राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के बीच ओडिशा से बड़ी खबर सामने आई. ओडिशा में बीजेपी और बीजेडी के विधायकों के बीच हाथापाई हुई . इस कारण तनाव की स्थिति देखने को मिली. वहीं, राज्य के पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने कहा कि बीजू जनता दल की ब्रह्मगिरी की महिला विधायक से वोटिंग के दौरान स्पष्ट गलती हुई थी. मतदान के दौरान विधानसभा के अंदर माहौल काफी गरम रहा। दोनों पक्षों के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए और नियमों के उल्लंघन की बात कही। क्रॉस वोटिंग की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुल मिलाकर, राज्यसभा चुनाव के इस मतदान ने ओडिशा की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।देश के 3 राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों के लिए आज वोटिंग हुईइस बार राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव होना था जिसमें से 26 कैंडिडेट पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। आज जिन तीन राज्यों में राज्यसभा के लिए वोटिंग हुई है उसमें बिहार की 5 सीट, हरियाणा की 2 सीट और ओडिशा की 4 सीट शामिल है। बिहार की 5 सीट के लिए चुनाव मैदान में 6 उम्मीदवार हैं तो वहीं, हरियाणा की 2 सीट के लिए 3 उम्मीदवार और ओडिशा की 4 सीट के लिए 5 उम्मीदवार हैं। ओडिशा में विपक्षी बीजेडी और कांग्रेस के कम से कम 5 विधायकों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया। कांग्रेस के तीन विधायकों रमेश जेना, दशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। बीजेडी के बांकी विधायक देवी रंजन त्रिपाठी ने भी ऐलान किया कि उन्होंने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाला है। बीजेडी के एक अन्य विधायक सौविक बिस्वाल की पत्नी डॉ. अनन्या प्रियदर्शनी ने भी दावा किया कि उनके पति ने राय के पक्ष में मतदान किया है।ओडिशा में नवीन पटनायक की बीजू जनता दल और कांग्रेस के विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करने की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 10 विधायकों ने बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की है।
नवीन पटनायक ने जताया असंतोष
उधर, बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक ने राज्य में चल रहे राज्यसभा चुनावों में मतदान प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव नियमों का उल्लंघन तब हुआ जब एक विधायक को दूसरा मतपत्र (बैलेट पेपर) जारी किया गया। पटनायक ने कहा कि मतदान अधिकारी ने नियमों के खिलाफ काम किया, जब ब्रह्मगिरि विधानसभा क्षेत्र की एक विधायक ने वोट डालते समय गलती कर दी और उन्हें दूसरा मतपत्र उपलब्ध करा दिया गया। उन्होंने कहा “ब्रह्मगिरि की MLA ने वोट डालते समय साफ़-साफ़ गलती की थी। लेकिन वोटिंग रूम में बैठे जिस अधिकारी की इस काम की ज़िम्मेदारी थी, उसने गैर-कानूनी तरीके से उनका वोट मान लिया और उन्हें दूसरा बैलेट पेपर जारी कर दिया। यह पूरी तरह से लोकतांत्रिक नियमों के खिलाफ़ है और चुनावी नियमों का उल्लंघन है।उधर, कांग्रेस के तीन विधायकों के क्रॉस वोटिंग की खबर पर ओडिशा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, “पहले हैं रमेश जेना,दूसरे हैं रमेश जेना,जिनके बारे में मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के सारी बातें बताई थीं,तीसरी हैं सोफिया बेटी। मैं सोच रहा था सोफिया बहुत विद्वान हैं और अपने भविष्य को देखेगी,इस बीच उन्होंने बहुत से बयान दिए,जिन्हें मैंने इग्नोर कर दिया था। उन्हें कैफियत मांगा गया था,हमने उसे भी लाइमलाइट से हटा दिया ताकि उसके भविष्य पर आंच न आए। वे एक सेकुलर पॉलिटिक्स करती आई हैं। माइनॉरिटी कम्युनिटी में उनकी तरह व्यक्तित्व नहीं है। दल के लिए और उनके खुद के लिए एक अच्छा भविष्य है। हम उनके पिता पर कार्रवाई करने के बाद भी उनपर भरोसा कर रहे थे। कल भी उसने मुझसे बात की थी। आज सुबह भी हमारी 2 बार फोन पर बात हुई। उसने मुझसे पूछा था कि मैं कहां आऊं। 2 बार बातें हुई थी। मैंने उसे अपने कार्यालय आने को कहा था,वह आई और गई भी,लेकिन मुझे जो वोट दिखाया…कितनी सुंदर तरीके से,इस तरह भी…मुझे लग ही रहा था कि वह नहीं देंगी ! भक्त चरण दास ने आगे कहा, ‘ हम इसीलिए इनलोगों को बेंगलुरु नहीं लेकर गए क्योंकि विधान सभा का सत्र जारी था। हमारे वरिष्ठ नेता ताराप्रसाद बाहिनिपति भी नहीं गए। विधान सभा में बोलने वाले लोग यानी वोकल लोग, सोफिया भी वोकल थी, तारा बाबू भी वरिष्ठ नेता हैं,उनकी तबियत भी खराब रहती है,उन्हें लेजाकर उनकी तबियत खराब नहीं करना चाहते थे हम। रमेश जेना ने भी हमें हां कहा था। मेरे घर पर आका खा-पीकर मीडिया के सामने हां कहा था। मुझे जितने लोगों ने कहा कि रमेश जेना ऐसा कर सकते हैं, मैंने उनपर विश्वास नहीं किया था। कांग्रेस पार्टी की जो जिम्मेदारी थी उनकी उनके गंजाम में,उन्हें उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया”
ओडिशा कांग्रेस के विधायकों को क्रॉस-वोटिंग के लिए 5-5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया
