नई दिल्ली : राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर मंगलवार को चर्चा शुरू हुई। चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सवाल किया। खरगे ने इस दौरान मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार बस नेहरू को गालियां देती है। सरकार को यह बताना चाहिए कि पहलगाम में आतंकी कहां से आए। पहलगाम में लोगों ने अपनों को खोया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कहती है कि हमने आतंकवाद को खत्म कर दिया तो फिर ये हमला क्यों हुआ। उन्होंने कहा कि ये सुरक्षा में चूक है और केंद्रीय गृह मंत्री को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान, मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सरकार पर नेहरू को गालियां देने का आरोप लगाया और पूछा कि पहलगाम में आतंकी कहां से आए।राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कहा कि पाकिस्तान के साथ सीजफायर के बाद, बीजेपी के एक राज्यसभा सांसद ने कहा था कि पहलगाम के शहीदों की विधवाओं में ‘वीरांगना जैसा जज्बा’ नहीं दिखा, इसलिए वे हाथ जोड़कर खड़ी रहीं। खरगे ने कहा कि बीजेपी सांसद का यह रुख महिलाओं और उनके दुःख के प्रति आपकी(सरकार) संवेदनशीलता या उसकी कमी को दर्शाता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आप ऐसे लोगों को अपनी पार्टी से कान पकड़ कर बाहर क्यों नहीं निकालते?राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आज जवाहर लाल नेहरू पर ये टिप्पणी कर रहे। कभी जब ये बच्चे थे तो कहते थे चाचा नेहरू आए। खरगे ने केंद्र पर टारगेट करते हुए कहा कि आपने सिर्फ झूठ के कारखाने बनाए। लोग आपकी बातों पर भरोसा नहीं करेंगे। आपको सच बोलना चाहिए। सरकार सच सुनने का साहस दिखाए। आप बिना बुलाए गले जाकर मिलते हैं।
क्या पहले से ही हमले की आशंका थी?
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पीएम मोदी ने हमले से तीन दिन पहले अपना जम्मू-कश्मीर का दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा कि क्या सरकार को इस बात की जानकारी थी कि उन्होंने अपना दौरा रद्द किया। खरगे ने कहा कि उन्होंने इस बात का लिखित रूप से भी जवाब मांगा था। उन्होंने कहा कि यह सरकार अहंकार में डूबी है। यह हमारी बातों का जवाब नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि एक दिन आपका अहंकार तोड़ने वाले लोग आएंगे।
पीएम की गैर-मौजूदगी पर उठाए सवाल
खरगे ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान पीएम की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। खरगे ने कहा कि जब इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है तो पीएम को यहां मौजूद रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हमले के बाद सर्वदलीय बैठक में भी नहीं आए। खरगे ने कहा कि ये आज जवाहर लाल नेहरू पर टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कभी जब ये बच्चे थे तो कहते थे चाचा नेहरू आए।खरगे ने केंद्र पर टारगेट करते हुए कहा कि आपने सिर्फ झूठ के कारखाने बनाए। लोग आपकी बातों पर भरोसा नहीं करेंगे। आपको सच बोलना चाहिए। सरकार सच सुनने का साहस दिखाए। आप बिना बुलाए गले जाकर मिलते हैं।
पहलगाम में आतंकी कैसे आए?
खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आखिर पहलगाम में आतंकी कैसे आए, क्या होम मिनिस्टर की जिम्मेदारी नहीं बनती। सभी 1 और 2 नंबर से डरते हैं। एलजी मनोज सिन्हा ने जिम्मेदारी ली। एलजी ने माना कि हमला सुरक्षा चूक से हुई। सिक्योरिटी फेल्योर था तो जिम्मेदारी कब तय होगी। क्या एलजी ने गृह मंत्री को बचाने के लिए ये जिम्मेदारी स्वीकार की।
कांग्रेस को सेना पर गर्व है
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस को सेना पर गर्व है। सेना के शौर्य और बहादुरी को सलाम है। लेकिन सरकार जिम्मेदारी से भाग रही है। जिम्मेदार लोगों पर प्रधानमंत्री मोदी एक्शन लें। इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश को आजादी दी। ऑपरेशन सिंदूर पर देश हित में सरकार का सपोर्ट किया। विपक्ष के लेटर कूड़े में फेंक दिए जाते हैं। हम सर्वदलीय बैठक में गए लेकिन प्रधानमंत्री नहीं आए। सरकार में सच सुनने की हिम्मत नहीं। ये पहाड़ खोदकर चूहा निकालने वाले। तीन आतंकी मारे गए बाकी कहां छिपे हैं।
ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान क्यों किया?
कांग्रेस नेता ने कहा कि सीजफायर की घोषणा ने हमारे प्रधानमंत्री ने नहीं की, विदेश मंत्री ने नहीं की, रक्षा मंत्री ने भी नहीं की। ये ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रंप ने किया। ट्रंप ने एक बार, दो बार नहीं 29 बार ये बात दोहराई है। मेरे भाषण खत्म होने तक 30 बार दोहरा चुके हैं। हमारा सवाल यही है कि ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान क्यों किया। राष्ट्रपति ने ट्रंप ने आगे ये भी कहा कि ट्रेड का इस्तेमाल करके हमने सीजफायर कराया। सवाल ये है कि मोदी जी क्यों चुप्पी साधे हैं। ट्रंप ने आगे एक और टिप्पणी की कि 5 जेट्स गिराए गए। सवाल वही कि ट्रंप पर प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं।
ट्रंप के मामले पर पीएम मोदी चुप क्यों हैं?
खरगे ने कहा कि हमारी पॉलिसी है कि किसी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाएगी। फिर ट्रंप के मामले पर पीएम मोदी चुप क्यों हैं। देश बेचकर किसने युद्ध रुकवाया। संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हो रही, पीएम मोदी कहा है। पाकिस्तान बैकफुट पर था फिर सीजफायर क्यों किया गया। सिर्फ इवेंटबाजी से विदेश नीति नहीं चलती। शहीदों के अपमान पर पीएम मोदी चुप क्यों हैं।
