लखनऊ. उत्तर प्रदेश स्थित संभल में जामा मस्जिद का मामला इन दिनों चर्चा में बना हुआ है. उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी यह मुद्दा उठा. पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ने अपनी बात रखी. समाजवादी पार्टी की ओर से विधायक महबूब अली, कांग्रेस से आराधना मिश्रा मोना ने अपनी बात रखी. इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा. सीएम ने अपनी बात रखते हुए सदस्यों को बाबरनामा पढ़ने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि ‘बाबरनामा’ भी यह कहता है- हर मंदिर को तोड़कर एक ‘ढांचा’ खड़ा किया गया.उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानसभा में बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने कहा है कि संभल में बिजली चोरी मस्जिदों से हो रही है. उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश पवार कॉर्पोरेशन का लाइन लॉस 30% से कम हैं, जबकि सम्भल में दो इलाके दीपा सराय और मिया सराय ऐसे हैं जहां का लाइन लॉस दोगुने से भी अधिक है. इन दोनों इलाकों में लाइन लॉस 78% और 82% रहा है. विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने दावा किया कि लखनऊ का शिया सुन्नी विवाद भारतीय जनता पार्टी के समय में खत्म हुआ है.सीएम योगी ने कहा कि देश के संसाधनों की लूट कैसे होती है; वहां पता चलेगा. वैसे तो कहेंगे प्रशासन चोर है, जब प्रशासन चोरी उजागर कर रहा है तो कह रहे हैं अत्याचार है. लेकिन सच्चाई कभी छिप नहीं सकती. प्रदेश के अंदर अगर किसी मुस्लिम या अन्य मत मजहब के पर्व त्योहार में कोई समस्या खड़ी नहीं होती. तो फिर हिन्दू पर्व-त्योहार पर अगर समस्या खड़ी करेगा तो सरकार सख्ती से निपटने का काम करेगी.यूपी विधानसभा में संभल हिंसा औऱ विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि यहां तुर्क और पठानों का विवाद चल रहा है.
सीएम ने कहा- नेता प्रतिपक्ष कह रहे थे कि वहां की स्थिति ऐसीहै कि अगर मंदिर आ भी जाए तो क्या मंदिर बन जाएगा. मैं कहता हूं यह तो बाबरनामा भी कहता है कि हर मंदिर को तोड़कर ढांचा खड़ा किया गया है. आपने तो श्रेष्ठ बाह्मण कुल में जन्म लिया है. आप तो भारत की पुराणों की परंपरा पर विश्वास करते हैं. हमारा पुराण भी इस बात को कहता है कि भगवान श्री विष्णु का दसवां अवतार उसी संभल में होगा. और यह तो केवल सर्वे की बात थी.हाल ही 46 साल बाद खुले मंदिर के संदर्भ में सीएम ने कहा कि वहा खण्डित मूर्तियां मिल कैसे रही है बाबर औरंगदब की परम्परा इस देश में नहीं रहेगी. यहा तो राम कृष्णा और बुध की परम्परा रहेगी.
संभल में 209 हिंदुओं की हत्या- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी ने कहा कि 1947 से अब तक संभल में 209 हिंदुओं की हत्या हुई और एक भी बार निर्दोष हिंदुओं के लिए दो शब्द नहीं कहे गए. घड़ियाली आंसू बहाने वाले लोगों ने निर्दोष हिंदुओं के बारे में दो शब्द नहीं कहे. 1978 में जो दंगा हुआ, एक वैश्य ने सबको पैसा उधार दे रखा था. दंगा होने के बाद हिंदू उनके घर में एकत्र होते हैं, उन्हें घेर लिया जाता है और उनसे कहा जाता है कि इन हाथों से पैसा मांगोगे, इसलिए पहले हाथ, फिर पैर, फिर गला काट दिया जाता है.मुख्यमंत्री ने कहा कि सौहार्द की बात करने पर इन्हें शर्म नहीं आती है.उन्होंने कहा कि बजरंग बली का जो मंदिर आज निकल रहा है. 1978 से उस मंदिर को इन लोगों ने खुलने नहीं दिया. 22 कुएं किसने बंद किए थे. इन लोगों ने तनावपूर्ण माहौल बनाया. पत्थरबाजी की होगी, माहौल खराब किया होगा, उसमें से एक भी बचने वाला नहीं है.
दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा- सीएम
सीएम ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी, एसपी का दायित्व है कि शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे के कार्य को संपन्न करना. न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन करना. सर्वे 19 नंवबर को हुआ, 21 नवंबर और 24 नवंबर को भी सर्वे का कार्य चलता रहा. लगातार सर्वे का कार्य चल रहा था. 21 नवंबर को सर्वे संपन्न नहीं हुआ था.मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वे के कार्य के दौरान कोई शांतिभंग नहीं हुई. 23 नवंबर को, जुमे की नमाज के पहले और बाद में जिस प्रकार की तकरीरें दी गईं, उसके बाद माहौल खराब हुआ और यह परिस्थितियां पैदा हुई. हमारी सरकार ने तो पहले ही कहा कि हम ज्यूडिशियल कमीशन बनाएंगे. सदन में उसकी रिपोर्ट आएगी. दूध का दूध पानी का पानी सबके सामने आएगा.
अगर हिंदू पर्व त्योहार पर कोई समस्या खड़ी करेगा तो
सीएम योगी ने कहा कि जब मुस्लिम पर्व और उनके जुलूस हिंदू इलाकों से निकलते हैं तो फिर हिंदुओं के जुलूस मुस्लिम इलाकों से क्यों नहीं निकल सकते? प्रदेश के अंदर जब किसी मुस्लिम या अन्य मत मजहब के पर्व-त्योहार में कोई समस्या नहीं होती, तो फिर अगर हिंदू पर्व त्योहार पर कोई समस्या खड़ी करेगा तो सरकार सख्ती से निपटने का काम करेगी. आप चाहते हैं कि आपके पर्व-त्योहार तो शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जाएं. संभल में तो सिया-सुन्नी का भी विवाद हुआ था. 1976 में पूरा विवाद तो शिया-सुन्नी का था. उस समय जामा मस्जिद के कब्जे को लेकर विवाद था. आप लोग इस सच पर धूल मत डालिए.
16 दिसंबर को सीएम ने समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों को बहराइच और संभल के मुद्दे पर घेरा. इस दौरान सीएम ने जय श्री राम और अल्लाह हू अकबर के नारों पर भी अपनी बात रखी.सीएम ने कहा कि अल्लाह हू अकबर कहने पर कोई हिंदू कहे कि मुझे ये अच्छा नहीं लग रहा तो क्या ये आपको ठीक लगेगा? मुख्यमंत्री ने कहा कि जय श्री राम किसी ने बोल दिया तो क्यों चिढ़े ये चिढ़ाने वाला नहीं है. हमारे यहां तो पश्चिम में राम-राम कहने परंपरा है. जब हम मिलते है तो राम राम होता है,अंतिम यात्रा में भी रामनाम सत्य भी होता है. अगर जयश्रीराम किसी ने बोल दिया तो ये चिढ़ाने वाला कृत्य नही है. सीएम ने कहा कि मुझे किसी और नारे की जरूरत नहीं है.सीएम ने कहा कि राम राम शब्द कहां से साम्प्रदायिक हो गया? बाबा साहेब के मूल सम्विधान में राम हनुमान सब हैं.बाबर औरंगजेब की परम्परा इस देश में नहीं रहेगी. यहां तो राम कृष्णा और बुद्ध की परम्परा रहेगी.
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक बताया कि 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों में 97 से 99 फीसदी तक की कमी आई है. 2017 से अब तक यूपी में दंगे नहीं हुए हैं, जबकि 2012 से 2017 (सपा कार्यकाल) तक प्रदेश में 815 सांप्रदायिक दंगे और 192 लोगों की मौत हुई. 2007 से 2011 के बीच 616 सांप्रदायिक घटनाएं हुईं, इसमें 121 लोगों की मौत हुई. सीएम योगी ने कहा कि आखिर तथ्यों को छिपाकर कब तक जनता को गुमराह करेंगे.सीएम ने कहा कि संभल में न्यायालय के आदेश पर सर्वे हो रहा था. सूर्य, चांद और सत्य को बहुत देर तक कोई छिपा नहीं सकता, सत्य जल्द सामने आएगा.