कर्नाटक के बेंगलुरु में राज्यसभा चुनाव से पहले डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि ओडिशा कांग्रेस के विधायकों को क्रॉस-वोटिंग के लिए 5-5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।शिवकुमार ने रविवार को कहा कि ओडिशा के चार लोग बेंगलुरु के पास बिदादी स्थित एक रिसॉर्ट पहुंचे थे, जहां ओडिशा कांग्रेस के विधायक ठहरे हुए हैं। यहां उन्होंने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग के बदले विधायकों को पैसे देने की पेशकश की।शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और तुरंत पार्टी नेतृत्व को इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक चार लोगों में से दो मौके से भाग गए, जबकि दो को पकड़ लिया गया।उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के पास से ब्लैंक चेक भी मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। शिवकुमार ने इसे बीजेपी का ऑपरेशन लोटस बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।इस मामले में ओडिशा कांग्रेस विधायक दल के डिप्टी लीडर अशोक कुमार दास ने भी बिदादी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।शिकायत में कहा गया है कि चार अज्ञात लोगों ने कुछ विधायकों से संपर्क कर उन्हें राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग करने के लिए करोड़ों रुपये का ऑफर दिया। दास ने यह भी आरोप लगाया कि जब विधायकों ने ऑफर ठुकरा दिया तो उन्हें ओडिशा लौटने पर जान से मारने की धमकी दी गई।ओडिशा के आठ कांग्रेस विधायक 12 मार्च से बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे। राज्यसभा चुनाव से पहले हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका के चलते उन्हें यहां लाया गया था।ओडिशा की 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव सोमवार को चुनाव होने हैं, जिसमें भाजपा को दो और बीजेडी को एक सीट मिलने की संभावना है। चौथी सीट पर भाजपा और बीजेडी प्रत्याशी के बीच मुकाबला होगा।कांग्रेस और बीजू जनता दल ने एक-एक उम्मीदवार उतारा है, जबकि बीजेपी ने अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
NDA ने अगवा कर लिया है’, अनट्रेस कांग्रेसी विधायकों पर बोले तेजस्वी
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि वो झुकने में विश्वास नहीं रखते इसलिए वो डटकर लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि AIMIM और BSP का उन्हें समर्थन हासिल है। वहीं जब तेजस्वी यादव से अनट्रेस कांग्रेसी विधायकों के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लगता है एनडीए ने अगवा कर लिया है। वहीं, बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उनके तो कोई विधायक नजर तक नहीं आ रहे हैं, ऐसी पार्टी से क्या उम्मीद की जाए।RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा, “हमारे पक्ष में 41 की संख्या थी और सत्ता पक्ष में 3 की संख्या कम थी, तो सत्ता और धन दोनों का इस्तेमाल स्वाभाविक है। सिर्फ बिहार नहीं आप ओडिशा में देखिए, वहां भी BJD के विधायकों को भाजपा ने पक्ष में कर लिया गया। राजनीति में खरीद-फरोख्त का जो खेल चल रहा है वह ठीक नहीं है। यह राजनीति कहां जा रही है? अगर नीतीश कुमार सचेत होते तो निर्विरोध चुनाव हो जाता, जो लोग आज नहीं आए उन्होंने अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता, समाज में अपनी पहचान खोई है।”
राज्यसभा चुनाव में BJP ने की विधायकों की खरीद-फरोख्त’, मुकेश सहनी का बड़ा आरोप
विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने आज राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के चार विधायकों के वोट देने से रोके जाने को लेकर भाजपा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में महागठबंधन के पास आवश्यक 41 से ज्यादा वोट थे, लेकिन भाजपा ने पैसे और सत्ता के बल पर महागठबंधन के चार विधायकों को वोट देने से रोक दिया।उन्होंने पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा को न लोकतंत्र पर भरोसा है, न वह संविधान को मानती है। उसका मकसद येन केन प्रकारेण सत्ता में बने रहना है। सहनी ने कहा कि पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी पैसे के बल पर वोट लिया गया और एक बार फिर राज्यसभा चुनाव में अर्थतंत्र के बल पर विधायकों की खरीद की गई। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस चुनाव में एनडीए द्वारा पांच उम्मीदवारों को उतारा गया था, उसी समय यह आशंका बन गई थी कि भाजपा पैसे और सत्ता तंत्र के बल पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करेगी और आज इसका प्रमाण पूरे देश को मिल गया। वीआईपी के संस्थापक मुकेश सहनी ने कहा कि, “भाजपा के नेता और एनडीए के राज्यसभा उम्मीदवार इस लोकतांत्रिक चुनाव को जीतने के लिए खरीद-फरोख्त कर रहे हैं, जो एक अपराध है।”उन्होंने कहा कि भाजपा पहले भी हमारी पार्टी के चार विधायकों को खरीद चुकी थी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता ने विश्वास के साथ चुना था, लेकिन अब वही लोग पैसे के लिए अपने सिद्धांत और चरित्र से समझौता कर रहे हैं, जिसे किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता है।
