भोपाल ; मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित किसान महा-चौपाल में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी कैबिनेट से बिना पूछे ट्रंप को फोन किया और ट्रेड डील कर डाली. उन्होंने देश के किसानों को बेच दिया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ पर रोक लगाई है, अब अगर मोदी में हिम्मत है तो वो ट्रेड डील रद्द करके दिखाएं. अपने भाषण में उन्होंने चीन के मुद्दे का भी जिक्र किया. आइए जानते हैं उन्होंने किस मुद्दे पर क्या कहा.
इतिहास में पहली बार लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया
किसान महा-चौपाल को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद पहला स्पीकर नेता प्रतिपक्ष होता है. ये हर साल होता है. देश के इतिहास में पहली बार लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया. मैंने बोलना शुरू किया तो मुझे रोका गया. मैंने नरवणे जी की किताब का जिक्र किया तो मुझे रोका गया. उन्होंने अपनी किताब लिखा है कि चीन के टैंक भारत की बाउंड्री में आ रहे थे तो उन्होंने राजनाथ सिंह को फोन किया, जिन्होंने जवाब नहीं दिया.
अजीत डोभाल और जयशंकर ने उन्हें जवाब नहीं दिया
राहुल ने कहा, इसके बाद नरवणे ने अजीत डोभाल को बताया, उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद जयशंकर को फोन किया और बताया कि चीन के टैंक अंदर आ रहे हैं मुझे क्या करना है, उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया. वो सवाल इसलिए पूछ रहे थे क्योंकि चीन की सेना को जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री से पूछना पड़ता है. कांग्रेस सांसद ने कहा, चीन की आर्मी अंदर आ रही थी और आर्मी चीफ को जवाब नहीं मिल रहा था. इसके बाद राजनाथ सिंह ने पीएम को फोन किया. रक्षा मंत्री से पीएम कहते हैं कि आर्मी चीफ को बताओ कि जो वो उचित समझें वो करें. आर्मी चीफ अपनी किताब में लिखते हैं, उस दिन मुझे देश के प्रधानमंत्री ने अकेला छोड़ दिया. आर्मी चीफ को जब ऑर्डर देने का समय आया तो हमारे पीएम गायब हो गए. ये तो शुरुआत थी. संसद में ये बोलने की मैं कोशिश कर रहा था, मुझे बोलने नहीं दिया गया. जैसे मैंने बोलना शुरू किया, पीएम ने अमित शाह की ओर देखा और वो खड़े हो गए, मुझे बोलने नहीं दिया गया.
4 महीने से समझौता क्यों रुका हुआ था?
राहुल गांधी ने कहा, मैं किताब लेकर पहुंचा तो कहा गया कि किताब को कोट नहीं कर सकते. मजे की बात ये है कि मैंने नरवणे जी की बात कर रहा था. बैकग्राउंड में एक चीज चल रही थी. 4 महीने के लिए भारत और अमेरिका का समझौता रुका हुआ था. क्यों रुका था… कृषि के मामले पर रुका था. सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियां सोया, कपास और मक्का हिंदुस्तान में बेच पाएं. कोई किसान भी नहीं चाहता. चार महीने चर्चा बंद थी.
राहुल ने कहा, मैंने भाषण दिया, जिसमें मैं सिर्फ नरवणे जी की बात नहीं करना चाहता था. मैं दो-तीन चीजें और कहना चाहता था. मेरा भाषण खत्म होते ही शाम को पीएम मोदी ने बिना कैबिनेट से पूछे उसी दिन ट्रंप को फोन किया. ट्रंप ने ट्वीट किया और कहा कि मोदी ने मुझे फोन किया है और बताया कि डील साइन करने के लिए तैयार हूं. ये डील चार महीने रुकी थी, लोकसभा से मोदी भागकर गए, अगले दिन झूठा बहाना बनाया कि कांग्रेस पार्टी की महिलाएं उन पर हमला करना चाहती थीं. फिर ट्रंप को फोन लगाया. शिवराज चौहान से पूछिए… क्या पीएम ने उनकी राय ली. उन्होंने ऐसा क्यों किया? एकदम से हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया. हमारा सारा का सारा डेटा अमेरिका को दे दिया.
बीजेपी और मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर हैं अडानी
उन्होंने कहा, इसका पहला कारण ये है कि अमेरिका में एपस्टीन की 30 लाख फाइल पड़ी हैं. लाखों फाइलों के ईमेल, मैसेज, वीडियो अभी तक रिलीज नहीं किए गए हैं. अमेरिका ने मोदी सरकार को धमकाने के लिए हरदीप पुरी का नाम रिलीज कर दिया है. मैसेज साफ था कि अगर हमारी बात नहीं सुनी तो फाइलों में से सबूत निकलेगा. दूसरा कारण ये है कि अडानी पर अमेरिका में क्रिमिनल केस है, वो अमेरिका नहीं जा सकते. अडानी, बीजेपी और नरेंद्र मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर हैं. ऐसे में ये केस अडानी पर नहीं, नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर है.
अनिल अंबानी के साथ क्या रिश्ता
वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि अनिल अंबानी मेरा दोस्त नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनिल अंबानी का रिश्ता क्या है। उस फाइल में अनिल अंबानी और हरदीप पूरी का नाम है। उन्होंने कहा कि दूसरा कारण अदाणी है। यह कोई मामूली कंपनी नहीं है। यह उनका पूरा फाइनेंसियल स्ट्रक्चर है। दूसरी धमकी है कि अदाणी पर क्रिमिनल केस दर्ज है। वह अमेरिका और यूरोप में नहीं जा सकते हैं। उन्हें पकड़कर अंदर डाल देंगे।
इन दो कारणों से किया डील
उन्होंने कहा कि अमेरिका लक्ष्य अदाणी नहीं, नरेंद्र मोदी हैं। राहुल गांधी ने कहा कि वह तीर नरेंद्र मोदी की ओर मारा जा रहा है। इन्हीं दो कारणों से नरेंद्र मोदी पार्लियामेंट से भागकर निकले और ट्रंप को फोनकर कहा कि मैं साइन करने को तैयार हूं। उन्होंने देश को बेच दिया है। यह बीजेपी और आरएसएस कार्यकर्ताओं के दिल में भी है।इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की आंखों में आंख डालकर देखिए, उनकी आंखों में कंप्रोपाइज दिखेगा। उन्हें फंसा दिया गया है। ये डील नहीं किसानों के दिल में तीर है। सुप्रीम कोर्ट ने बाकी देशों पर ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है। इसके बाद अन्य देशों ने कहा कि हम भी डील रद्द कर रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला।
डील रद्द करने का चैलेंज
राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को चैलेंज किया है कि दम है तो आप अमेरिका और यूएस डील को रद्द करके दिखा दीजिए। लेकिन ये नहीं कर सकते हैं। इनके सिर के ऊपर एपस्टीन का डर और अदाणी की गिरफ्तार का तलवार है। उन्होंने कहा कि आपके डेटा के बिना अमेरिका चाइना का मुकाबला नहीं कर सकता है। नरेंद्र मोदी ने सारा डेटा अमेरिका के हवाले कर दिया है।उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी नहीं बच सकते हैं। उन्हें कोई शक्ति नहीं बचा सकती है। राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से कहा कि आपको डरना नहीं है। किसी से डरने की जरूरत नहीं है।
