नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों को एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है. उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे मौजूदा स्थिति को लेकर घबराहट पैदा करने वाली कोशिशों पर बारीकी से निगरानी करें. पीएम ने सोशल मीडिया पर विपक्ष के कथित प्रोपेगैंडा का आक्रामक तरीके से और पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब देने की सलाह दी है. प्रधानमंत्री के मुताबिक यह चुनौती सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है बल्कि वैश्विक घटनाक्रमों की वजह से पूरी दुनिया ऐसे ही हालातों का सामना कर रही है. उन्होंने कहा कि भारत की तैयारियां इस स्थिति से निपटने के लिए बेहद मजबूत हैं और सरकार किसी भी बाधा को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है.
सरकार ने आश्वासन दिया है कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है। लेकिन, पैनिक बुकिंग बढ़ी है। ऑयल मिनिस्ट्री ने गुरुवार को यह अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि भारत ने एलपीजी की चिंताओं के बीच राज्यों को 40,000 किलोलीटर एक्स्ट्रा केरोसिन दिया है। सुजाता शर्मा की यह प्रतिक्रिया लोकसभा में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की ओर से इस मसले पर बताई गई स्थिति के बाद आई। देश में एलपीजी की उपलब्धता का जिक्र करते हुए कहा, ‘किसी भी तरह की कमी की कोई खबर नहीं है।’ हालांकि, उन्होंने कहा कि बुकिंग बढ़ी है क्योंकि संभावित रुकावटों की चिंताओं के बीच कंज्यूमर सप्लाई सुरक्षित करने के लिए दौड़ रहे हैं। इस बढ़ोतरी को किसी असली कमी का नतीजा नहीं बल्कि पैनिक से प्रेरित बताया।भारत अपनी लगभग 60% एलपीजी इंपोर्ट करता है। इसमें से लगभग 90% सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच इससे मुश्किल स्थिति पैदा हो रही है।इसके पहले पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने भी संसद को भरोसा दिलाया है कि भारत की फ्यूल सप्लाई सुरक्षित है। इसके बावजूद कि होर्मुज स्ट्रेट को इतिहास में पहली बार कमर्शियल शिपिंग के लिए बंद कर दिया गया है।
पैनिक खरीद पर कही ये बात
पैनिक बाइंग को लेकर चिंताओं पर बात करते हुए पुरी ने साफ किया, ‘पेट्रोल, डीजल, केरोसिन की कोई कमी नहीं है। फ्यूल रिटेल आउटलेट्स में पूरा स्टॉक है। सप्लाई चेन नॉर्मल तरीके से चल रही हैं।हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को संसद को ताजा स्थितियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आधुनिक ऊर्जा इतिहास में विश्व ने इस प्रकार के संकट का सामना पहले कभी नहीं किया। आज से 13 दिन पहले ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच सैन्य अभियान के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने का मार्ग बाधित हुआ। इसके जरिये विश्व का 20 फीसदी कच्चा तेल, 20 फीसदी प्राकृतिक गैस और 20 फीसदी एलपीजी प्रवाहित होती है।उन्होंने बताया कि पहली बार हॉर्मुज को व्यावसायिक जहाजरानी के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है। हालांकि, भारत की इस संघर्ष को पैदा करने में कोई भूमिका नहीं है। लेकिन, अनेक देशों की तरह भारत को भी इसके परिणामों से निपटना है।
अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति को बताया बेहतर
पुरी ने बताया कि अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर है। हमारे पड़ोस के एक देश ने सभी विद्यालय दो सप्ताह के लिए बंद कर दिए हैं। सरकारी कार्यालयों में चार दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया है। 50 फीसदी सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है। सरकारी वाहनों के लिए ईंधन भत्ता आधा कर दिया है। 60 फीसदी सरकारी वाहनों को सड़क से हटा लिया है।उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि इस देश ने अपने इतिहास की सबसे बड़ी एकल ईंधन मूल्य वृद्धि का अनुभव किया है, जहां एक सप्ताह में पेट्रोल लगभग 20 फीसदी महंगा हो गया है। एक अन्य पड़ोसी देश ने ईंधन बचाने के लिए विश्वविद्यालयों को जल्दी बंद कर दिया है। ईद-उल-फित्र की छुट्टी को आगे कर दिया है। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को भी ऊर्जा राशनिंग और संरक्षण उपाय अपनाने पड़े हैं।
भारत के उपायों का किया जिक्र
एलपीजी मुद्दे पर पुरी ने कहा कि भारत पहले अपनी जरूरत का लगभग 60 फीसदी कतर, यूएई, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आयात करता था। 40 फीसदी घरेलू स्तर पर उत्पादित होता था। अब खरीद को सक्रिय रूप से डायवर्सिफाई किया गया है। खाड़ी देशों के अलावा अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से कार्गो प्राप्त किए जा रहे हैं।8 मार्च 2026 को जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश ने सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम और पूरा उत्पादन घरेलू कुकिंग गैस के लिए देने का निर्देश दिया। नतीजतन, पिछले 5 दिनों में रिफाइनरी निर्देशों के माध्यम से एलपीजी उत्पादन में 28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। आगे की खरीद सक्रिय रूप से जारी है।पैनिक बुकिंग पर स्थिति साफ करते हुए पुरी ने कहा कि कुछ इलाकों में बुकिंग का दबाव डिमांड बिगड़ने को दिखाता है। उत्पादन और सप्लाई से इसका लेनादेना नहीं है।डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड कवरेज 50 फीसदी से बढ़ाकर 90 फीसदी उपभोक्ताओं तक की जा रही है। मांग प्रबंधन उपाय के रूप में शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम 25 दिन और ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में 45 दिन का बुकिंग अंतराल लागू किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि व्यावसायिक एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए रेगुलेट किया गया है, न कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को दंडित करने के लिए। कमर्शियल एलपीजी पूरी तरह विनियंत्रित, ओवर-द-काउंटर बाजार में बिना किसी सरकारी सब्सिडी के बाजार मूल्य पर बेची जाती है। कोई पंजीकरण प्रणाली नहीं है, कोई बुकिंग जरूरत नहीं है।
