नई दिल्ली:
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026–27 (Union Budget 2026) पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है और ऐतिहासिक रूप से कर्तव्य भवन से प्रस्तुत किया गया पहला बजट भी। बजट 2026 को सरकार ने “People Over Populism” और “Reform Over Rhetoric” के स्पष्ट संदेश के साथ पेश किया है।
यह बजट ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर व्यापार, सप्लाई चेन, ऊर्जा और तकनीक को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में सरकार ने आत्मनिर्भरता, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और तकनीक को बजट का मूल आधार बनाया है।
भारत की आर्थिक यात्रा: 12 वर्षों की स्थिरता का दावा
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था:
- स्थिर रही
- वित्तीय अनुशासन पर कायम रही
- मध्यम महंगाई के साथ तेज़ विकास दर्ज किया
कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद सचेत नीतिगत फैसलों ने भारत को मजबूत बनाया
GDP ग्रोथ लगभग 7% रही गरीबी में उल्लेखनीय कमी और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हुआ
कर्तव्य भवन से पहला बजट: ‘कर्तव्य’ की भावना
वित्त मंत्री ने बताया कि यह बजट:
- कर्तव्य भवन से प्रस्तुत पहला बजट है
- तीन कर्तव्यों से प्रेरित है
सरकार का दृष्टिकोण:
- Action over Ambivalence
- Vision with Responsibility
आत्मनिर्भर भारत केंद्र में
आत्मनिर्भर भारत को “Lodestar” यानी मार्गदर्शक सिद्धांत बताया गया
प्रमुख उपलब्धियाँ:
- घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में वृद्धि
- ऊर्जा सुरक्षा मजबूत
- महत्वपूर्ण आयातों पर निर्भरता में कमी
सरकार का दावा:
- हर सरकारी कदम का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचा
“People Over Populism”: बजट का मूल मंत्र
वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा:
- सरकार ने लोकलुभावन घोषणाओं से दूरी बनाई
- संरचनात्मक सुधारों पर ज़ोर दिया
राजकोषीय अनुशासन और मौद्रिक स्थिरता को बनाए रखा गया
पब्लिक इन्वेस्टमेंट को विकास का इंजन बनाया गया
मैन्युफैक्चरिंग को रफ्तार: 7 रणनीतिक सेक्टर
सरकार ने आर्थिक विकास को तेज़ करने के लिए छह प्रमुख हस्तक्षेप क्षेत्रों की घोषणा की:
- 7 रणनीतिक सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग विस्तार
- पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन
- MSMEs को चैंपियन बनाना
- इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश
- दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता
- City Economic Regions का विकास
सेमीकंडक्टर सेक्टर: ISM 2.0 का लॉन्च
India Semiconductor Mission 2.0 की घोषणा
कुल परिव्यय: ₹40,000 करोड़
फोकस क्षेत्र:
- मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट
- फुल-स्टैक चिप डिजाइन
- भारतीय बौद्धिक संपदा (IP)
- सप्लाई चेन को मज़बूती
‘शक्ति’ पहल:
- ₹10,000 करोड़
- सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को गहराई देना
बायोफार्मा सेक्टर को ऐतिहासिक समर्थन
Biopharma Shakti Programme:
- कुल बजट: ₹10,000 करोड़ (5 वर्ष)
उद्देश्य:
- भारत को ग्लोबल बायोफार्मा हब बनाना
प्रमुख घोषणाएँ:
- 3 नए NIPER संस्थान
- 7 मौजूदा NIPER का अपग्रेड
- 1,000 क्लिनिकल ट्रायल साइट्स
- CDSCO को वैश्विक मानकों के अनुसार मजबूत करना
मेडिकल टूरिज्म और हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर
- 5 क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब
- हेल्थकेयर, शिक्षा और रिसर्च का इंटीग्रेटेड मॉडल
- पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय
आयुष और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा
- 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद
- आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब का आधुनिकीकरण
- WHO ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर, जामनगर का उन्नयन
MSME सेक्टर को राहत और ताकत
₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund
₹2,000 करोड़ का Self Reliant India Fund टॉप-अप
MSMEs के लिए:
- TReDS प्लेटफॉर्म अनिवार्य
- GeM–TReDS इंटीग्रेशन
- Invoice Discounting पर क्रेडिट गारंटी
Corporate Mitras:
- MSMEs को सस्ता अनुपालन समर्थन
टेक्सटाइल सेक्टर: रोजगार का बड़ा इंजन
- National Fibre Scheme
- Textile Expansion & Employment Scheme
- Handloom & Handicraft Programme
- SAMARTH 2.0 स्किल मिशन
- Mega Textile Parks (Challenge Mode)
- ODOP और ग्रामीण युवाओं को लाभ
इंफ्रास्ट्रक्चर पर ऐतिहासिक निवेश
