाद, फॉलो-अप व प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान से यह सहयोग नई दिशा में आगे बढ़ा। उन्होंने कहा कि बिजनेस डेलीगेशन के अध्ययन और रिपोर्ट के बाद आज राज्यपाल के आमंत्रण पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल यामानाशी पहुंचा है, जहां सहयोग को ठोस रूप मिला है।
सिंगापुर दौरे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को जापान पहुंचे, जहां टोक्यो में उनका भव्य स्वागत किया गया। उपराज्यपाल जुनिची इशिदेरा और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने सीएम योगी का अभिनंदन किया। दो देशों की यात्रा के अंतर्गत यह यात्रा मुख्यमंत्री की जापान की पहली यात्रा है, जो भारत और जापान के बीच बढ़ते रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सीएम योगी का दो दिन का ये आधिकारिक दौरा है।सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर जानकारी दी कि उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्री राम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार। एक और पोस्ट में सीएम ने कहा कि आज टोक्यो में मित्सुई एंड कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट के प्रबंध अधिकारी और मुख्य परिचालन अधिकारी काज़ुकी शिमिज़ु और उनकी टीम के वरिष्ठ सदस्यों के साथ एक सार्थक और दूरदर्शी बैठक हुई। उन्होंने आगे कहा कि हमने मित्सुई एंड कंपनी को उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर क्षेत्रों में परिवर्तनकारी निवेश के लिए आमंत्रित किया, जो राज्य के तीव्र औद्योगिक विस्तार के अनुरूप हैं। उत्तर प्रदेश के विकास गलियारों को मजबूत करने और वैश्विक आपूर्ति शृंखला एकीकरण के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और औद्योगिक निवेश में सहयोग पर भी चर्चा हुई।सीएम योगी ने एक और एक्स पोस्ट में कहा कि आज टोक्यो में कोनोइके ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंध कार्यकारी अधिकारी, कार्यकारी महाप्रबंधक, बिक्री प्रबंधन प्रभाग/घरेलू व्यवसाय प्रभारी शिगेकी तानाबे और उनकी टीम से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और मल्टीमॉडल परिवहन अवसंरचना के माध्यम से कोनोइके की उपस्थिति बढ़ाने पर चर्चा की गई। कंपनी को समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर नेटवर्क और येइडा स्थित मेडिकल डिवाइसेस पार्क का लाभ उठाते हुए चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया गया, जिससे भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
