संभल. उत्तर प्रदेश के संभल जिले में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. चतुर्मुख कूप, यम तीर्थ, और पिशाच मोचन तीर्थ के पुनरुद्धार के लिए शासन ने करीब 600 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है. इसमें से 100 करोड़ रुपये वंदन योजना के तहत आवंटित किए गए हैं. पांच तीर्थों के लिए बजट पास हो चुका है, जिनमें से तीन तीर्थों का पुनरुद्धार कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष दो पर तेजी से काम चल रहा है. संभल के चतुर्मुख कूप, यम तीर्थ, और पिशाच मोचन तीर्थ अपनी प्राचीनता और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं. ये तीर्थ स्थल न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं बल्कि देशभर के तीर्थयात्रियों के लिए आस्था का केंद्र हैं. चतुर्मुख कूप अपने अनूठे वास्तुशिल्प और पौराणिक कथाओं के लिए जाना जाता है, जबकि यम तीर्थ और पिशाच मोचन तीर्थ पितृ तर्पण और मुक्ति से जुड़े अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण हैं. इन तीर्थों का पुनरुद्धार क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा.
उत्तर प्रदेश सरकार की वंदन योजना के तहत इन तीर्थों के जीर्णोद्धार के लिए 100 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है. इसके अतिरिक्त, शासन द्वारा 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है, जिससे कुल 600 करोड़ रुपये का बजट इन तीर्थों के पुनरुद्धार और विकास के लिए उपलब्ध है. इस धनराशि का उपयोग तीर्थ स्थलों की मूल संरचना को संरक्षित करते हुए आधुनिक सुविधाएं जैसे सड़क, प्रकाश, स्वच्छता, और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल विकसित करने में किया जा रहा है.
पुनरुद्धार कार्य की प्रगति
जिला प्रशासन के अनुसार, पांच में से तीन तीर्थों का पुनरुद्धार कार्य पूरा हो चुका है. चतुर्मुख कूप और यम तीर्थ में पुराने ढांचों की मरम्मत, सफाई, और सौंदर्यीकरण का काम समाप्त हो गया है. पिशाच मोचन तीर्थ पर भी जीर्णोद्धार कार्य तेजी से चल रहा है, और जल्द ही इसे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा. शेष दो तीर्थों के लिए भी बजट स्वीकृत हो चुका है, और इनका कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
स्थानीय लोगों में उत्साह
इस परियोजना से संभल के स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है. स्थानीय निवासी रामेश्वर सिंह ने कहा, “इन तीर्थों का पुनरुद्धार न केवल हमारी धार्मिक आस्था को मजबूती देगा, बल्कि इससे पर्यटन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.” सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय व्यापारी अनिल शर्मा ने बताया कि तीर्थों के जीर्णोद्धार से संभल में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ होगा.
प्रशासन की प्रतिबद्धता
जिला प्रशासन ने तीर्थों के पुनरुद्धार को प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष समिति गठित की है कि कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता बनी रहे. जिलाधिकारी ने बताया, “हमारा लक्ष्य है कि संभल के तीर्थ स्थल न केवल धार्मिक महत्व के लिए बल्कि अपनी सुंदरता और सुविधाओं के लिए भी देशभर में पहचाने जाएं.” शासन ने यह भी निर्देश दिया है कि कार्य में पारदर्शिता बनाए रखी जाए और धनराशि का उपयोग प्रभावी ढंग से हो.
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. संभल के तीर्थ स्थलों का पुनरुद्धार न केवल स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करेगा, बल्कि क्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करेगा. सरकार की वंदन योजना और अन्य योजनाओं के तहत ऐसे कई धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने में मदद करेंगे.