वित्त मंत्री ने बजट 2026–27 में इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास का सबसे बड़ा इंजन बताया।
- पूंजीगत व्यय (Capex):
- FY 2014–15: ₹2 लाख करोड़
- FY 2025–26: ₹11.2 लाख करोड़
- FY 2026–27 प्रस्तावित: ₹12.2 लाख करोड़
- निजी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए:
- Infrastructure Risk Guarantee Fund
- निर्माण चरण में ऋणदाताओं को आंशिक क्रेडिट गारंटी
फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा
नया Dedicated Freight Corridor:
- डंकुनी (पूर्व) – सूरत (पश्चिम)
उद्देश्य:
- पर्यावरण-अनुकूल कार्गो मूवमेंट
- लॉजिस्टिक्स लागत में कमी
Coastal Cargo Promotion Scheme:
- जलमार्ग व तटीय शिपिंग की हिस्सेदारी 6% से 12% (2047 तक)
रेलवे और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर:
- बड़े शहरों को ग्रोथ कनेक्टर के रूप में जोड़ेंगे
रेलवे के लिए:
- क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान
- कुशल मानव संसाधन तैयार करना
सिटी इकोनॉमिक रीजन और टियर-2/3 शहर
₹5,000 करोड़ (5 वर्ष):
- City Economic Regions के लिए
जनसंख्या 5 लाख से अधिक वाले शहरों पर फोकस
रोजगार, उद्योग और शहरी विकास को गति
Rare Earth Corridors: रणनीतिक खनिजों पर फोकस
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में Rare Earth Corridors
लाभ:
- इलेक्ट्रिक व्हीकल
- डिफेंस
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- क्लीन एनर्जी
आयात निर्भरता में कमी
कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना
ई Container Manufacturing Scheme
कुल परिव्यय: ₹10,000 करोड़ (5 वर्ष)
भारत को वैश्विक कंटेनर हब बनाने का लक्ष्य
शिक्षा से रोजगार तक: नया रोडमैप
Education to Employment & Enterprise Standing Committee
लक्ष्य:
- सर्विस सेक्टर को Viksit Bharat का इंजन बनाना
- 2047 तक वैश्विक सेवाओं में 10% हिस्सेदारी
AI और उभरती तकनीकों का रोजगार पर प्रभाव आकलन
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक मिशन
25 करोड़ लोगों के लिए AI कैपेसिटी बिल्डिंग
प्रमुख मिशन:
- AI Missions
- National Quantum Mission
- Anusandhan National Research Fund
टेक्नोलॉजी को समावेशी विकास से जोड़ना
AVGC और क्रिएटिव इंडस्ट्री को सपोर्ट
AVGC सेक्टर:
- 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत
घोषणाएँ:
- 15,000 स्कूलों में AVGC लैब
- 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब
Indian Institute of Creative Technologies, मुंबई को समर्थन
खेल क्षेत्र में बड़ा बदलाव: Khelo India Mission
Khelo India Mission लॉन्च
उद्देश्य:
- खेलों में रोजगार
- स्किलिंग
- टैलेंट नर्चरिंग
अगले एक दशक में स्पोर्ट्स इकोनॉमिक ग्रोथ
दिव्यांगजन सशक्तिकरण
Divyangjan Kaushal Yojana:
- उद्योग-आधारित विशेष प्रशिक्षण
Divyang Sahara Scheme:
- ALIMCO को R&D और AI इंटीग्रेशन के लिए सहयोग
सम्मानजनक आजीविका पर ज़ोर
आयकर सुधार: Income Tax Act 2025
लागू: 1 अप्रैल 2026
प्रमुख बदलाव:
- सरल नियम
- नए ITR फॉर्म
- TCS दरों में कमी
- Motor Accident Compensation पर टैक्स छूट
- “Single Tax Year” सिस्टम
करदाता अनुपालन आसान होगा
ITR फाइलिंग में बदलाव
ITR-1 और ITR-2:
- अंतिम तिथि: 31 जुलाई
नॉन-ऑडिट बिज़नेस और ट्रस्ट:
अंतिम तिथि: 31 अगस्त
बैंकिंग और NBFC सुधार
High-Level Banking Committee:
- Viksit Bharat के लिए बैंकिंग रोडमैप
PFC और REC का पुनर्गठन
NBFCs के लिए:
- स्पष्ट क्रेडिट और टेक लक्ष्य
राजकोषीय स्थिति (Fiscal Highlights)
Fiscal Deficit: 4.3% GDP
Debt-to-GDP Ratio: 55.6%
कुल बजट आकार: ₹53.5 लाख करोड़
राज्यों को टैक्स डिवोल्यूशन: ₹1.4 लाख करोड़
16वें वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकार
कस्टम ड्यूटी और निर्यात प्रोत्साहन
समुद्री खाद्य निर्यात:
- ड्यूटी-फ्री सीमा 1% → 3%
न्यूक्लियर पावर:
- कस्टम ड्यूटी छूट 2035 तक
डिफेंस:
- एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर ड्यूटी माफ
क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग पर भी छूट
कार्बन कैप्चर और ग्रीन टेक
₹20,000 करोड़:
- Carbon Capture, Utilization & Storage (CCUS)
उद्योगों में ग्रीन टेक को बढ़ावा
निष्कर्ष: विकसित भारत की ओर निर्णायक बजट
केंद्रीय बजट 2026–27 सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का रोडमैप है।
- सुधारों की निरंतरता
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर
- तकनीक और स्किल का मेल
- समावेशी विकास
- आत्मनिर्भर और वैश्विक भारत
सरकार का संदेश साफ़ है—
Action over Ambivalence
Reforms over Rhetoric
People over Populism
