राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला है. पीएम मोदी ने कहा, टीएमसी के साथियों ने काफ़ी कुछ कहा, लेकिन वे ख़ुद भी अपने गिरेबान में देखें. निर्मम सरकार के जितने मापदंड हैं, उन सबमें वो नए-नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और यहां उपदेश दे रहे हैं. ऐसी निर्मम सरकार के कारण वहां के लोगों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है. लेकिन इनको कोई परवाह नहीं है. सत्ता सुख के अलावा कोई आकांक्षा नहीं है. दुनिया का हर समृद्ध देश अपने यहां से ग़ैरकानूनी नागरिकों को बाहर निकाल रहा है. जबकि हमारे देश में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर भी दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि मेरे देश का नौजवान ऐसे लोगों को कैसे माफ़ करेगा, जो घुसपैठियों की वकालत कर रहे हैं. घुसपैठिये नौजवानों के हक़ छीन रहे हैं, उनकी रोज़ी-रोटी छीन रहे हैं, आदिवासियों की ज़मीन छीन रहे हैं. जिनको सत्ता नीति के अलावा कुछ करना नहीं, वे यहां आकर हमें उपदेश दे रहे हैं.
टीएमसी के साथियों ने काफ़ी कुछ कहा, लेकिन वे ख़ुद भी अपने गिरेबान में देखें
पीएम मोदी ने कहा, टीएमसी के साथियों ने काफ़ी कुछ कहा, लेकिन वे ख़ुद भी अपने गिरेबान में देखें. निर्मम सरकार के जितने मापदंड हैं, उन सबमें वो नए-नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और यहां उपदेश दे रहे हैं.ऐसी निर्मम सरकार के कारण वहां के लोगों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है. लेकिन इनको कोई परवाह नहीं है. सत्ता सुख के अलावा कोई आकांक्षा नहीं है.दुनिया का हर समृद्ध देश अपने यहां से ग़ैरकानूनी नागरिकों को बाहर निकाल रहा है. जबकि हमारे देश में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर भी दबाव बनाया जा रहा है.उन्होंने आगे कहा कि मेरे देश का नौजवान ऐसे लोगों को कैसे माफ़ करेगा, जो घुसपैठियों की वकालत कर रहे हैं. घुसपैठिये नौजवानों के हक़ छीन रहे हैं, उनकी रोज़ी-रोटी छीन रहे हैं, आदिवासियों की ज़मीन छीन रहे हैं. जिनको सत्ता नीति के अलावा कुछ करना नहीं, वे यहां आकर हमें उपदेश दे रहे हैं.गौरतलब है कि बुधवार को ही टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि विशेष मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समावेशी प्रक्रिया नहीं है. उन्होंने इसे विभाजनकारी बताते हुए कोर्ट से कहा “कृपया हमारे लोकतंत्र को बचा लें.
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया का वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया का वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है और झुकाव भारत की तरफ़ है.उन्होंने कहा “आज दुनिया संभल नहीं पा रही है. ऐसे में साफ़-साफ़ नज़र आ रहा है कि दुनिया एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की ओर बढ़ रही है. दूसरे विश्व युद्ध के बाद जो वर्ल्ड ऑर्डर बना, वह अब बदल रहा है. सारी घटनाओं का ग़ैर राजनीतिक और निष्पक्ष भाव से विश्लेषण करें तो झुकाव भारत की तरफ़ है.विश्वमित्र और विश्वबंधु के रूप में आज भारत अनेक देशों का विश्वस्त साझेदार बना है. हम कंधे से कंधा मिलाकर विश्व कल्याण में उचित भूमिका निभा रहे हैं. आज पूरा विश्व ग्लोबल साउथ की चर्चा करता है. लेकिन उस चर्चा के सूत्रधार के रूप में आज भारत वैश्विक मंचों पर ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज़ बन गया है.उन्होंने हाल में हुई ट्रेड डील्स पर कहा, “अनेक देशों के साथ भारत फ़्यूचर रेडी ट्रेड डील्स कर रहा है. पिछले कुछ ही समय में हमारी 9 बड़ी ट्रेड डील हुई हैं. इसमें मदर ऑफ़ ऑल डील्स भी है, जो एक साथ 27 यूरोपीय देशों के साथ हुई है. पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “जो लोग थक गए या यहां से चले गए, उन्हें कभी न कभी तो जवाब देना पड़ेगा कि देश की हालत कैसी थी कि दुनिया का कोई देश हमसे डील करने नहीं आता था. आपने कोशिश की होगी, पीछे-पीछे चक्कर लगाए होंगे. लेकिन किसी ने आपकी तरफ़ देखा तक नहीं.
पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले- ‘उन्होंने सिखों का अपमान किया है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने उस वाक़ये का ज़िक्र किया, जब राहुल गांधी ने कांग्रेस छोड़ भाजपा में गए केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहा था.पीएम मोदी ने कहा, “कल जो घटना घटी, इसी सदन के एक सांसद (राहुल गांधी) ने उनको (रवनीत सिंह बिट्टू) गद्दार कह दिया. कांग्रेस को छोड़कर कितने ही लोग गए गए, कितने ही टुकड़े हुए, लेकिन पहले तो किसी को गद्दार नहीं कहा.लेकिन कल उन्होंने एक सांसद को इसलिए गद्दार कहा क्योंकि वे सिख थे. यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था. कांग्रेस में सिखों के प्रति नफ़रत भरी पड़ी है, ये उसकी अभिव्यक्ति थी.उन्होंने आगे कहा, “उन्हें इसको लेकर ज़रा भी दर्द नहीं है, वरना आज खड़े होकर कह सकते थे कि कल जो हुआ वह संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं था, हमें खेद है. एक शब्द तो बोल देते. लेकिन सिखों के प्रति उनमें नफ़रत है. उन्होंने अपने राजनीतिक विचारों में परिवर्तन किया इसलिए गद्दार हो गए? गद्दार शब्द छोटा नहीं है, मेरे देशवासी को कोई गद्दार कहे, ये देश कैसे सहन करेगा. बहुत दुर्भाग्य की बात है कि गद्दार सिर्फ़ इसलिए कहा गया क्योंकि वे सिख थे. गौरतलब है कि यह घटना बुधवार की है, जब राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की ओर हाथ बढ़ाते हुए कहा ‘हैलो माय ट्रेटर फ्रेंड’. बिट्टू ने राहुल गांधी से हाथ मिलाने से इनकार करते हुए उनकी तरफ़ इशारा किया और उन्हें ‘देश के दुश्मन’ कहकर संबोधित किया.
विपक्षी सदस्यों ने की नारेबाजी
पीएम मोदी के संबोधन के दौरान विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि तानाशाही नहीं चलेगी, एलओपी को बोलने दो। विपक्ष की नारेबाजी पर पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि खरगे जी की उम्र को देखते हुए बैठकर नारेबाजी की इजाजत दी जानी चाहिए। राज्सभा सभापति ने विपक्षी सदस्यों से हंगामा नहीं करने की अपील की। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने वॉकआउट किया।
मोदी की स्पीच की 5 बड़ी बातें…
1. कांग्रेस के पीएम के पास सोच नहीं थीः लालकिले से दिए कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के भाषण का एनालिसिस कर लीजिए। इससे पता चल जाएगा कि उनके पास कोई विजन नहीं था। हमारी काफी ताकत उनकी गलतियों को सुधारने में लग रही है। उस दौर में दुनिया के मन में हमारी जो इमेज बनी थी, उसे मिटाने में बहुत मेहनत लगती है।
2. देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हैः आज देश नीति के आधार पर चल रहा है। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए हम आगे बढ़ चले हैं। सच्चाई यह है कि देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर विश्व से प्रतिस्पर्धा करने को तैयार है। MSME का नेटवर्क जितना बढ़ा है, दुनिया का भरोसा भी बढ़ रहा है।
3. ईयू और अमेरिका से ट्रेड डील गर्व का विषयः आज भारत अनेक देशों के साथ ट्रेड डील कर रहा है। पिछले कुछ समय में हमने दुनिया के 9 बड़े और महत्वपूर्ण देशों के साथ ट्रेड डील साइन की हैं। एकसाथ 27 देशों के साथ डील की हैं। इसमें यूरोपियन यूनियन और अमेरिका से डील भी शामिल है। इनके (कांग्रेस) के समय डील बोफोर्स थी। आज डील गर्व का विषय है।
4. नेहरू ने शुरुआत कराई, उद्घाटन कियाः कांग्रेस की इम्प्लीमेंट नीति की मिसाल देना चाहता हूं। गुजरात के लिए जब नर्मदा डैम की योजना बनाई गई, तब मैं पैदा भी नहीं हुआ था। सरदार पटेल के निधन के बाद नेहरूजी ने इसकी शुरुआत कराई। कमाल की बात है कि जब मैं प्रधानमंत्री बना, तब इसका उद्घाटन किया। मैंने सीएम रहते हुए इस डैम के लिए 3 दिन तक अनशन किया। किसानों के लिए मैंने अपने आपको दांव पर लगा दिया था।
5. आज NPA 1% से नीचेः 2014 से पहले नेता के फोन जाते थे और उनके आधार पर लोन देते थे। गरीब, बैंक के दरवाजे तक भी नहीं जा पातेथे। कांग्रेस राज में बैंकिंग सेक्टर तबाही के कगार पर था। मैं पीएम बना तो बैंकों को भरोसे में लिया। आज नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) 1% से भी नीचे है। बैंकों का प्रॉफिट रिकॉर्ड पर है।
लोकसभा में बिना भाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पारित
लोकसभा ने बृहस्पतिवार को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा का प्रधानमंत्री द्वारा सदन में जवाब देने की परंपरा है, लेकिन गतिरोध की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जवाब लोकसभा में नहीं हुआ और प्रस्ताव को पारित कर दिया गया। कांग्रेस ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने को लेकर सवाल उठाए
