बिहार के दरभंगा में पीएम मोदी को अपशब्द कहने के मामले में प्रधानमंत्री ने भावुक प्रतिक्रिया दी. इसे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने इमोशनल ब्लैकमेलिंग करार दिया.पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पीएम मोदी का बयान पर प्रतिक्रिया दी. पप्पू यादव ने कहा कि- जब वोट की बारी आती है तो इमोशनल ब्लेकमेलिंग करते हैं. क्योंकि उनके पास मुद्दे नहीं हैं. राजनीति में कोई मां का सौदा करता है क्या? जिनको मां के बारे में समझ नहीं है वो जाहिल हैं. मोदी जी गुजरात के दंगे में मां-बेटी ही थी. बिलकिस बानो बलात्कार केस भूल गये क्या? पुलवामा-पहलगाम के शहीदों की बेटी का न्याय बाकी है. आपने बिहार के DNA पर बोला था. अनुराग ठाकुर ने बोला था सदन में जाति का पता नहीं है यानि बाप का पता नहीं है, लेकिन राहुल ने कुछ नहीं बोला. मां सिर्फ मोदी की ही होगी. जब देश बांटा जाता है तब याद नहीं आती. सोनिया गांधी को आपने कितनी गालियां दीं. क्या वो याद नहीं है? आपकी मां मेरी भी मां हैं. वो राहुल गांधी का मंच नहीं था, जिसने भी मां को गाली दिया वो जाहिल, जल्लाद था, लेकिन क्या पागल कुत्ते हाथी पर गोली नहीं चलाई जा सकती. वो सिरफिरा था. इनको मां का पता कहां है? मोदी जी मां पर राजनीति मत करिए. बिहार के DNA पर आपने क्या बोला ये बता दीजिए. महिला विरोधी आपने नीतीश पर बोला… अब उसके साथ मंच शेयर कर रहे हैं. राजनीति का स्तर इतना नीचे गिर गया है. अटल जी ने कभी इस स्तर की भाषा नहीं बोली. कभी किसी ने इतना नीचे गिर कर राजनीति नहीं की.
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी बीजेपी पर कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले सोनिया गांधी को ‘जर्सी गाय’ कहकर अपमानित किया था. अनवर ने यह भी दावा किया कि जिस मंच पर पीएम को अपशब्द कहे गए, उस समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी मौजूद नहीं थे. तारिक अनवर ने बीजेपी और आरएसएस नेताओं को आईना दिखाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “आप जैसा बोलोगे, वैसी ही प्रतिक्रिया की उम्मीद रखें.” सांसद ने बीजेपी सरकार को भी निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि यह सरकार चोरी से सत्ता में आई है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में नेताओं को जिम्मेदारी से बोलना चाहिए और दूसरों के सम्मान का ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे विवादों को ध्यान से देख रही है और नेताओं को यह समझना चाहिए कि उनकी भाषा और व्यवहार का असर सीधे जनता पर पड़ता है.
