Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव 2026 की तारीकों का ऐलान हो गया है. चुनाव आयोग ने आज यानी बुधवार को 10 राज्यों की राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी. राज्यसभा की ये सीटें अप्रैल 2026 में खाली होने वाली हैं और 10 राज्यों से जुड़ी हैं. राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को वोटिंग है और नतीजे भी उसी दिन आएंगे. कुल 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में 233 चुने जाते हैं, और ये चुनाव छह साल के चक्र का हिस्सा हैं. चुनाव आयोग ने पहले ही इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर्स की नियुक्ति के लिए पत्र भेज दिए थे. चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी किया है. राज्यसभा चुनाव का नोटिफिकेशन 26 फरवरी 2026 को जारी होगा. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च 2026 है. नामांकनों की जांच 6 मार्च को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 मार्च 2026 है. राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग 16 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगी. इसके बाद रिजल्ट की बारी आएगी. मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे शुरू होगी. चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख 20 मार्च 2026 है. ये चुनाव राज्य विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा कराए जाते हैं. इसलिए विधायकों की संख्या और पार्टियों की ताकत पर निर्भर करेंगे.245 सदस्यों वाली राज्यसभा में 233 चुने जाते हैं। चुनाव आयोग ने पहले ही इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर्स की नियुक्ति के लिए पत्र भेज दिए हैं।
राज्यसभा चुनाव का पूरा कार्यक्रम
नोटिफिकेशन जारी: 26 फरवरी 2026
नामांकन की आखिरी तारीख: 5 मार्च 2026
नामांकन की जांच (Scrutiny): 6 मार्च 2026
नाम वापसी की अंतिम तारीख: 9 मार्च 2026
मतदान (Polling): 16 मार्च 2026 (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
मतगणना (Counting): 16 मार्च 2026, शाम 5 बजे
चुनाव पूरा करने की अंतिम तारीख: 20 मार्च 2026
किन राज्यों की हैं ये सीटें
राज्यसभा की कुल 37 सीटें 10 राज्यों से खाली हो रही हैं. महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा 7 सीटें, तमिलनाडु और बिहार से 6-6, पश्चिम बंगाल से 5, ओडिशा से 4, असम से 3, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा से 2-2, जबकि हिमाचल प्रदेश से 1 सीट. ये सीटें अप्रैल में रिटायर हो रहे सदस्यों की वजह से खाली होंगी. महाराष्ट्र में शरद पवार जैसे दिग्गज नेताओं की सीटें भी शामिल हो सकती हैं, जहां उन्होंने दोबारा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. महाराष्ट्र में 288 विधायकों वाली विधानसभा में एक राज्यसभा सीट के लिए 37 वोट चाहिए, जिससे यहां कड़ा मुकाबला होने की संभावना है.
जिन राज्यों की सीटें खाली हो रही हैं
महाराष्ट्र: 7 सीटें
ओडिशा: 4 सीटें
तमिलनाडु: 6 सीटें
पश्चिम बंगाल: 5 सीटें
असम: 3 सीटें
बिहार: 5 सीटें
छत्तीसगढ़: 2 सीटें
हिमाचल: 1
तेलंगाना: 2
हरियाणा: 2
महाराष्ट्र से कौन-कौन हो रहे रिटायर
डॉ. भगवत किशनराव कराड (02.04.2026)
डॉ. (श्रीमती) फ़ौज़िया तहसीन अहमद खान
प्रियंका विक्रम चतुर्वेदी
शरदचंद्र गोविंदराव पवार
धैर्यशील मोहन पाटिल
रजनी अशोकराव पाटिल
रामदास बंदू अठावले
ओडिशा:
ममता मोहंता
मुज़िबुल्ला खान
सुजीत कुमार
निरंजन बिशी
तमिलनाडु
एन.आर. एलंगो
पी. सेल्वारासु
एम. थम्बिदुरई
तिरुची सिवा
डॉ. कनिमोझी एन.वी.एन. सोमू
जी.के. वासन
पश्चिम बंगाल
साकेत गोखले
ऋतब्रत बनर्जी
बिकाश रंजन भट्टाचार्य
मौसम नूर (05.01.2026 से रिक्त)
सुब्रत बक्शी
असम
रामेश्वर तेली (09.04.2026)
भुवनेश्वर कलिता
अजीत कुमार भुइयां
बिहार
अमरेंद्र धारी सिंह
प्रेम चंद गुप्ता (09.04.2026)
रामनाथ ठाकुर
उपेन्द्र कुशवाहा
हरिवंश नारायण सिंह
छत्तीसगढ़
कवि तेजपाल सिंह तुलसी (09.04.2026)
फूलो देवी नेताम
हरियाणा
किरण चौधरी (09.04.2026)
राम चंदर जांगड़ा
हिमाचल प्रदेश
इंदु बाला गोस्वामी (09.04.2026)
तेलंगाना
डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी (09.04.2026
के.आर. सुरेश रेड्डी
कैसे होता है राज्यसभा का चुनाव
भारत में राज्यसभा संसद का ऊपरी सदन होता है, जिसे हमें Upper house के नाम से जानते हैं। भारत में राज्यसभा में हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। ऐसे में इन खाली सीटों को भरने के लिए चुनाव कराए जाते हैं।हालांकि, इस चुनाव में लोकसभा की तरह सीधे जनता द्वारा सांसदों को नहीं चुना जाता है, बल्कि इसमें राज्य की विधानसभाओं का अहम किरदार होता है। विधानसभा सदस्य उम्मीदवारों को वोट देकर राज्यसभा तक पहुंचाते हैं। हालांकि, यहां सभी विधानसभा सदस्यों के पास वोटिंग का अधिकार नहीं होता है। क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी और प्रक्रिया, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
राज्यसभा चुनाव में विधानसभा सदस्यों द्वारा ही वोटिंग की जाती है। इसके लिए सभी राज्यों की विधानसभा और केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा सदस्यों द्वारा भी वोटिंग की जाती है। हालांकि, यह चुनाव, चुनाव आयोग द्वारा कराए जाते हैं, जिसे लेकर पूरा शेड्यूल जारी किया जाता है।
कौन दे सकता है वोट
राज्यसभा सदस्यों के लिए वोट करने का अधिकार सिर्फ विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों के पास होता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस चुनाव में विधानसभा के मनोनित सदस्य और विधान परिषद के सदस्य मतदान नहीं कर सकते हैं।
क्या होती है चुनाव की प्रक्रिया
राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष चुनाव होता है, जिसमें एक हंस्तारणीय वोट प्रणाली अपनाई जाती है। इसमें विधायक उम्मीदवार को मतपत्र के माध्यम से अपने अनुसार 1,2 या 3 रैकिंग प्रदान करते हैं। आपको बता दें कि साल 2003 के बाद से विधायक को अपना वोट डालने के बाद अपनी पार्टी के एजेंट को दिखाना होता है, जो कि ओपन बैलेट की व्यवस्था के तहत लागू है। हालांकि, यहां निर्दलीय विधायक को ऐसा नहीं करना होता है।
कैसे होती है जीत सुनिश्चित
राज्यसभा उम्मीदवार को सांसद सदस्य बनने के लिए एक निश्चित संख्या में वोटिंग चाहिए होती है, जिसे कोटा कहते हैं।
