पुष्कर सिंह धामी सरकार के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार को आखिरकार नवरात्र के शुभ अवसर पर अमलीजामा पहना दिया गया. शुक्रवार, 20 मार्च को लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पांच विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई. राज्यपाल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल) ने सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ लेने वालों में राजपुर विधायक खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा शामिल हैं. कार्यक्रम की शुरुआत सबसे पहले खजान दास के शपथ ग्रहण से हुई. इसके बाद भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेकर समारोह को विशेष स्वर दिया. शेष तीनों विधायकों- मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा ने भी मंत्री पद की शपथ ली.
सीएम धामी ने कैबिनेट विस्तार के बाद नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। निश्चित तौर पर उत्तराखंड के सर्वांगीण, समावेशी एवं सर्वस्पर्शी विकास यात्रा में नवनियुक्त मंत्रीगणों का योगदान महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि वर्ष 2027 में प्रदेश की राष्ट्रवादी और जागरूक जनता फिर से भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत के साथ अपना आशीर्वाद प्रदान करेगी। साथ ही, राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगी।
उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार
यह कैबिनेट विस्तार कई मायनों में अहम माना जा रहा है. दरअसल, धामी मंत्रिमंडल में लंबे समय से पांच पद रिक्त चल रहे थे, जिन्हें अब भरा गया है. नए मंत्रियों के चयन में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को ध्यान में रखने के साथ-साथ पिछले चार वर्षों में विधायकों के प्रदर्शन को भी प्रमुख आधार बनाया गया है.
राजनीतिक दृष्टि से भी यह विस्तार महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश में लंबे समय से इसके संकेत मिल रहे थे. पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ कई दौर की चर्चाओं और मंथन के बाद आखिरकार इस पर मुहर लगी. सरकार और संगठन के बीच समन्वय स्थापित कर अंतिम सूची तैयार की गई.नवरात्र के दूसरे दिन इस विस्तार को अंजाम देना भी प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसे एक नई शुरुआत और सरकार के आगामी रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है. आने वाले समय में इन नए मंत्रियों की भूमिका सरकार के कामकाज और राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकती है.धामी कैबिनेट विस्तार को उत्तराखंड चुनाव 2027 को लेकर अहम माना जा रहा है। अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में तमाम नए मंत्रियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका अगले 10 माह मिलेगा। वे अपने कार्यों से धामी सरकार की छवि को जनता के बीच और प्रभावी तरीके से स्थापित कर सकेंगे। साथ ही, इस विस्तार ने साफ किया है कि अगले साल होने वाले चुनाव में सीएम धामी ही प्रदेश में भाजपा का चेहरा होंगे।
कैबिनेट
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 के बाद भाजपा ने दूसरी बार सत्ता हासिल करने के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी को दोबारा मुख्यमंत्री बनाया। उस समय सीएम समेत 9 मंत्रियों ने शपथ ली थी। संवैधानिक प्रावधानों के तहत प्रदेश कैबिनेट में 12 सदस्य अधिकतम हो सकते हैं। धामी कैबिनेट में सामाजिक कल्याण एवं परिवहन चंदन रामदास को अप्रैल 2023 में निधन हो गया था। विवादों के बाद पिछले साल संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया।पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट में इसके बाद मंत्रियों की संख्या घटकर सात रह गई थी। काफी समय से कैबिनेट विस्तार की चर्चा चल रही थी। शुक्रवार को मदन कौशिक, खजान दास, राम सिंह कैडा, प्रदीप बत्रा और भरत चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली। खजान दास देहरादून के राजपुर रोड से विधायक हैं। वह पहले भी मंत्री पद संभाल चुके हैं। पांच नए मंत्रियों के आने से धामी कैबिनेट अब फुल हो गया है।रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा और भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा को भी मंत्री बनाया गया है। तीनों पहली बार मंत्री बने हैं। वहीं, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक हरिद्वार पहले भी यह जिम्मेदारी निभा चुके हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के बीच संतुलन रखा गया है। इसके साथ ही मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है।
